नेशनल कॉन्फ्रेंस

उमर अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

अपने नेताओं की हेट स्पीच पर भाजपा का पैमाना अलग हो जाता है: उमर अब्दुल्ला

उमर अब्दुल्ला का यह बयान जम्मू कश्मीर के बांदीपोरा में पिछले साल ज़िला विकास परिषद चुनावों के दौरान एक रैली में कथित तौर पर ‘हेट स्पीच’ देने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता हिलाल लोन को यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किए जाने के बाद आया है.

उमर अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीरः उमर अब्दुल्ला का दावा- उन्हें और उनके परिवार को नज़रबंद किया गया

नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रविववार को एक ट्वीट में कहा, ‘अगस्त 2019 के बाद यह नया जम्मू कश्मीर है. हमें बिना कारण बताए हमारे घरों में क़ैद कर दिया गया है.’ वहीं श्रीनगर पुलिस का कहना है कि पुलवामा हमले की बरसी के चलते वीआईपी और अन्य लोगों की आवाजाही कम की गई है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला की 11.86 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त की

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू एवं कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में यह कार्रवाई की है. कुर्क की गईं संपत्तियों में फ़ारूक़ अब्दुल्ला का गुपकर रोड पर स्थित एक आवास भी है, जहां वह कई दशकों से रह रहे हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी जाएगी.

(फोटो: पीटीआई)

रोशनी क़ानून पर पुनर्विचार याचिका सुनने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, हाईकोर्ट से फ़ैसला लेने कहा

रोशनी क़ानून निरस्त करने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर पुनर्विचार याचिकाएं सुनने से मना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो समानांतर कार्यवाही नहीं चल सकतीं. सभी याचिकाकर्ताओं को पुनर्विचार करने वाली पीठ के पास जाना चाहिए और उच्च न्यायालय को इन सभी को सुनना चाहिए.

Srinagar: Security personnel stand guard during restrictions and strike called by separatists against Prime Minister Narendra Modi's visit to the state, at Lal Chowk, in Srinagar, on Saturday. (PTI Photo/S Irfan) (PTI5_19_2018_000049B)

जम्मू कश्मीर: क्या है रोशनी क़ानून और इसे लेकर विवाद क्यों मचा हुआ है

साल 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला सरकार सरकारी ज़मीन पर काबिज़ लोगों को उसका मालिकाना हक़ दिलाने के लिए रोशनी क़ानून लेकर आई थी. साल 2014 में कैग ने इसे 25 हज़ार करोड़ का घोटाला क़रार दिया. अब जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने रोशनी क़ानून को असंवैधानिक बताते हुए सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं.

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती. (फोटो: पीटीआई)

मुझे फ़िर से हिरासत में लिया गया, बेटी इल्तिजा भी नज़रबंदः महबूबा मुफ़्ती

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने आरोप लगाया है कि वह पार्टी की युवा इकाई के नेता वाहिद पर्रा के परिवार से मिलने पुलवामा जाने वाली थीं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें मंज़ूरी नहीं दी. वाहिद ने डीडीसी चुनाव में नामांकन दाख़िल किया था. आतंक से संबंधित एक मामले में एनआईए ने 25 नवंबर को उन्हें गिरफ़्तार किया है.

लद्दाख से भाजपा सांसद जामयांग शेरिंग नामग्याल. (फोटो: पीटीआई)

लद्दाख: नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन देने पर भाजपा सांसद ने कहा- स्थायी शासन के लिए ऐसा किया

लद्दाख के भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल की टिप्पणी ऐसे वक़्त में आई है जब भाजपा नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फ़ारूक़ अब्दुल्ला की अगुवाई वाले गुपकर गठबंधन को ‘गुपकर गैंग’ बोलकर हमला कर रही है. यह गठबंधन जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली और उसे फिर से पूर्ण राज्य बनाए जाने की मांग कर रहा है.

अल्ताफ अहमद वानी. (फोटो: फेसबुक//maltafkaloo)

नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व विधायक को दुबई जाने से रोका गया

पहलगाम से नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व विधायक अल्ताफ़ अहमद वानी ने बताया कि एक पारिवारिक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए उन्हें दुबई की फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया. गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि कश्मीर नेताओं की विदेश यात्रा पर लगे प्रतिबंध की दुर्भाग्य से केंद्रशासित प्रशासन द्वारा समीक्षा नहीं की गई थी, मगर अब की जा रही है.

फारुक अब्दुल्ला और करण थापर (फोटोः देवी दत्त)

अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए पर प्रधानमंत्री मोदी ने हमसे झूठ बोला: फ़ारूक़ अब्दुल्ला

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला का कहना है कि वे अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को दोबारा लागू करवाने और जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए आख़िरी सांस तक शांतिपूर्ण ढंग से लड़ेंगे.

Jammu: CRPF personnel stand guard during restrictions, at Raghunath Bazar in Jammu, Monday, Aug 05, 2019. Restrictions and night curfews were imposed in several districts of Jammu and Kashmir as the Valley remained on edge with authorities stepping up security deployment. (PTI Photo)(PTI8_5_2019_000091B)

जम्मू कश्मीर में कोई नज़रबंद नहीं, 223 लोग हिरासत में: केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने लोकसभा में बताया कि 29 जून 2018 से चार अगस्त 2019 के बीच 402 दिनों में जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की 455 घटनाएं हुई थीं, जबकि पांच अगस्त 2019 से नौ सितंबर 2020 के बीच 402 दिनों में ऐसी 211 घटनाएं हुईं.

श्रीनगर स्थित पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का मुख्यालय (फोटोः पीटीआई)

जम्मू कश्मीरः पीडीपी नेताओं का घर से बाहर न निकलने देने का आरोप, पार्टी की बैठक रद्द

सरकार द्वारा नेताओं के नज़रबंद होने और उनके आने-जाने पर पाबंदी न होने के दावों के उलट पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी की एक बैठक इसलिए रद्द करनी पड़ी क्योंकि पुलिस ने पार्टी नेताओं को घर से निकलने नहीं दिया. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह पीडीपी की पहली बैठक थी.

अपने साले सचिन पायलट और पिता फारूक अब्दुल्ला के साथ जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

भूपेश बघेल ने उमर अब्दुल्ला की रिहाई को पायलट की बगावत से जोड़ा, नाराज़ अब्दुल्ला करेंगे मुक़दमा

राजस्थान की सियासी खींचतान पर बात करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक अख़बार से कहा था कि उमर और महबूबा मुफ़्ती पर एक ही क़ानून की समान धाराएं लगाई गई थीं. मुफ़्ती अब भी हिरासत में हैं जबकि अब्दुल्ला बाहर हैं. क्या यह इसलिए है क्योंकि अब्दुल्ला सचिन पायलट के साले हैं?

नईम अख़्तर. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीरः पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के दो नेताओं पर लगा पीएसए हटा

पीडीपी नेता नईम अख़्तर और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता हिलाल लोन को पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के बाद प्रशासन ने हिरासत में लिया गया था. अब पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती मुख्यधारा की आख़िरी नेता हैं, जिन्हें पीएसए के तहत हिरासत में रखा गया है.

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता पर लगा पीएसए हटाया, रिहाई का आदेश

पिछले साल अगस्त में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के बाद प्रशासन ने राज्य के मुख्यधारा के कई नेताओं समेत राजनीतिक कार्यकर्ताओं को नज़रबंद कर दिया था या फिर हिरासत में ले लिया था. इनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव अली मोहम्मद सागर भी शामिल थे.

शाह फैसल. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: शाह फैसल और पीडीपी के दो नेताओं के ख़िलाफ़ लगा पीएसए हटाया गया

पिछले साल पांच अगस्त को केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त कर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के कुछ दिन बाद शाह फैसल को हिरासत में ले लिया गया था.