पर्यटक

Security officials wear masks at Bandaranaike International Airport after Sri Lanka confirmed the first case of coronavirus in the country, in Katunayake, Sri Lanka January 30, 2020. REUTERS/Dinuka Liyanawatte/Files

लॉकडाउन: श्रीलंका में फंसे 2,400 से अधिक भारतीय, कहा- सरकार तब जागेगी जब कोई मर जाएगा

कोविड-19 लॉकडाउन और यात्रा प्रतिबंधों की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार ने सात मई से ‘वंदे भारत मिशन’ की शुरुआत की है, लेकिन इस मिशन की सूची में श्रीलंका का नाम न होने से वहां करीब दो महीनों से फंसे भारतीयों में नाराज़गी है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली से बिहार लौटे मजदूरों का किराया देने से बिहार सरकार ने क्यों इनकार कर दिया?

दिल्ली सरकार ने बिहार के 1200 प्रवासी मजदूरों की सूची बनाकर उनका किराया रेलवे को सौंप दिया और इसका पैसा सीधे बिहार सरकार से मांगा. हालांकि, बिहार सरकार ने दिल्ली सरकार द्वारा मांगे गए करीब 6.5 लाख रुपये को वापस करने से इनकार कर दिया है.

(फोटो: पीटीआई)

सरकार सुप्रीम कोर्ट को भी नहीं बता पाई कि वो 85% रेल किराया दे रही है या नहीं

केंद्र सरकार ने दावा किया है कि श्रमिक ट्रेनों के जरिये यात्रा करने वाले मजदूरों के किराये का 85 फीसदी खर्चा रेलवे उठा रहा है. हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है.

बीएस येदियुरप्पा. (फोटो: पीटीआई).

बिल्डरों-ठेकेदारों के साथ बैठक के बाद कर्नाटक सरकार ने प्रवासी मजदूरों के ट्रेनों को रद्द किया

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के साथ बैठक में ये आशंका जताई गई कि यदि मजदूर वापस लौट जाएंगे तो राज्य का निर्माण कार्य प्रभावित होगा. इसके चलते राज्य सरकार ने मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाने वाली ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar attends the foundation stone laying ceremony of 'Multipurpose Prakash Kendra and Udyan' at the campus of Guru Ka Bagh in Patna, Sunday, Sept 9, 2018. (PTI Photo)(PTI9_9_2018_000102B)

बिहार: क्या रेल किराया देने को लेकर नीतीश कुमार मज़दूरों को गुमराह कर रहे हैं?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार आने वाले लोग जब 21 दिन बाद क्वारंटीन सेंटर से निकलेंगे तो उन्हें राज्य सरकार की ओर से न्यूनतम 1000 रुपये दिए जाएंगे जिसमें रेल का किराया और प्रशासन की ओर से अतिरिक्त मदद शामिल होगी.

Bhopal: Migrants sit on Misrod railway station maintaining social distancing as they wait for their health-check after arriving from Nashik by a special train, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Bhopal, Saturday, May 02, 2020. This is the first special train that has reached Bhopal after the Centres announcement to run such services to facilitate the stranded workers. (PTI Photo)(PTI02-05-2020 000019B)

विभिन्न राज्यों में फंसे हुए लोग घर लौटने के लिए यहां पर कराएं रजिस्ट्रेशन‌

लॉकडाउन के कारण देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे दिहाड़ी मजदूरों और प्रवासियों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किये गए हैं. अपने राज्य लौटने के इच्छुक लोग इस पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

(फोटो: पीटीआई)

रेलवे ने जारी की गाइडलाइन, श्रमिक ट्रेनों से यात्रा करने वालों से किराया वसूलने को कहा

जहां से गाड़ी शुरू होगी वहां पर राज्य सरकार लोगों को फूड पैकेट्स और पानी मुहैया कराएगी. 12 घंटे से अधिक की यात्रा के लिए रेलवे ट्रेन में एक टाइम का भोजन प्रदान करेगा.

विशेष श्रमिक ट्रेन (फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन में फंसे प्रवासी लोगों की वापसी के लिए रेलवे ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाईं

रेलवे ने शुक्रवार को छह श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है. लॉकडाउन के कारण विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों की वापसी के लिए यह इंतज़ाम किया गया है.

A boatman walks past the parked 'Shikaras' or boats for tourists on the banks of Dal Lake in Srinagar August 4, 2019. REUTERS/Danish Ismail

अगस्त-दिसंबर 2019 के दौरान कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में 86 फीसदी की गिरावट: आरटीआई

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने संसद में दावा किया था कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने और विभिन्न पाबंदियों के बाद राज्य में पर्यटन पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है. हालांकि आरटीआई के तहत प्राप्त की गई जानकारी उनके दावे के उलट तस्वीर बयां करती है.

Srinagar: Tourists embark on a shikara ride in an empty Dal Lake in Srinagar, Thursday, Oct. 10, 2019. The government has withdrawn its advisory, issued on 2 August, 2019 asking tourists in the Valley to leave. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI10_10_2019_000147B)

जम्मू कश्मीर: राज्य का दर्जा बदलने के पर्यटन पर प्रभाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने झूठ बोला

बीते नवंबर में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने राज्यसभा में बताया था कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म होने और विभिन्न पाबंदियों के बाद राज्य में पर्यटन पर कोई ख़ास प्रभाव नहीं पड़ा है. आरटीआई के तहत पर्यटन विभाग द्वारा दी गई जानकारी उनके दावे के उलट तस्वीर बयां करती है.

Srinagar: Tourists embark on a shikara ride in an empty Dal Lake in Srinagar, Thursday, Oct. 10, 2019. The government has withdrawn its advisory, issued on 2 August, 2019 asking tourists in the Valley to leave. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI10_10_2019_000147B)

कश्मीर में पर्यटन वेंटिलेटर पर है, यह तब बहाल होगा जब संचार पर लगी पाबंदियां हटेंगी: कारोबारी

सरकार ने दो महीने बाद पर्यटकों के लिए कश्मीर में यात्रा पाबंदियां हटा दी हैं, लेकिन पर्यटन से जुड़े व्यवसायी उत्साहित नज़र नहीं आ रहे. अनुच्छेद 370 को हटाने से पहले बीते दो अगस्त को सुरक्षा परामर्श के तहत सभी पर्यटकों को घाटी छोड़ने का आदेश दिया गया था.

A boatman walks past the parked 'Shikaras' or boats for tourists on the banks of Dal Lake in Srinagar August 4, 2019. REUTERS/Danish Ismail

रिसॉर्ट बनाने के लिए जम्मू कश्मीर में जमीन खरीदेंगे: महाराष्ट्र पर्यटन मंत्री

महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक के पर्यटन मंत्री ने भी कहा है कि उनका राज्य भी जम्मू कश्मीर के पर्यटन उद्योग में प्रवेश करने के बारे में विचार कर रहा है.

A boatman walks past the parked 'Shikaras' or boats for tourists on the banks of Dal Lake in Srinagar August 4, 2019. REUTERS/Danish Ismail

कश्मीर में पाबंदियों के बीच पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए रोज़ी-रोटी का संकट

कुछ होटल व्यवसायी स्टाफ कम करने पर विचार कर रहे हैं. वहीं कुछ ट्रैवल एजेंसियों ने अपने स्टाफ के वेतन में कटौती की है. पाबंदियों के चलते होटल व्यवसायी, टूर एंड ट्रैवल एजेंट ही नहीं बल्कि हाउसबोट के मालिक, शिकारा चलाने वाले, टैक्सी ऑपरेटर और टूरिस्ट गाइड भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.

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राज्य यह तय नहीं कर सकते कि पर्यटक क्या खाएंगे-क्या पिएंगे: नीति आयोग के सीईओ

अमिताभ कांत ने कहा, राज्यों को इस मामले में नहीं पड़ना चाहिए कि पर्यटक क्या खाना-पीना चाहता है. यह पर्यटकों का निजी मामला है.