पितृसत्ता

हॉस्टल की समयसीमा बढ़ाने के लिए बीते मार्च महीने में जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्राओं ने प्रदर्शन किया था. (फोटो साभार: फेसबुक/रियाजुद्दीन)

जामिया मिलिया में रात नौ बजे के बाद छात्राओं के हॉस्टल से बाहर रहने पर फिर लगी रोक

सुरक्षा का हवाला देकर जामिया प्रबंधन ने छात्राओं के हॉस्टल बंद होने की समयसीमा रात 10:30 बजे से घटाकर नौ बजे की. इस नियम के ख़िलाफ़ प्रदर्शन पर भी लगाया प्रतिबंध.

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बाल विवाह के पक्ष में होना महज़ एक विचार नहीं, बल्कि एक घातक विचारधारा है

इस विचारधारा में स्त्रियों, बच्चों, क़ानून, समाज में बराबरी, सहिष्णुता और सुरक्षा के प्रति कोई सम्मान नहीं है. बाल विवाह केवल लड़कियों के जीवन को संकुचित और दुरूह नहीं बनाता है, लड़कों के जीवन को भी उतना ही प्रताड़ित करता है.

India's Prime Minister Narendra Modi arrives to launch a digital payment app linked with a nationwide biometric database during the "DigiDhan" fair, in New Delhi, India, December 30, 2016. REUTERS/Adnan Abidi

आठ साल की बच्ची के साथ हुई वहशियाना हरकत दिखाती है कि हम नीचता की किन गहराइयों में डूब चुके हैं

प्रधानमंत्री के नाम लिखे एक पत्र में रिटायर्ड नौकरशाहों ने कहा कि यह पत्र केवल सामूहिक शर्म या अपनी पीड़ा को आवाज़ देने के लिए नहीं बल्कि सामाजिक जीवन में ज़बरदस्ती घुसा दिए गए घृणा और विभाजन के एजेंडा के ख़िलाफ़ लिखा गया है.

New Delhi: A group of muslim women at a market in the walled city area of Delhi on Thursday. The Muslim Women (Protection of Rights of Marriage) Bill, 2017, which makes instant triple talaq illegal and void, was introduced in Parliament. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI12_28_2017_000128B)

तीन तलाक़ विधेयक: क्या इसे सिर्फ़ इसलिए ठुकरा दिया जाए कि यह भाजपा सरकार की पहल का नतीजा है?

भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की सहसंस्थापक ज़किया सोमन कहती हैं कि जो तीन तलाक़ क़ानून का विरोध कर रहे हैं, शायद वे पीड़ित महिलाओं की हालत से वाकिफ़ नहीं हैं.

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लिपस्टिक अंडर माय बुरक़ा बोल्ड है, मगर स्त्रीवादी नहीं

सिगरेट-शराब पीने और सेक्स को आज़ादी का प्रतीक मानने के पुराने, बार-बार आजमाए जा चुके नुस्खे के साथ यह फिल्म इस पितृसत्तात्मक समझ का ही प्रसार करती हैं कि औरतें झूठी और बेवफा होती हैं.

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साक्षात्कार: पुरुषों को यह समझना होगा कि पितृसत्ता ने उन्हें अमानवीय बना दिया है

भूमंडलीकरण, भारत-पाक संबंध, दक्षिण एशिया में नारीवाद व पितृसत्ता आदि विषयों पर समाजविज्ञानी व नारीवादी​ चिंतक कमला भसीन से विस्तृत बातचीत.

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बीएचयू में लैंगिक भेदभाव के ख़िलाफ़ छात्राओं ने खोला मोर्चा

बीएचयू के महिला महाविद्यालय की एक छात्रा ने कैंपस में होने वाले लैंगिक भेदभाव और पितृसत्तात्मक सोच के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय महिला आयोग से मदद की अपील की है.