न्यायपालिका

जस्टिस अरुण मिश्रा.

जस्टिस अरुण मिश्रा के न्यायिक परंपराओं की अनदेखी की वजह उनका रूढ़िवादी नज़रिया है

जस्टिस अरुण मिश्रा द्वारा प्रार्थनास्थलों पर सरकार की नीति, अश्लीलता और लैंगिक न्याय को लेकर दिए गए फ़ैसले क़ानूनी पहलुओं से ज़्यादा उनके निजी मूल्यों पर आधारित नज़र आते हैं.

जस्टिस मदन बी. लोकुर. (फोटो: द वायर)

अभिव्यक्ति की आज़ादी दबाने के लिए राजद्रोह क़ानून का इस्तेमाल कर रही है सरकार: जस्टिस लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी. लोकुर ने एक कार्यक्रम में कहा कि बोलने की आज़ादी को कुचलने के लिए सरकार फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने के आरोप का तरीका भी अपना रही है. कोरोना के मामलों और इससे संबंधित अव्यवस्थाओं की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर फेक न्यूज़ देने के आरोप लगाए जा रहे हैं.

जस्टिस अरुण मिश्रा (फोटो: पीटीआई/रॉयटर्स)

जस्टिस अरुण मिश्रा के सुप्रीम कोर्ट के सबसे प्रभावशाली जज बनने की कहानी

भारत के राजनीतिक तौर पर सर्वाधिक संवेदनशील मामलों को अनिवार्य रूप से जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ को ही भेजा जाता था और देश के सर्वोच्च न्यायालय के चार वरिष्ठतम जज इसकी वजह जानने के लिए इतिहास में पहली बार मीडिया के सामने आए थे.

New Delhi: A roadside vendor sells the Tricolors at a traffic signal ahead of the Independence Day, during Unlock 3.0, in New Delhi, Saturday, Aug 8, 2020. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI08-08-2020 000113B)

हम पराधीनता से स्वाधीनता तक पहुंच गए, पर स्वतंत्रता तक पहुंचना अभी बाकी है

पेरियार ने कहा था, ‘हमें यह मानना होगा कि स्वराज तभी संभव है, जब पर्याप्त आत्मसम्मान हो, अन्यथा यह अपने आप में संदिग्ध मसला है.’ भारतीय संविधान की उद्देशिका बताती है कि भारत अब एक संप्रभु और स्वाधीन राष्ट्र है, लेकिन इसे अभी ‘स्वतंत्र’ बनाया जाना बचा हुआ है.

जस्टिस कुरियन जोसेफ (फोटो: पीटीआई)

संवैधानिक मूल्य और बहुसंख्यक विचार हमेशा एक समान नहीं होते: जस्टिस कुरियन जोसेफ

एक वेबिनार में ‘कोर्ट और संवैधानिक मूल्य’ विषय पर बोलते हुए जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा कि संवैधानिक संस्थानों की विश्वसनीयता कम हो गई हैं, क्योंकि यहां पदों पर बैठे लोगों के पास संविधान को बरक़रार रखने की हिम्मत नहीं है.

Justice Ranjan-gogoi PTI

‘जस्टिस गोगोई के राज्यसभा पहुंचने के बाद हर जज और उनके दिए फ़ैसले पर सवाल उठेंगे’

पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को राज्यसभा सदस्य के तौर पर मनोनीत करने की पूर्व न्यायाधीशों और विपक्षी दलों ने आलोचना की है. ऐसा भी कहा गया कि उन्हें सरकार को फायदा पहुंचाने के एवज में यह पद मिला है. इस बारे में पटना हाईकोर्ट की पूर्व जज अंजना प्रकाश से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

सीजेआई रंजन गोगोई (फोटो: पीटीआई)

चुनावी बॉन्ड मामले की सुनवाई कर चुके रंजन गोगोई को अब ये मामला याद नहीं

लोकसभा चुनाव के दौरान इस मामले को लेकर हो रही सुनवाई के दौरान तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली एक पीठ ने ही चुनावी बॉन्ड योजना पर रोक लगाने से मना कर दिया था.

Ranjan Gogoi ANI

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने राज्यसभा सांसद की शपथ ली, विपक्ष ने वॉक आउट किया

विपक्ष के सदन से वॉक आउट करने को क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अनुचित क़रार दिया. पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पिछले साल नवंबर में रिटायर हुए थे. उन्होंने अक्टूबर 2018 में देश के 46वें मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला था.

जस्टिस रंजन गोगोई और एयरमार्शल अंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई/bharat-rakshak dot com)

रिटायरमेंट के बाद गोगोई बंधुओं पर सरकार की मेहरबानी

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा राज्यसभा में नामित किए जाने से पहले बीती जनवरी में राष्ट्रपति ने उनके भाई सेवानिवृत्त एयरमार्शल अंजन गोगोई को नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल के पूर्णकालिक सदस्य के बतौर मनोनीत किया था, जबकि उन्होंने इस क्षेत्र में अधिक समय काम नहीं किया है.

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

राज्यसभा में रंजन गोगोई को नामित किए जाने पर पूर्व न्यायाधीशों और विपक्षी दलों ने की आलोचना

पूर्व न्यायाधीश कुरियन जोसफ सहित कई पूर्व न्यायाधीशों ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के राज्यसभा में मनोनयन पर कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पद लेना न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमतर करता है. विपक्षी दलों ने इसे केंद्र सरकार का निर्लज्ज कृत्य क़रार दिया.

पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

राष्ट्र निर्माण के लिए विधायिका और न्यायपालिका को साथ काम करना चाहिए: जस्टिस रंजन गोगोई

राज्यसभा नामांकन के प्रस्ताव को स्वीकार करने की पुष्टि करते हुए पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि वे शपथ लेने के बाद इस मामले पर विस्तार से बात करेंगे.

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई (फोटो: पीटीआई)

पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई राज्यसभा के लिए नामित

भारत के पूर्व मुख्य न्याया​धीश जस्टिस रंजन गोगोई पिछले साल नवंबर में रिटायर हुए थे. रिटायर होने से पहले उन्होंने अयोध्या मामले पर फैसला सुनाया था.

(फोटो: पीटीआई)

दागी उम्मीदवारों की जानकारी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर डालें राजनीतिक दल: सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार के चयन के 48 घंटे के भीतर या नामांकन के दो हफ्ते के अंदर, जो भी पहले हो, ये जानकारी प्रकाशित कर दी जानी चाहिए.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

राजनीति में अपराधीकरण रोकने के लिए एक सप्ताह के भीतर रूपरेखा पेश करे चुनाव आयोग: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को यह निर्देश तब दिया जब शुक्रवार को चुनाव आयोग ने कहा कि उम्मीदवारों से उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की मीडिया में घोषणा करने के बारे में कहने के बजाए राजनीतिक दलों से कहा जाना चाहिए कि वे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट ही न दें.

दिल्ली के तिलक विहार में 1984 के दंगों में मारे गए लोगों की याद में बना म्यूजियम. (फोटो: शोम बसु)

1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषियों को सज़ा दिलाने में पुलिस-प्रशासन की दिलचस्पी नहीं थी: रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1984 के दंगों संबंधी मामलों की जांच के लिए बनाए गए विशेष जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तत्कालीन केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने दंगों के दौरान दंगाइयों पर हत्या, आगजनी और हिंसा के मामले दर्ज करने की कोशिश नहीं की, साथ ही आपराधिक मामलों को छिपाने का प्रयास भी किया.