पंजाब

बीते हफ्ते अमृतसर में अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की एक सभा. (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: पूरे पंजाब में रहेगा रात्रिकालीन कर्फ्यू, 30 अप्रैल तक राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राजनीतिक कार्यक्रमों पर पाबंदी लगाते हुए कहा है कि यदि वरिष्ठ नेता ऐसा व्यवहार करेंगे तो लोगों से बीमारी के बारे में गंभीर होने की कैसे उम्मीद कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस रोक का उल्लंघन करने वाले नेता पर आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी रोग अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा.

अमरिंदर सिंह. (फोटो: पीटीआई)

पंजाब: मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार किसानों को बदनाम कर आंदोलन पटरी से उतारना चाहती है

गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को भेजे एक पत्र में आरोप लगाया गया है कि राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में किसान प्रवासी श्रमिकों को उनके खेतों में काम करने के लिए ड्रग्स दे रहे हैं, ताकि उनसे लंबे समय तक काम लिया जा सके. इसके जवाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार और भाजपा लगातार आतंकवादी, शहरी नक्सली और ग़ुंडे बताकर बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

पंजाब: किसानों पर अधिक काम लेने के लिए प्रवासी मज़दूरों को ड्रग्स देने का केंद्र ने लगाया आरोप

गृह मंत्रालय ने साल 2019-2020 में बीएसएफ द्वारा इस तरह की खोज का हवाला देते हुए पंजाब सरकार को एक पत्र भेजा है. हालांकि कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे किसानों इसकी निंदा की है. इनका कहना है कि उन्हें खालिस्तानी और आतंकवादी कहने के बाद केंद्र सरकार एक और सांप्रदायिक कार्ड खेल रही है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

कृषि क़ानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने रिपोर्ट सौंपी

सुप्रीम कोर्ट ने बीते 11 जनवरी को तीन नए विवादास्पद कृषि क़ानूनों के क्रियान्वयन पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी थी और गतिरोध का समाधान करने के लिए चार सदस्यीय समिति नियुक्त की थी. हालांकि किसानों के विरोध और समिति को सरकार समर्थन बताने के बाद एक सदस्य ने समिति से ख़ुद को अलग कर लिया था.

अरुण तिवारी. (फोटो साभार: ट्विटर)

पंजाब में भाजपा नेता पर प्रदर्शनकारियों ने किया हमला, किसान नेताओं पर केस दर्ज

पुलिस ने बताया कि भाजपा के एक विधायक अरुण नारंग की शनिवार को मुक्तसर ज़िले के मलोट में कथित तौर पर किसानों के एक समूह द्वारा पिटाई की गई और उनकी शर्ट फाड़ दी गई. मुक्तसर पुलिस ने किसान नेताओं समेत सात नामज़द और 200-250 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है. वहीं भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष प्रवीण बंसल का बरनाला में कथित तौर पर किसानों द्वारा घेराव किया गया है.

New Delhi: Women at Singhu border during farmers' ongoing protest against farm reform laws, in New Delhi, Monday, Feb. 1, 2021. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI02_01_2021_000195B)

किसान मोर्चा ने कहा, कृषि क़ानूनों में से एक को लागू करने की अनुशंसा वापस ले संसदीय समिति

खाद्य, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण संबंधी संसद की स्थायी समिति ने सरकार से विवादित कृषि क़ानूनों में से एक आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 को लागू करने की सिफ़ारिश की है. इस समिति में भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आप, एनसीपी और शिवसेना सहित 13 दलों के सदस्य शामिल हैं.

(फोटो: पीटीआई)

एक कृषि क़ानून लागू करने की संसदीय समिति की रिपोर्ट से कांग्रेस सांसदों ने ख़ुद को अलग किया

खाद्य, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण संबंधी संसद की स्थायी समिति ने सरकार से विवादित कृषि क़ानूनों में से एक आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 को लागू करने की सिफ़ारिश की है. इस समिति में दोनों सदनों से भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आप, एनसीपी और शिवसेना सहित 13 दलों के सदस्य शामिल हैं.

दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शन करते किसान. (फोटो: पीटीआई)

13 दलों वाली संसदीय समिति ने तीन कृषि क़ानूनों में से एक को लागू करने की सिफ़ारिश की

खाद्य, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण संबंधी संसद की स्थायी समिति ने सरकार से विवादित कृषि क़ानूनों में से एक आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 को लागू करने के लिए कहा है. इस समिति में दोनों सदनों से भाजपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आप, एनसीपी और शिवसेना सहित 13 दलों के सदस्य शामिल हैं.

सिंघू बॉर्डर पर जाते आंदोलनकारी किसानों के परिजन. (फोटो: पीटीआई)

एसकेएम ने यूएन मानवाधिकार परिषद से कहा, किसानों के अधिकारों का उल्लंघन हैं नए कृषि क़ानून

संयुक्त किसान मोर्चा ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीनों नए कृषि क़ानूनों से ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे किसानों और अन्य लोगों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के घोषणा-पत्र का उल्लंघन हुआ है, जिस पर भारत ने भी हस्ताक्षर कर रखे हैं.

कृषि कानूनों को रद्द करने के साथ दिसंबर 2020 में हुए भारत बंद के दौरान एक प्रदर्शन. (फोटो: पीटीआई)

कृषि क़ानून: किसान संघों ने 26 मार्च को भारत बंद का आह्वान किया

नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ चल रहे किसान आंदोलन के चार महीने पूरे होने के मौक़े पर किसान संघों ने 26 मार्च को भारत बंद का आह्वान किया है. किसान नेता बूटा सिंह बुर्जगिल ने कहा कि किसान और ट्रेड यूनियन मिलकर 15 मार्च को पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि और रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करेंगे.

Patiala: Farmers stage a protest against new farm law in Patiala, Sunday, Jan. 31, 2021. (PTI Photo) by Rajesh Sachar(PTI01_31_2021_000251B)

कृषि क़ानून: हरियाणा सरकार ने कहा, दिल्ली से सटी सीमाओं पर विभिन्न कारणों से 68 लोगों की मौत हुई

दो कांग्रेस विधायकों द्वारा उठाए गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने विधानसभा में कहा कि अब तक हरियाणा से मृत प्रदर्शनकारियों के परिजनों को नौकरी और वित्तीय सहायता देने के लिए राज्य सरकार के विचारार्थ कोई प्रस्ताव नहीं है.

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अडानी समूह के गोदाम में गेहूं न रखने से हुए नुकसान की कैग रिपोर्ट हटाने को प्रयासरत मोदी सरकार

एक्सक्लूसिव: साल 2018 में कैग ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि 2013-14 से 2015-16 के बीच एफसीआई ने हरियाणा के कैथल में अडानी समूह के गोदाम में इसकी क्षमता के अनुसार गेहूं नहीं रखा और खाली जगह का किराया भरते रहे. मोदी सरकार अब इस रिपोर्ट से यह बात हटवाने का प्रयास कर रही है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कृषि क़ानून रद्द करने को कथित तौर पर अपनी अंतिम इच्छा बताकर टिकरी बॉर्डर के पास किसान ने जान दी

पुलिस ने बताया कि किसान द्वारा कथित तौर पर छोड़े गए सुसाइड नोट में उनके द्वारा उठाए गए इस क़दम के लिए तीन कृषि क़ानूनों को जिम्मेदार ठहराया गया है. उन्होंने इसमें यह भी कहा है कि केंद्र को इन क़ानूनों को निरस्त करके उनकी आख़िरी इच्छा पूरी करनी चाहिए.

कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फोटो: फेसबुक)

पंजाब विधानसभा में केंद्रीय कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि किसानों के हितों को दरकिनार कर इन क़ानूनों को लागू होने नहीं दिया जा सकता. उन्होंने सवाल उठाया कि जब कॉरपोरेट्स साथ किए गए समझौते से संबंधित किसी विवाद पर किसानों को दीवानी अदालतों के आने से रोका जाता है तो किसे फायदा होगा?

New Delhi: Farmers at Ghazipur border during the ongoing agitation over farm reform laws, in New Delhi, Wednesday, Feb. 3, 2021.  (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI02_03_2021_000067B)

संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति को पत्र लिख गिरफ़्तार किसानों की बिना शर्त रिहाई की मांग की

केंद्र के तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर 26 जनवरी को किसान संगठनों द्वारा आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे. इसके बाद सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.