न्यूनतम समर्थन मूल्य

A woman winnowing wheat at a wholesale grain market on the outskirts of Ahmedabad, Gujarat, May 7, 2013. Credit Amit Dave/Reuters

सरकारें किसानों के वोट से बनती हैं, लेकिन काम उद्योगों के लिए करती हैं

सरकार ने महंगाई दर कम करने और आंकड़ों की कलाबाज़ी करने के लिए जो नीति बनाई उसमें वह सफल रही है क्योंकि किसान की फसल के दाम कम हो गए और बाकि सभी चीज़ें महंगी हो गईं.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे. (फोटो: पीटीआई)

क़र्ज़ माफ़ी की घोषणा के बाद भी राजस्थान के किसान ग़ुस्से में क्यों हैं?

स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशें लागू करने और कुछ अन्य मांगों को लेकर किसानों ने अपना आंदोलन वापस तो ले लिया है, लेकिन यह कभी भी राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार के गले की फांस बन सकता है.

A woman winnowing wheat at a wholesale grain market on the outskirts of Ahmedabad, Gujarat, May 7, 2013. Credit Amit Dave/Reuters

किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा एक जुमले से ज़्यादा कुछ नहीं

बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की ओर से किए गए प्रावधानों पर कृषि विशेषज्ञों को संदेह है. उनके अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य में इज़ाफ़ा काफ़ी नहीं, यह भी देखा जाना ज़रूरी है कि बहुत थोड़े किसानों की पहुंच एमएसपी तक है.

फोटो: रॉयटर्स

पर्याप्त ख़रीद व्यवस्था की कमी से सभी फसलों को एमएसपी के दायरे में लाना मुश्किल: कृषि विशेषज्ञ

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रावधान तभी लाभकारी होगा जब किसान अपनी उपज उपयुक्त माध्यम से बेचे. देश में अधिक खाद्य उत्पादन के बावजूद किसानों को उनकी मेहनत का फल नहीं मिल रहा.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

सरकार ने किसानों को बेवकूफ़ बनाया, मार्च में 180 किसान संगठन करेंगे प्रदर्शन: योगेंद्र यादव

बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य फसल उत्पादन लागत का डेढ़ गुना तक बढ़ाने के प्रस्ताव में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों की अनदेखी के चलते किसान संगठनों ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी.

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बजट 2018: वादों और दावों की भूलभुलैया

दो हज़ार करोड़ के फंड के साथ पचास करोड़ लोगों को बीमा देने की करामात भारत में ही हो सकती है. यहां के लोग ठगे जाने में माहिर हैं. दो बजट पहले एक लाख बीमा देने का ऐलान हुआ था, आज तक उसका पता नहीं है.

Kolkata: Farmers plant paddy saplings in a field as the Boro paddy season starts, in the outskirts of Kolkata on Monday morning. PTI Photo (PTI1_29_2018_000045B)

बजट किसानों को चकमा देने के लिए होगा, वादे लबालब और नतीजे ठनठन

आपके मुल्क में अक्टूबर से लेकर आधी जनवरी तक एक फिल्म को लेकर बहस हुई है. साढ़े तीन महीने बहस चली. नौकरी पर इतनी लंबी बहस हुई? बेहतर है आप भी सैलरी की नौकरी छोड़ हिंदू-मुस्लिम डिबेट की नौकरी कर लीजिए.

फोटो: पीटीआई

मोदी सरकार के कार्यकाल में किसान आत्महत्या दर में 45 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा: कांग्रेस

कांग्रेस बोली, पिछले 3 सालों में 38 हज़ार किसानों ने आत्महत्या की है. 35 किसान हर दिन आत्महत्या कर रहे हैं. सरकार ने किसानों की जगह अमीरों का क़र्ज़ माफ़ किया.

फोटो: रॉयटर्स

किसानों को फ़सलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा: मोदी सरकार

सीताराम येचुरी ने कहा, कृषि विकास दर 4.5 प्रतिशत से घटकर 2.1 प्रतिशत हुई, किसान आत्महत्याएं ख़तरनाक स्तर पर पहुंचीं, क़र्ज़माफ़ी सिर्फ़ बड़े कॉरपोरेट डिफॉल्टर्स के लिए.

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न्यू इंडिया में प्रधानमंत्री एक के बाद एक चुनाव लड़ेंगे और किसान ख़ुदकुशी करेंगे

साल 2017 एक तरह से किसान आंदोलनों का साल रहा. पूरे बरस भर देश के किसी न किसी हिस्से में किसान आंदोलन करते रहे.

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2017 में ज़्यादातर देशों की जीडीपी बढ़ी, बेरोज़गारी घटी लेकिन भारत में ऐसा नहीं हुआ

2017 को एक ऐसे साल के तौर पर याद किया जाएगा, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को अपने ही हाथों भारी नुकसान पहुंचाया गया. इससे जीडीपी में तीव्र गिरावट आयी और पहले से ही नए रोज़गार निर्माण की ख़राब स्थिति और बदतर हुई.

फोटो: रॉयटर्स

अनाज उत्पादन पिछले साल के रिकॉर्ड स्तर पर, दाम को लेकर बढ़ सकती हैं किसानों की दिक्कतें

विशेषज्ञों का कहना है कि कृषि क्षेत्र में संकट बढ़ रहा है. उपज का दाम समर्थन मूल्य से नीचे आता है, तो किसानों को मुश्किल होगी. पिछले दो साल में किसानों की आमदनी बुरी तरह प्रभावित हुई है.

दिल्ली के संसद मार्ग पर देश भर के 184 किसान संगठनों की ओर से दो दिवसीय किसान मुक्ति संसद लगाई गई. (फोटो: कृष्णकांत/द वायर)

कॉरपोरेट की क़र्ज़माफ़ी से विकास होता है, किसानों की क़र्ज़माफ़ी विकास-विरोधी है

भाषणों में पूरी राजनीति और सरकार किसानों-ग़रीबों को समर्पित है लेकिन किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य से भी कम पर बेचने को मजबूर है.

A labourer carries a sack filled with pulses at a wholesale pulses market in Kolkata, July 31, 2015. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

एक किलो टमाटर ख़रीदने के लिए पांच किलो उड़द बेचने को मजबूर किसान: यूनियन

मध्य प्रदेश की मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बिक रही है दाल. जून में किसानों का हिंसक आंदोलन झेल चुके सूबे में कृषि क्षेत्र के संकट का मुद्दा फिर गरमाता नज़र आ रहा है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलता तो 36,000 करोड़ का होगा नुकसान: किसान संगठन

20 नवंबर को कृषि उत्पादों के लाभकारी मूल्य, ऋण माफी और अन्य मांगों को लेकर दिल्ली में होगी किसान मुक्ति संसद.

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क़र्ज़माफ़ी को फैशन बताने वाले उपराष्ट्रपति ने कहा- नेताओं व प्रेस ने किसानों के लिए कुछ न किया

उपराष्ट्रपति ने कृषि में और अधिक सरकारी निवेश की हिमायत करते हुए कहा, किसानों की आय नहीं बढ़ी, वे कृषि छोड़ना चाहते हैं.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the Nation on the occasion of 71st Independence Day from the ramparts of Red Fort, in Delhi on August 15, 2017.

प्रधानमंत्री किसानों से ऐसा वादा कर रहे हैं जिसे पूरा करना संभव नहीं

मोदी जी ने मनमोहन सिंह के लिए कहा था, ‘जिस देश के किसान ख़ुदकुशी कर रहे हैं वहां के सत्ताधारी लोगों को नींद कैसे आ सकती है?’ अब पता नहीं उन्हें नींद कैसे आती होगी.

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क्या भारत डब्ल्यूटीओ के जाल में फंस चुका है?

भारत सरकार अब इस बात से सहमत है कि खाद्य सब्सिडी को कम से कम किया जाना होगा, इस कारण से पूरी संभावना है कि भारत में रोज़गार, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक गैर-बराबरी का दर्द अब और ज़्यादा बढ़ेगा.

The Minister of State for Commerce & Industry (Independent Charge), Smt. Nirmala Sitharaman meeting the DG, WTO, Mr. Roberto Azevedo, in Geneva on July 18, 2017.

नीति बनाने वाले किसान और उपभोक्ता को एक-दूसरे का दुश्मन बना रहे हैं

जब कुछ ख़ास व्यापारिक प्रतिष्ठानों का एकाधिकार स्थापित हो जाएगा, तब क़ीमतें सरकार और किसान नहीं, बड़ी कंपनियां तय करेंगी.

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जिस सरकार ने नोटबंदी की, उसी को क़र्ज़ माफ़ी का ख़र्च भी उठाना चाहिए

अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग उथली राजनीति है तो नरेंद्र मोदी का देश भर में घूम-घूम कर चुनावी सभाओं में वादा करना उथली राजनीति नहीं थी?

(फोटो: रॉयटर्स)

किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घाटे का सौदा है

वास्तव में किसानों से उपज खरीदने वालों से व्यापार में नैतिकता की अपेक्षा भर की जाती रही. सरकार ने यह कोशिश कभी नहीं की कि किसानों को उचित कीमतें मिलें.

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क्या खेती करने में बुद्धि का इस्तेमाल नहीं होता?

खेती से जुड़े किसी भी काम को अकुशल श्रम माना जाता है. क्या मिट्टी की पहचान के साथ फसल तय करने में बुद्धि का इस्तेमाल नहीं होता? बीज अंकुरित होगा या नहीं, यह जांचना गैर-तकनीकी काम है? कौन से उर्वरक-खाद डालना है, कब डालना है, क्या यह विशेषज्ञता का काम नहीं है?

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व्यवस्था ‘नत्था’ से किसानी छुड़ाकर मज़दूरी कराना चाहती है

‘पीपली लाइव’ किसान और मीडिया के चित्रण के जरिये भूमंडलीकरण की प्रक्रिया और उसके दुष्परिणामों की गहरी पड़ताल करता है. सिनेमा का व्यंग्यात्मक रुख राज्य और समाज के रवैये की भी पोल खोलता है.

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मंदसौर से निकली ‘किसान मुक्ति यात्रा’ को पुलिस ने रोका

किसान यात्रा में शामिल योगेंद्र यादव, मेधा पाटेकर समेत कई किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उनके अगले पड़ाव पर छोड़ दिया.

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ख़ुशहाली मंत्रालय वाले मध्य प्रदेश में एक महीने में 50 से ज़्यादा किसानों ने की ख़ुदकुशी

मध्य प्रदेश में खुशहाली मंत्रालय है, राज्य को 4 बार कृषि कर्मण अवॉर्ड मिल चुका है, सरकार कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति​ का दावा करती है, फिर राज्य के किसान क़र्ज़ में कैसे डूबे हैं और वे आत्महत्या क्यों कर रहे हैं?

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हिंदुस्तान किसानों का क़ब्रिस्तान क्यों बनता जा रहा है?

राज्य बनने के बाद तेलंगाना में 3000, मध्य प्रदेश में 21 दिन में 40, मराठवाड़ा में दो हफ़्ते में 42 और छत्तीसगढ़ में एक पखवाड़े में 12 किसानों ने आत्महत्या की है.

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नोटबंदी के चलते किसानों को कृषि उपज का दाम 40 फीसदी तक कम मिला

देश में चल रहे किसान आंदोलन और कृषि की स्थिति पर द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु और कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा की बातचीत.

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मध्य प्रदेश में एक पखवाड़े में 26 किसानों ने की आत्महत्या

पिछले 48 घंटे में देश भर से 14 किसानों के आत्महत्या करने की ख़बरें आ चुकी हैं. जिस तरह से किसान आत्महत्याएं हो रही हैं, यह किसी आपात स्थिति से ​कम नहीं है.

Mumbai : Police personnel inspect a charred vehicle that  was set ablaze by the farmers in Nevali during a violent protest against a proposed international airport on the outskirts of Mumbai on Thursday.  At least 25 people including policemen, locals and media persons were injured in the violence. PTI Photo  (PTI6_22_2017_000080B)

दस और किसानों ने की आत्महत्या, वेंकैया बोले क़र्ज़ माफ़ी फैशन बन गया है

महाराष्ट्र में चार, तमिलनाडु, केरल, राजस्थान और पंजाब में एक-एक किसान ने की आत्महत्या, मप्र में 8 जून से अब तक 17 किसान आत्महत्याएं.

Barabanki (UP): Bharatiya Kisan Union workers protest against killing of farmers in #Mandsaur at NH-28, perform 'shavaasana'.

सरकार के योगासन के विरोध में किसानों का ‘शवासन’

देश के कई हिस्सों में सरकार द्वारा किसानों की समस्या पर ध्यान न देने के विरोध में अनोखा प्रदर्शन. किसानों ने कहा- हम योग के विरोध में नहीं, सरकार के विरोध में हैं.

होशंगाबाद ज़िले के चपलासर गांव किसान नर्मदा प्रसाद यादव की आत्महत्या के बाद गांव में उदासी का माहौल है. (फोटो: द वायर)

ग्राउंड रिपोर्ट: नोटबंदी ने पहले से ही बेहाल किसानों को बर्बाद कर दिया

मोदी सरकार भले ही नोटबंदी की सफलता का डंका पीट रही है लेकिन मध्य प्रदेश में किसानों का कहना है कि नोटबंदी ने उन्हें तबाह कर दिया है.

Vinod Dua 70

जन गण मन की बात, एपिसोड 70: न्यूनतम समर्थन मूल्य और प्रणब मुखर्जी

जन गण मन की बात की 70वीं कड़ी में विनोद दुआ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल की चर्चा कर रहे हैं.

A farmer shows wheat crop damaged by unseasonal rains in his wheat field at Sisola Khurd village in the northern Indian state of Uttar Pradesh, March 24, 2015. To match Insight INDIA-MODI/  Picture taken March 24, 2015. REUTERS/Anindito Mukherjee

आरएसएस से जुड़े किसान संगठन ने कहा, केंद्र की नीतियों की वजह से किसान संकट में

भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय ​सचिव ने सवाल उठाया कि किसान कृषि सामग्री को अधिकतम खुदरा मूल्य पर ख़रीद रहे हैं तो उन्हें न्यूनतम बिक्री मूल्य क्यों मिलना चाहिए.

Bhopal: Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan having juice from former Chief Minister Kailash Joshi to break his indefinite fast for Peace in State, in Bhopal on Sunday. Union MInister Narendra Singh Tomar (L) is also present on this occasion. PTI Photo                  (PTI6_11_2017_000115B)

किसानों ने कहा कि शिवराज सिंह के पैर धोकर पीएं तो भी कम है: कैलाश विजयवर्गीय

मध्य प्रदेश में चल रहे उग्र किसान आंदोलन के बीच शनिवार से अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को इसे ख़त्म कर दिया.

The Reserve Bank of India (RBI) seal is pictured on a gate outside the RBI headquarters in Mumbai July 30, 2013. India's central bank left interest rates unchanged on Tuesday as it supports a battered rupee but said it will roll back recent liquidity tightening measures when stability returns to the currency market, enabling it to resume supporting growth.  REUTERS/Vivek Prakash (INDIA - Tags: BUSINESS LOGO) - RTX124GY

कृषि ऋण माफी से महंगाई बढ़ने का ख़तरा: आरबीआई

रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि जब तक राज्य सरकारों का बजट ऋण माफी के लिए राजकोषीय गुंजाइश की अनुमति नहीं देता है, इस प्रकार का क़दम जोख़िमपूर्ण होगा.

Rahul Gandhi PTI

‘मोदी अमीरों का क़र्ज़ माफ कर सकते हैं किसानों का नहीं’

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने स्वीकार किया कि मंदसौर में प्रदर्शन के दौरान पांच किसानों की मौत पुलिस फायरिंग से हुई. मंदसौर के कलेक्टर और एसपी का तबादला.