पंजाब

पंजाब विधानसभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फोटो: ट्विटर)

केंद्र के कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ पंजाब ने पास किया विधेयक

केंद्र के विवादित कृषि क़ानूनों को बेअसर करने के लिए छत्तीसगढ़ और राजस्थान की कांग्रेस सरकारों ने भी पंजाब की तरह राज्य स्तर पर नए विधेयक पारित करने के लिए विधानसभा सत्र बुलाने की बात कही है.

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फोटो: पीटीआई)

किसानों पर अन्याय के सामने सिर झुकाने के बजाय इस्तीफ़ा देने को तैयार: अमरिंदर सिंह

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार के तीन नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ विधानसभा में प्रस्ताव पेश करने के साथ ​तीन विधेयक भी पेश किए. इन विधेयकों का मसौदा साझा नहीं करने पर आप विधायकों ने राज्य सरकार के ख़िलाफ़ विधानसभा में धरना दिया.

मालविंदर सिंह कांग (फोटोः ट्विटर)

पंजाबः नए कृषि क़ानूनों के विरोध में भाजपा महासचिव ने इस्तीफ़ा दिया

पंजाब भजापा के महासचिव मालविंदर सिंह कांग ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा देते हुए कहा कि मेरी अंतर्रात्मा मुझे पार्टी में रहने की अनुमति नहीं दे रही है. पार्टी नेतृत्व किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है.

बलविंदर सिंह संधू. (फोटो: पीटीआई)

पंजाब: सरकार द्वारा सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद शौर्य चक्र से सम्मानित शख़्स की हत्या

पंजाब में आतंकवाद के खिलाफ लड़ चुके बलविंदर सिंह संधू की पत्नी ने कहा है कि परिवार तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेगा, जब तक सरकार सुरक्षा हटाने के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती.

Amritsar: Farmers block a railway track as they participate in 'Rail Roko Andolan' during a protest against the farm bills passed in both the Houses of Parliament recently, at village Devi Dass Pura, about 20km from Amritsar, Thursday, Sept. 24, 2020. (PTI Photo)(PTI24-09-2020_000091B)

कृषि क़ानून: कृषि मंत्री के न होने पर किसान संगठनों ने सरकार के साथ बैठक का बहिष्कार किया

तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने पंजाब में प्रदर्शनकारी किसान संगठनों को बातचीत के लिए 14 अक्टूबर को दिल्ली बुलाया था. किसान संगठनों ने बहिष्कार करते हुए कहा कि हम बैठक के लिए आए थे, लेकिन हम प्रधानमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री से भी मिलना चाहते हैं.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने पंजाब में प्रदर्शनकारी किसान संगठनों को बातचीत के लिए 14 अक्टूबर को दिल्ली बुलाया है.

(फोटो: पीटीआई)

पंजाब: नए कृषि विधेयकों के विरोध में किसानों का अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन जारी

विवादित कृषि विधेयकों को वापस लेने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लक्ष्य से 31 किसान संघों ने पंजाब में कई जगहों पर बीते एक अक्टूबर से ट्रेन की पटरियों को अनिश्चितकाल के लिए अवरुद्ध कर दिया है. किसान कई भाजपा नेताओं के घर के बाहर भी धरना दे रहे हैं.

कृषि विधेयक के विरोध में संसद भवन के बाहर कांग्रेस  सांसद गुरजीत सिंह आहूजा. (फोटो: पीटीआई)

पंजाब: नए कृषि क़ानून को निष्प्रभावी करने के लिए पूरे राज्य को मंडी यार्ड घोषित कर सकती है सरकार

मंडी यार्ड का होना सुनिश्चित करेगा कि उसके दायरे के बाहर किसी भी खरीद को अवैध माना जाए, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम क़ीमतें न मिले और राज्य को उसका मंडी शुल्क मिलता रहे.

बादल परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: ट्विटर/@HarsimratBadal_)

एनडीए के सबसे पुराने सहयोगी अकाली दल ने कृषि विधेयकों के विरोध में गठबंधन छोड़ा

अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के लिए एमएसपी की गारंटी सुनिश्चित करने से इनकार किया, साथ ही वह पंजाबी और सिखों से जुड़े मुद्दों पर लगातार असंवेदनशीलता दिखा रही है. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस कदम को अकाली दल की राजनीतिक मजबूरी बताया है.

(फोटो: पीटीआई)

भारत बंद: कृषि विधेयकों के ख़िलाफ़ देशव्यापी प्रदर्शन, पंजाब-हरियाणा में सर्वाधिक असर

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि विधेयकों के विरोध में देशभर के किसानों ने शुक्रवार को भारत बंद का आयोजन किया, जिसमें किसान संगठनों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों ने किसानों का समर्थन करते हुए हिस्सा लिया.

(फोटो: रॉयटर्स)

महामारी के बीच श्रम सुधार के नाम पर लाए गए तीन क़ानूनों का विरोध क्यों हो रहा है

मोदी सरकार द्वारा लाए गए नए श्रम क़ानूनों में जहां एक ओर सामाजिक सुरक्षा के दायरे में ऐसे विभिन्न कामगारों को लाया गया है, जो अब तक इसमें नहीं थे, वहीं दूसरी ओर हड़ताल के नियम कड़े किए गए हैं. साथ ही नियोक्ता को बिना सरकारी मंज़ूरी के कामगारों को नौकरी देने और छंटनी के लिए अधिक छूट दी गई है.

Hisar: Members of various farmers organizations stage a protest over agriculture related ordinances, in Hisar district, Sunday, Sept. 20, 2020. (PTI Photo)

कृषि विधेयकों के विरोध में पंजाब में ‘रेल रोको’ प्रदर्शन शुरू, ट्रेन सेवाएं निलंबित

पंजाब में किसान संगठनों द्वारा आहूत ‘रेल रोको’ प्रदर्शन तीन दिनों तक चलेगा. इसके अलावा कुल 31 किसान संगठनों ने विवादित कृषि विधेयकों के ख़िलाफ़ 25 सितंबर को पंजाब में पूर्ण बंद का आह्वान किया है. रेलवे की ओर से कहा गया है कि इस आंदोलन से ज़रूरी सामानों और खाद्यान्नों की आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

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पीएम मोदी का दावा है कि एमएसपी ख़त्म नहीं होगा तो इस पर वे क़ानून क्यों नहीं बनाते: पी. साईनाथ

किसानों के प्रदर्शन के बीच तीन कृषि अध्यादेशों को लोकसभा के बाद राज्यसभा की भी मंज़ूरी मिल गई है. पत्रकार पी. साईनाथ ने कहा कि इन क़ानूनों के चलते चौतरफ़ा अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी. किसान अपनी उपज का उचित मूल्य चाहता है लेकिन इसके लिए जो भी थोड़ी बहुत व्यवस्था बनी हुई थी सरकार उसे भी उजाड़ रही है.

Sporting guns are displayed at Wyss Waffen gun shop in the town of Burgdorf, Switzerland August 10, 2016. Picture taken August 10, 2016.   REUTERS/Arnd Wiegmann

2018-20 के बीच बंदूक के 22,804 नए लाइसेंस जारी हुए, 17,905 जम्मू कश्मीर के: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2018 से सितंबर 2020 तक उत्तर प्रदेश में बंदूक के लाइसेंस का सबसे अधिक नवीकरण किया गया. इस मामले में जम्मू कश्मीर दूसरे और हरियाणा तीसरे स्थान पर है.

फाइल फोटो: बलवंत सिंह मुल्तानी.

पंजाब: पूर्व डीजीपी को सुप्रीम कोर्ट से संरक्षण मिलने के बाद फ़र्ज़ी मुठभेड़ के अन्य पीड़ित सामने आए

पंजाब में उग्रवाद के दौरान राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक सुमेध सिंह सैनी पर प्रताड़ना, लोगों को गायब कराने का आदेश देने और फ़र्ज़ी मुठभेड़ में हत्याएं कराने के कई आरोप लगे हैं.