पर्यावरण

Chennai: Students from various colleges and schools participate in the Global Climate Strike rally in Chennai, Sunday, Sept. 22, 2019. (PTI Photo) (PTI9_22_2019_000036B)

क्या भारत जलवायु परिवर्तन से जुड़े आगामी संकट के लिए तैयार है

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा जारी जलवायु परिवर्तन रिपोर्ट में इस बारे में विभिन्न पहलुओं को लेकर होने वाले बदलावों का आकलन किया गया है. हालांकि पर्यावरणविद मानते हैं कि इसमें कई महत्वपूर्ण बातें शामिल नहीं की गई हैं.

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मीडिया बोल: डिजिटल इंडिया में डिज़िटल-अवरोध!

वीडियो: पिछले दिनों पर्यावरण के मसलों को उठाने वाली तीन वेबसाइटों के संचालन को किसी तरह की सूचना दिए बिना बंद कर दिया गया. इसी तरह हरियाणा के कई ज़िलों में एपिडेमिक एक्ट का सहारा लेकर कुछ पत्रकारों या सामाजिक संस्थाओं के सोशल मीडिया मंचों पर पाबंदी लगा दी गई है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

ऐश डैम में दरार के मामले में एनजीटी ने एनटीपीसी विंध्याचल पर लगाया 10 करोड़ रुपये का जुर्माना

अक्टूबर 2019 में एनटीपीसी विंध्याचल का ऐश डैम टूटने के बाद क़रीब 35 लाख मीट्रिक टन से ज़्यादा राख रिहंद जलाशय में गिरी थी. यह जलाशय सिंगरौली और सोनभद्र ज़िलों के पीने योग्य पानी का एकमात्र स्रोत है. एनजीटी में दायर याचिका में एनटीपीसी पर लापरवाही का आरोप लगाया गया था.

New Delhi: A view from the ITO bridge shows a small island covered with garbage, surrounded by the polluted waters of river Yamuna, in New Delhi, on Monday. According to the UN, the theme for World Water Day 2018, observed on March 22, is ‘Nature for Water’ – exploring nature-based solutions to the water challenges we face in the 21st century. PTI Photo by Ravi Choudhary(PTI3_21_2018_000119B)

यमुना की सफ़ाई में सबसे बड़ी चुनौती आधिकारिक उदासीनता से पार पाना है: एनजीटी समिति

यमुना सफ़ाई को लेकर एनजीटी के विशेषज्ञ सदस्य बीएस साजवान और दिल्ली की पूर्व मुख्य सचिव शैलजा चंद्रा की दो सदस्यीय यमुना निगरानी समिति ने एनजीटी को सौंपी अपनी अंतिम रिपोर्ट में बीते 23 महीनों के दौरान अपने अनुभव को साझा किया है.

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बोधघाट परियोजना: छत्तीसगढ़ सरकार के सवालों पर लेखक का जवाब

18 जून 2020 को द वायर द्वारा ‘बोधघाट पनबिजली परियोजना: जंगल उजाड़कर जंगल के कल्याण की बात’ शीर्षक से प्रकाशित लेख पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से सवाल उठाए गए थे. उनका जवाब.

(फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: रिलायंस पावर की सासन परियोजना बंद करने के लिए एनजीटी में याचिका

रिहंद सरोवर में औद्योगिक कचरा डाले जाने के कारण मध्य प्रदेश के सिंगरौली स्थित इस परियोजना के ख़िलाफ़ याचिका दायर की गई है. कहा गया है कि इस साल अप्रैल में ऐश डैम टूटने से संयंत्र से निकलने वाली राख आसपास के खेतों में फैल गई. इससे कथित तौर पर छह ग्रामीणों की मौत हो गई, जिसमें तीन नाबालिग भी शामिल थे.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi holding the second part of two day interaction with the Chief Ministers via video conferencing to discuss the situation post Unlock 1.0 and plan for tackling the COVID-19 pandemic, in New Delhi on June 17, 2020.

विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री ने 41 कोयला खदानों में खनन की नीलामी प्रक्रिया शुरू की

मोदी सरकार के इस क़दम से देश का कोयला क्षेत्र निजी कंपनियों के लिए खुल जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत होना देश के कोयला क्षेत्र को ‘दशकों के लॉकडाउन’ से बाहर निकालने जैसा है. हालांकि इन कोयला खदानों के समीप रहने वाले लोगों ने कहा है कि इससे उनका अस्तित्व ख़तरे में पड़ जाएगा.

इंद्रावती नदी. (फोटो साभार: विकीमीडिया कॉमन्स\CC-BY-2.0)

बोधघाट पनबिजली परियोजना: जंगल उजाड़कर जंगल के कल्याण की बात

बीते दिनों केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दंतेवाड़ा के पास इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित पनबिजली परियोजना को पर्यावरणीय मंज़ूरी दी है. हालांकि इसके लिए चिह्नित ज़मीन पर वन्य प्रदेश और आदिवासियों की रिहाइश होने के चलते इसके उद्देश्य पर सवाल उठ रहे हैं.

(फोटो साभार: फेसबुक/@Savehasdeoaranya)

छत्तीसगढ़: हसदेव अरण्य में खनन शुरू करने के ख़िलाफ़ नौ सरपंचों ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी

हसदेव अरण्य क्षेत्र के सरपंचों ने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने के भाषण को याद दिलाते हुए कहा कि यहां का समुदाय पूर्णतया जंगल पर आश्रित है, जिसके विनाश से यहां के लोगों का पूरा अस्तित्व ख़तरे में पड़ जाएगा.

कोरोना वायरस के मद्देनज़र लॉकडाउन के दौरान नई दिल्ली (फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: दिल्ली में पिछले छह महीने में वायु गुणवत्ता अच्छी श्रेणी में पहुंची, प्रदूषण भी कम हुआ

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति में 14 अप्रैल तक और सुधार होगा.

New Delhi: A man wearing face mask walks on a road during the complete lockdown imposed to contain the spread of novel coronavirus, in New Delhi, Wednesday, March 25, 2020. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI25-03-2020_000242B)

कोरोना वायरस: लॉकडाउन ने दी प्रदूषण से महानगरों को राहत, प्रदूषण में 25 प्रतिशत तक गिरावट

कोरोना वायरस से सुरक्षा के मद्देनजर पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन है और सभी परिवहन सेवाएं बंद हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, लॉकडाउन के चलते दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और पुणे समेत देश के 104 प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक स्तर पर पहुंच गई है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

उपग्रह से निगरानी के बावजूद जंगल में आग लगने की घटनाओं में तीन गुना की बढ़ोतरी: सरकार

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन साल के दौरान जंगल में आग लगने की घटनाओं में सर्वाधिक बढ़ोतरी ओडिशा और आंध्र प्रदेश में हुई है. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और मणिपुर में भी जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं.

(फोटो साभार: फेसबुक/@Savehasdeoaranya)

छत्तीसगढ़: कॉरपोरेट से जंगल और ज़मीन बचाने के लिए आदिवासियों की जद्दोजहद

बीते 14 अक्टूबर से राज्य के सरगुजा, सूरजपुर और कोरबा ज़िले के बीस से ज़्यादा गांवों के आदिवासी हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोयला खदान खोले जाने के ख़िलाफ़ धरना दे रहे हैं. उनका आरोप है कि कोल ब्लॉक के लिए पेसा क़ानून और पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों की अनदेखी की गई है.

Singrauli: Ash and toxic residue leak due to a breach in an artificial pond at coal power plant run by public sector National Thermal Power Corporation (NTPC), in Singrauli, Monday, Oct. 7, 2019. (PTI Photo) (PTI10_7_2019_000150B)

एनटीपीसी विंध्याचल का सबसे पुराना शाहपुर फ्लाई ऐश डैम फूटा, आसपास के ग्रामीणों में दहशत

फ्लाई ऐश में भारी धातु जैसे आर्सेनिक, सिलिका, एल्युमिना, पारा और आयरन होते हैं, जो दमा, फेफड़े में तकलीफ, टीबी और यहां तक कि कैंसर तक का कारण बनते हैं.

New York: India's Prime Minister Narendra Modi addresses the 74th session of the United Nations General Assembly, Friday, Sept. 27, 2019. AP/PTI(AP9_27_2019_000252B)

संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध दिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य बीमा, बैंक खातों, आतंकवाद, जन कल्याण, पर्यावरण जैसे मुद्दों पर बात की. यह संयुक्त राष्ट्र में मोदी का दूसरा संबोधन था.