नोटबंदी

(फोटो: रॉयटर्स)

लोग 2,000 के नोटों की जमाखोरी में लगे हैं, इन्हें बंद कर देना सहीः पूर्व वित्त सचिव

पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने सरकार को 72 पेज का एक नोट लिखा है, जिसमें उन्होंने दो हज़ार रुपये के नोट को प्रचलन से बाहर करने, सरकारी कंपनियों का राष्ट्रीयकरण ख़त्म करने और निजीकरण को बढ़ावा देने समेत कई सुझाव दिए हैं.

रघुराम राजन (फोटो:रॉयटर्स)

बहुसंख्यकवाद और अधिनायकवाद भारत को अंधेरे रास्ते पर ले जा रहा है: रघुराम राजन

अमेरिका के ब्राउन विश्वविद्यालय में एक लेक्चर के दौरान पूर्व रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि बिना सोच-विचार के नोटबंदी लाने और बुरी तरह से जीएसटी लागू करने की वजह से भारत इस समय आर्थिक सुस्ती की दौर से गुजर रहा है.

हरीश साल्वे (फोटो साभार: बार एंड बेंच)

आर्थिक मंदी के लिए सुप्रीम कोर्ट ज़िम्मेदार: हरीश साल्वे

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने एक हालिया साक्षात्कार में कहा कि 2जी घोटाले, कोल ब्लॉक आवंटन और वोडाफोन मामले में दिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने विदेशी निवेशकों को डरा दिया है.

(फोटो: पीटीआई)

सरकार के दावों के उलट नोटबंदी के बाद नकली नोटों पर नहीं लगी लगाम, भारी बढ़ोतरी

रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2000 रुपये और 500 रुपये के नकली नोटों में क्रमश: 21.9 फीसदी और 221 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. वहीं 200 रुपये के नकली नोटों में 161 गुना की वृद्धि हुई.

(फोटो: रॉयटर्स)

साल 2018-19 में नकदी 17 फीसदी बढ़कर 21.1 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची: आरबीआई

नोटबंदी से पहले 4 नवंबर, 2016 तक 17.74 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा चलन में थी. इस तरह नोटबंदी से पहले की तुलना में नकद राशि यानि चलन में मुद्रा में करीब 19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

(फोटो: पीटीआई)

भारत का संप्रभु बॉन्ड से पैसा जुटाने का फैसला काफी जोख़िम भरा है

अगर केंद्र की मोदी सरकार को विदेशों से डॉलर में क़र्ज़ लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है तो इसके पीछे पिछले पांच वर्षों के दौरान पनपने वाले आर्थिक संकट का हाथ है.

People walk as a telecast of India's Finance Minister Nirmala Sitharaman presenting the budget is displayed inside the Bombay Stock Exchange (BSE) building in Mumbai, July 5, 2019. Image: Reuters/Francis Mascarenhas

बजट 2019 में महत्वाकांक्षाओं की कमी साफ दिखती है

जो लोग इस बजट से भाजपा के चुनावी वादों को पूरा करने के किसी रोडमैप की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें इस बजट में एक भी बड़ा विचार या कोई बड़ी पहल दिखाई नहीं दी. रोजगार सृजन और कृषि को फायदेमंद बनाने जैसे मसले पर चुप्पी हैरत में डालने वाली है.

(फोटो: पीटीआई)

नोटबंदी से पहले की तुलना में करीब 22 फीसदी नकदी बढ़ी

राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा दिए गए लिखित जवाब के मुताबिक नोटबंदी से पहले चार नवंबर, 2016 तक 17.97 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा प्रचलन में थी, लेकिन अब ये राशि बढ़कर 21.71 लाख करोड़ रुपये हो गई है.

विनायक दामोदर सावरकर. (फोटो साभार: ट्विटर/@VasundharaBJP)

राजस्थान सरकार ने बोर्ड की किताबों में सावरकर के नाम के आगे से ‘वीर’ हटाया

राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने इससे पहले भी सावरकर की जीवनी में बदलाव किया था और उन्हें वीर की जगह अंग्रेजों से माफी मांगने वाला बताया गया था.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: रॉयटर्स)

अर्थव्यवस्था में जान फूंकना मोदी सरकार की सबसे बड़ी चुनौती होगी

देश की कमज़ोर अर्थव्यवस्था के बीच प्रचंड जनादेश हासिल करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष कई बड़ी आर्थिक चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं.

हथकरघे पर काम करते परवेज अख्तर (फोटो: रिज़वाना तबस्सुम)

क्या बनारस में बुनकरों के लिए प्रधानमंत्री मोदी का अच्छे दिन लाने का वादा जुमला साबित हुआ?

ग्राउंड रिपोर्ट: नरेंद्र मोदी ने बनारस में बुनकरों से जुड़े कई वादे किए थे लेकिन पांच साल बाद स्थानीय बुनकर अच्छे दिनों के नारे और वादे के बीच ख़ुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.

राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा. (फोटो साभार: ट्विटर)

राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने कहा- किताबों से हटाया जाएगा नोटबंदी का पाठ

राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह दोतासरा ने कहा कि नोटबंदी सबसे असफल प्रयोग था. नोटबंदी के लिए प्रधानमंत्री ने जिन तीन उद्देश्यों- आतंकवाद, भ्रष्टाचार को खत्म करने और कालाधन को वापस लाने, का उल्लेख किया था, उन्हें हासिल नहीं किया जा सका.

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मीडिया बोल, एपिसोड 98: मोदी टाइम-कथा और ख़ान मार्केट गैंग!

मीडिया बोल की 98वीं कड़ी में उर्मिलेश टाइम पत्रिका द्वारा नरेंद्र मोदी पर की प्रकाशित ‘इंडियाज़ डिवाइडर इन चीफ’ शीर्षक की रिपोर्ट और उसके लेखक के पाकिस्तानी होने पर हुए विवाद पर वरिष्ठ पत्रकार बिराज स्वैन और सबा नकवी से चर्चा कर रहे हैं.

(फोटो: द वायर)

मोदी सरकार के पांच सालों में कितना स्वतंत्र रह पाया सुप्रीम कोर्ट

मोदी सरकार के पांच सालों के बाद सुप्रीम कोर्ट डरा हुआ, बंटा हुआ और कमज़ोर नज़र आता है, जो एक ताकतवर केंद्र सरकार को चोट पहुंचाने से बचता हुआ दिखता है.

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नोटबंदी के दौरान लाई गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के पैसे का क्या हुआ, सरकार को नहीं पता

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत व्यक्ति को अघोषित आय का 30 फीसदी की दर से कर, कर के राशि का 33 फीसदी सरचार्ज और अघोषित आय का 10 फीसदी जुर्माने के तौर पर देना था. इस योजना को दिसंबर 2016 से 10 मई 2017 तक के लिए लाया गया था.

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नोटबंदी के बाद से देश में 50 लाख लोगों की नौकरियां गईंः रिपोर्ट

रिपोर्ट में बताया गया है कि नौकरी खोने वाले इन 50 लाख लोगों में शहरी और ग्रामीण इलाकों के कम शिक्षित पुरुषों की संख्या अधिक है. पुरूषों की तुलना में महिला इससे अधिक प्रभावित हैं.

भाजपा नेता अजय अग्रवाल. (फोटो साभार: फेसबुक)

भाजपा नेता ने कहा, निष्पक्ष चुनाव हो तो 40 सीटों पर सिमट जाएगी पार्टी

भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अजय अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. साल 2014 में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने वाले अग्रवाल को पार्टी ने इस बार रायबरेली से टिकट नहीं दिया है.

Bulletin 4th april

द वायर बुलेटिन: केरल की वायनाड सीट से राहुल गांधी ने​ नामांकन दाख़िल किया

लोकसभा उपचुनाव में गोरखपुर सीट पर भाजपा को हराने वाले सांसद प्रवीण निषाद के भाजपा में शामिल होने समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

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नोटबंदी वाले साल में 88 लाख करदाताओं ने नहीं फाइल किया था इनकम टैक्स रिटर्न

साल 2016-17 में इनकम टैक्स रिटर्न दाख़िल नहीं करने वालों की संख्या 2015-16 में 8.56 लाख से 10 गुना बढ़कर 88.04 लाख हो गई. कर अधिकारियों का मानना है कि नोटबंदी की वजह से नौकरियों में कमी इसका कारण हो सकता है.

Bulletin 27th march

द वायर बुलेटिन: रघुराम राजन ने कहा, बिना रोजगार सृजन के सात फीसदी जीडीपी वृद्धि दर संदेह के घेरे में

मोदी के खिलाफ़ 111 किसान, भाजपा द्वारा उनकी मांगों को घोषणापत्र में शामिल करने के वादे समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

बसपा प्रमुख मायावती. (फोटो: पीटीआई)

कांग्रेस की ‘न्याय’ योजना पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा, कांग्रेस-भाजपा एक ही थाली के चट्टे-बट्टे

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि भाजपा का कांग्रेस पार्टी पर आरोप सही है कि उसकी गरीबी हटाओ 2.0 का नारा चुनावी धोखा है, लेकिन भाजपा खुद के अंदर भी झांके.

रघुराम राजन (फोटो:रॉयटर्स)

बिना रोजगार सृजन के सात फीसदी जीडीपी वृद्धि दर संदेह के घेरे में है: रघुराम राजन

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर उपजे संदेह को दूर करने के लिए एक निष्पक्ष समूह की नियुक्ति पर जोर दिया है.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ0 संजय निषाद, जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ0 संजय चौहान एवं राष्ट्रीय समानता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मोतीलाल कुशवाहा.

लोकसभा चुनाव के सपा-बसपा गठबंधन में निषाद पार्टी समेत तीन अन्य दल शामिल

लोकसभा चुनाव राउंडअप: राहुल गांधी ने सूरतगढ़ में एक सभा में कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव दो विचारधाराओं की लड़ाई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो हिंदुस्तान बनाने की कोशिश कर रहे हैं जिसमें एक हिंदुस्तान अमीरों का और दूसरा गरीबों का होगा.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

नोटबंदी से पहले की तुलना में 19.1 फीसदी बढ़ी नकदी

नोटबंदी से पहले 4 नवंबर, 2016 तक 17.97 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा प्रचलन में थी, लेकिन अब 19.44 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ ये राशि बढ़कर 21.41 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. यह दर्शाता है कि वित्तीय प्रणाली में नकदी वापस आ गई है.

भारतीय रिज़र्व बैंक ऑफिस दिल्ली (फोटो: रॉयटर्स)

नोटबंदी से पहले आरबीआई ने कहा था, नोट बैन से ख़त्म नहीं होगा काला धन: आरटीआई

आरटीआई से मिली जानकारी में सामने आया है कि आरबीआई निदेशक मंडल ने नोटबंदी प्रभाव को लेकर मोदी सरकार को आगाह करते हुए कहा था कि नोटबंदी से काले धन की समस्या पर कोई ठोस असर नहीं होगा.

A cashier counts currency notes inside a bank in the northern Indian city of Amritsar July 17, 2009. The Indian rupee pared most losses in afternoon trade on Friday as gains of more than 3 percent in the domestic equity market offset the demand for dollars from refiners and state-run firms.    REUTERS/Munish Sharma (INDIA BUSINESS)

पेट्रोल पंप आदि पर इस्तेमाल हुए 500-1000 रुपये के पुराने नोटों का आंकड़ा नहीं: रिज़र्व बैंक

नोटबंदी के बाद पेट्रोल पंप, सरकारी अस्पताल, रेल, सार्वजनिक परिवहन और बिजली-पानी आदि के बिल भुगतान के लिए पांच सौ और हज़ार रुपये के पुराने नोट देने की छूट दी गई थी. एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने बताया है कि इस तरह जमा हुए नोटों का कोई आंकड़ा नहीं है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi celebrating the Diwali with the jawans of  the Indian Army and BSF, in the Gurez Valley, near the Line of Control, in Jammu and Kashmir, on October 19, 2017.

किसानों को उल्लू बनाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं राष्ट्रवाद के नारे

ग्रामीण क्षेत्रों में न सिर्फ कृषि आय घटी है बल्कि इससे जुड़े काम करने वालों की मज़दूरी भी घटी है. प्रधानमंत्री मोदी कृषि आय और मज़दूरी घटने को जोशीले नारों से ढंकने की कोशिश में हैं.

FILE PHOTO: A security personnel member stands guard at the entrance of the Reserve Bank of India (RBI) headquarters in Mumbai, India, August 2, 2017. REUTERS/Shailesh Andrade/File Photo

आरटीआई के तहत नोटबंदी से जुड़ी जानकारी नहीं देने पर सीआईसी ने आरबीआई को लगाई फटकार

सूचना आयुक्त सुरेश चंद्रा ने जानकारी नहीं देने के कारण आरबीआई के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आरटीआई के तहत आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की उन सभी बैठकों से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी जिसके तहत नोटबंदी के निर्णय पर पहुंचा गया.

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

देश में रोज़गार विहीन वृद्धि से युवाओं में असंतोष बढ़ाः मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में रोज़गार का सृजन होने के बजाय रोज़गार के नुकसान वाली स्थिति बन गई है. ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के क़र्ज़ बढ़ रहे हैं और शहरी अव्यवस्था से भविष्य की बेहतर आकांक्षा रखने वाले युवाओं में असंतोष पैदा हो रहा है.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

नोटबंदी से जुड़ी मौतों की कोई सूचना नहीं है: प्रधानमंत्री कार्यालय

18 दिसंबर 2018 को तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया था कि नोटबंदी के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के तीन अधिकारी और इसके एक ग्राहक की मौत हो गई थी.

एस्सेल समूह और ज़ी समूह के संस्थापक सुभाष चंद्रा. (फोटो साभार: फेसबुक)

वित्तीय संकट में फंसे ज़ी समूह के संस्थापक सुभाष चंद्रा, पत्र लिखकर कहा- सबका क़र्ज़ चुकाऊंगा

एस्सेल और ज़ी समूह के संस्थापक सुभाष चंद्रा ने वित्तीय संकट के लिए बुनियादी ढांचा क्षेत्र पर आक्रामक तरीके से दांव लगाने और वीडियोकॉन का डी2एच कारोबार ख़रीदने के निर्णय को ज़िम्मेदार बताया.

सुभाष चंद्रा.

ज़ी न्यूज़ के संस्थापक और मालिक सुभाष चंद्रा ने क्यों सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है

सुभाष चंद्रा के एक पत्र से ज़ाहिर है कि उनकी कंपनी ​पर वित्तीय संकट मंडरा रहा है. सरकार के इतने क़रीब होने के बाद भी सुभाष चंद्रा लोन नहीं दे पा रहे हैं तो समझ सकते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था कितनी नाज़ुक हालत में है. इनके चैनलों पर मोदी के बिज़नेस मंत्रों की कितनी तारीफ़ें हुई हैं और उन्हीं तारीफ़ों के बीच उनका बिज़नेस लड़खड़ा गया.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi being felicitated by Bharatiya Janata Party leaders L K Advani, Party President Amit Shah, Rajnath Singh and Sushma Swaraj during BJP Parliamentary Party meeting, in New Delhi on Tuesday, July 31, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI7_31_2018_000025B)

2019 का चुनाव सिर्फ कांग्रेस ही नहीं संघ और भाजपा के बचे-खुचे नेताओं का भी अस्तित्व तय करेगा

संघ के लिए केंद्र में सत्ता मंज़िल की सीढ़ी है, अपने आप में मंज़िल नहीं. उसने भाजपा को दो से अस्सी सीट पर पहुंचाने वाले, राम मंदिर मुद्दे के पुरोधा लालकृष्ण आडवाणी को किनारे कर मोदी के लिए हामी भरने में कोई देरी नहीं की. वो कभी ऐसे किसी भी नेता को मंज़ूर नहीं करेगा जो उसकी विचारधारा और ताक़त से ज़्यादा कद्दावर दिखने लगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: एएनआई)

राम मंदिर पर फैसला आने के बाद सरकार की​ जो ज़िम्मेदारी होगी वह उसे पूरा करेगी: नरेंद्र मोदी

समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या मामले की सुनवाई में देरी के लिए कांग्रेस नेताओं को ज़िम्मेदार ठहराया.

Mumbai: A security person walks past the RBI Headquarters in Mumbai, Monday, November 19, 2018, ahead of a crucial board meeting of the Reserve Bank of India. (PTI Photo/Shashank Parade) (PTI11_19_2018_000067B)

रिज़र्व बैंक की स्वायत्तता की रक्षा कर अपना धर्म निभाए शक्तिकांत दास: आरबीआई के पूर्व गवर्नर

भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि नए गवर्नर शक्तिकांत दास आरबीआई की स्वायत्तता के साथ किसी भी तरह का समझौता किए बिना सरकार और रिज़र्व बैंक के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में सक्षम होंगे.