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New Delhi: AIUDF (All India United Democratic Front) leader Badruddin Ajmal at Parliament House during its Monsoon session, in New Delhi on Wednesday, August 1, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI8_1_2018_000150B)

दक्षिणपंथी समूह ने एआईयूडीएफ प्रमुख द्वारा भारत को ‘इस्लामी राष्ट्र’ बनाने के दावे की झूठी ख़बर चलाई

भाजपा समर्थक एक दक्षिणपंथी समूह द्वारा एआईयूडीएफ के प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल के पुराने भाषण को प्रसारित करते हुए अजमल के ‘इस्लामिक राष्ट्र’ बनाने की बात कहने का दावा किया जा रहा है. साल 2019 में यूट्यूब पर अपलोड किए भाषण के मूल वीडियो में वे इस दावे के बिल्कुल विपरीत बात कह रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

झारखंड: आरटीआई कार्यकर्ता की गिरफ़्तारी के 48 घंटे के अंदर पलटी पुलिस, कहा- उन्हें फंसाया गया था

झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले में एक आरटीआई कार्यकर्ता और पत्रकार को पुलिस ने अफ़ीम और ब्राउन शुगर रखने के आरोप में गिरफ़्तार करने के बाद उनके इक़बालिया बयान भी ले लिया था. 48 घंटे बाद पुलिस ने कार्यकर्ता को फंसाने की साज़िश के आरोप में पांच लोगों को गिरफ़्तार किया है.

मणिपुर प्रेस क्लब पर विरोध प्रदर्शन करते पत्रकार. (फाइल फोटो: ट्विटर/@ImphalFreePress)

मणिपुरः उग्रवादी समूहों से धमकी के बीच पत्रकार हड़ताल पर, नहीं छपे अख़बार

एक महीने से भी कम समय में यह तीसरी बार है, जब मणिपुर में समाचार पत्रों का प्रकाशन और ख़बरों का प्रसारण नहीं हुआ. छह दिन पहले भी इसी तरह का विरोध जताया गया था, जब इम्फाल से प्रकाशित होने वाले एक स्थानीय अख़बार को आतंकी समूह ने धमकी दी थी.

प्रदर्शन करते पत्रकार. (फोटो साभार: इम्फाल फ्री प्रेस)

मणिपुर: अख़बार को धमकी मिलने के बाद मीडिया संस्थानों ने काम बंद किया

मणिपुर के एक स्थानीय अखबार पोकनाफाम को बंद किए जाने की धमकी मिलने के बाद विरोध के तौर पर यहां के मीडिया संस्थानों ने शुक्रवार से 48 घंटे तक काम न करने का निर्णय लिया है. बीते 13 फरवरी को इसी अख़बार के दफ़्तर पर अज्ञात हमलावरों ने ग्रेनेड फेंका था.

सऊदी अरब के शहज़ादे मोहम्मद बिन सलमान और पत्रकार जमाल ख़शोगी. (फोटो रॉयटर्स/विकिपीडिया)

सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पत्रकार ख़शोगी की हत्या की मंज़ूरी दी थी: अमेरिकी रिपोर्ट

पत्रकार जमाल ख़शोगी की दो अक्टूबर 2018 को इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में हत्या कर दी गई थी. वह अमेरिका के वैध स्थायी निवासी थे और ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ अखबार में लेख लिखते थे और क्राउन प्रिंस की नीतिओं के कटु आलोचक थे.

पत्रकार सज्जाद गुल (फोटोः विशेष अरेंजमेंट)

कश्मीरः अवैध निर्माण हटाने की ख़बर पर तहसीलदार ने पत्रकार के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करवाई

बांदीपोरा के स्वतंत्र पत्रकार सज्जाद गुल ने एक तहसीलदार द्वारा एक गांव में कथित अवैध निर्माण हटाने और ग्रामीणों के प्रशासन पर प्रताड़ना के आरोप पर एक रिपोर्ट लिखी थी. गुल ने कहा कि इसके बाद तहसीलदार ने बदले की भावना से उनकी संपत्ति में तोड़फोड़ की और उन पर मामला दर्ज करवाया.

मणिपुरी अखबार पोकनाफाम के कार्यालय पर हमले के विरोध में पत्रकारों ने धरना दिया. (फोटो साभार: ट्विटर @iju_india)

मणिपुर: अख़बार के दफ़्तर पर हमले के ख़िलाफ़ पत्रकारों ने काम बंद किया, अख़बार-टीवी प्रसारण बंद रहे

बीते 13 फरवरी की शाम को इंफाल पश्चिम ज़िले के कीशामपाट थियाम लीकाई में पोकनाफाम अख़बार के दफ़्तर पर हैंड ग्रेनेड फेंका गया था, जिसके विरोध में पत्रकारों ने धरना दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए अपील की कि राज्य में प्रेस के स्वतंत्र रूप से काम करना सुनिश्चित किया जाए.

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मीडिया बोल: टीवी-टीआरपी-ट्विटर विवाद और न्यूज़क्लिक पर सौ घंटे लंबी छापेमारी

वीडियो: बीते दिनों कई संपादकों-पत्रकारों पर आपराधिक मामले ठोंके गए, गिरफ़्तारी बचने के लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी. इस बीच स्वतंत्र न्यूज़ पोर्टल न्यूज़क्लिक पर ईडी अभूतपूर्व छापेमारी की ख़बर आई. इसी विषय पर दो वरिष्ठ पत्रकारों डॉ. मुकेश कुमार और टीके राजलक्ष्मी से उर्मिलेश की बातचीत.

(सिद्धार्थ वरदराजन, द वायर का लोगो और इस्मत आरा)

उत्तर प्रदेशः अदालत ने द वायर के संपादक और रिपोर्टर की गिरफ़्तारी पर रोक लगाई

26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के दौरान जान गंवाने वाले एक प्रदर्शनकारी के परिवार के दावों को लेकर द वायर की इस्मत आरा ने एक रिपोर्ट लिखी थी, जिसे ट्विटर पर साझा करने के बाद द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन के ख़िलाफ़ रामपुर में एफ़आईआर दर्ज की गई थी.

शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई और मृणाल पांडेय. (फोटोः पीटीआई)

किसान आंदोलनः सुप्रीम कोर्ट ने शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई और अन्य की गिरफ़्तारी पर रोक लगाई

26 जनवरी को दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान असत्यापित ख़बरें प्रसारित करने के आरोप में कांग्रेस नेता शशि थरूर, वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई, मृणाल पांडेय और चार अन्य पत्रकारों के ख़िलाफ़ राजद्रोह की धाराओं में मामला दर्ज हुआ.

Protesters from the Anonymous India group of hackers wear Guy Fawkes masks as they protest against laws they say gives the government control over censorship of internet usage in Mumbai, June 9, 2012. Anonymous India is associated with the internationa hacker group Anonymous whose previous targets have included high profile targets. REUTERS/Vivek Prakash (INDIA - Tags: SOCIETY SCIENCE TECHNOLOGY POLITICS CIVIL UNREST) - RTR33C09

भारत: साल 2021 में अब तक सरकारों द्वारा कम से कम 10 बार इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गई

सिर्फ 2019 और 2020 में ही भारत में 13,000 घंटे से अधिक समय तक इंटरनेट बंद रहा. किसी भी चुनी गई सरकार द्वारा सबसे लंबे समय यानी 552 दिनों के लिए 4जी इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध जम्मू कश्मीर में लगाया गया था. इसके बाद राजस्थान का नंबर आता है.

कश्मीर घाटी अपना मोबाइल इस्तेमाल करता एक शख्स. (फोटो: Pracsshannt K/Flickr, CC BY 2.0)

अगस्त 2019 के बाद पहली बार पूरे जम्मू कश्मीर में बहाल होगी 4जी इंटरनेट सेवा

केंद्र सरकार ने पांच अगस्त, 2019 को इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी, जब जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म कर इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर, और लद्दाख में बांट दिया गया था. मार्च, 2020 में 2जी इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान भी उच्च गति की मोबाइल इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध जारी था.

शशि थरूर और राजदीप सरदेसाई. (फोटो साभार: ट्विटर)

ट्रैक्टर रैली हिंसा: एफआईआर के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे शशि थरूर और राजदीप सरदेसाई

26 जनवरी को दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान असत्यापित ख़बरें प्रसारित करने के आरोप में कांग्रेस नेता शशि थरूर, वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई, मृणाल पांडेय और चार अन्य पत्रकारों के ख़िलाफ़ राजद्रोह की धाराओं में मामला दर्ज हुआ है.

(सिद्धार्थ वरदराजन, द वायर का लोगो और इस्मत आरा)

यूपी: सिद्धार्थ वरदराजन के ख़िलाफ़ दर्ज एफआईआर में द वायर और रिपोर्टर का नाम भी शामिल

26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के दौरान जान गंवाने वाले एक प्रदर्शनकारी के परिवार के दावों को लेकर द वायर की इस्मत आरा ने एक रिपोर्ट लिखी थी, जिसे ट्विटर पर साझा करने के बाद द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन के ख़िलाफ़ रामपुर में एफआईआर दर्ज की गई थी.

पत्रकार रोहिणी सिंह. (फोटो: द वायर)

पत्रकार रोहिणी सिंह को रेप की धमकी देने के आरोप में एबीवीपी से संबद्ध छात्र गिरफ़्तार

पत्रकार रोहिणी सिंह ने ट्विटर पर धमकियां मिलने के बाद उदयपुर पुलिस से शिकायत की थी. पुलिस ने बताया कि छात्र ने स्वीकार किया कि रोहिणी की किसान रैली पर रिपोर्टिंग से नाराज़गी के कारण उसने सिंह को धमकी भरे मैसेज भेजे.