पार्टी संविधान

प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और सोनिया गांधी. (फोटो: पीटीआई)

यूपी कांग्रेस के निष्कासित नेताओं ने सोनिया गांधी को लिखा- परिवार के मोह से निकलकर संगठन चलाएं

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के निष्काषित नेताओं के पत्र लिखने वाले दिन ही पार्टी ने प्रदेश के लिए सात महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया है. इनमें उन नेताओं को जगह नहीं मिली है, जो कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल थे.

कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद. (फोटो साभार: फेसबुक/@/jitinprasada1)

नेतृत्व परिवर्तन की मंशा से नहीं लिखा पत्र, ग़लत अर्थ निकाला गया: जितिन प्रसाद

कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर पत्र लिखने वाले 23 नेताओं में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि इसे लिखने का मक़सद नेतृत्व को कमतर दिखाना नहीं था. इसे बस यह सुझाव देने के इरादे से लिखा गया था कि कैसे पार्टी को फिर से खड़ा किया जाए और मज़बूती दी जाए.

**EDS: FILE** New Delhi: In this file photo dated Saturday, Aug 10, 2019, Congress President Rahul Gandhi with senior party leader Sonia Gandhi during Congress Working Committee (CWC) meeting, at AICC HQ in New Delhi. Ahead of the Congress Working Committee meeting on Monday, Aug. 24, 2020, different voices have emerged within the party with one section comprising sitting MPs and former ministers demanding collective leadership, while another group has sought the return of Rahul Gandhi to the helm. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI23-08-2020_000092B)

अगला अध्यक्ष चुने जाने तक सोनिया गांधी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में फैसला लिया गया कि सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी और अगले छह महीने में पार्टी अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा. पार्टी में उस वक्त सियासी तूफान आ गया था, जब पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने और संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की मांग को लेकर सोनिया गांधी को वरिष्ठ नेताओं की ओर से पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने आई थी.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी. (फोटो साभार: ट्विटर/@INCIndia)

कांग्रेस के 23 वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा, पार्टी में व्यापक परिवर्तन की मांग की

गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा, शशि थरूर समेत कई पूर्व मुख्यमंत्रियों, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों और प्रदेशाध्यक्षों द्वारा लिखे पत्र में पार्टी में व्यापक सुधार लाने, सत्ता का विकेंद्रीकरण करने, राज्य इकाइयों को सशक्त करने और एक केंद्रीय संसदीय बोर्ड के तत्काल गठन की मांग की गई है.