पिथौरागढ़

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली. (फोटो: पीटीआई)

भारत से आ रहा कोरोना वायरस संक्रमण चीन और इटली से अधिक घातक: नेपाल के प्रधानमंत्री

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के लिए देशव्यापी लॉकडाउन तोड़ने वाले व्यक्तियों और विशेष तौर पर उन लोगों को जिम्मेदार ठहराया, जो भारत से नेपाल में प्रवेश कर रहे हैं.

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली. (फोटो: रॉयटर्स)

विवादित हिस्से को किसी भी कीमत पर हासिल करके रहेंगे: नेपाल के प्रधानमंत्री

भारत और नेपाल दोनों लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को अपनी सीमा का अभिन्न हिस्सा बताते हैं. हाल ही में जारी नए राजनीतिक मानचित्र में नेपाल ने इन हिस्सों को नेपाली क्षेत्र में दर्शाया है.

2019 में सिवि सोसायटी संगठन द्वारा लिपूलेख हिस्से के साथ जारी नेपाल का मानचित्र.

नेपाल कैबिनेट ने भारत के साथ विवादित हिस्से को नए मानचित्र में शामिल करने की मंजूरी दी

नेपाल कैबिनेट के नए राजनीतिक मानत्रिच में लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाली क्षेत्र में दर्शाया गया है. भारत और नेपाल दोनों कालापानी को अपनी सीमा का अभिन्न हिस्सा बताते हैं.

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

लिपूलेख दर्रे से गुजरने वाली सड़क के उद्घाटन पर नेपाल ने जताई आपत्ति, भारत ने खारिज किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लिपूलेख दर्रे को उत्तराखंड के धारचूला से जोड़ने वाली रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण 80 किलोमीटर लंबी सर्कुलर लिंक रोड का उद्घाटन किया था.

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: रॉयटर्स)

कालापानी को भारत के नए नक्शे में दिखाए जाने पर नेपाल ने जताई आपत्ति

नेपाल सरकार ने स्पष्ट किया कि कालापानी का इलाका उसकी सीमा में आता है और दोनों देशों के बीच सीमा संबंधित लंबित सभी मुद्दों पर कोई भी एकतरफा कार्रवाई उसे अस्वीकार्य है.

The Mahakali is a transboundary river that forms the border between India (Uttarakhand) and Nepal. Credit: Sumit Mahar

भारत के सबसे ऊंचे बांध के निर्माण का विरोध क्यों हो रहा है?

उत्तराखंड में बन रहे पंचेश्वर बांध से करीब 80 हज़ार से ज़्यादा लोग प्रभावित होंगे. जिसमें मुख्यतः किसान, मज़दूर और मछुआरे हैं.

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विकास यही है, कुछ को उजाड़ देना और कुछ को उजाला देना

उत्तराखंड में बन रहे पंचेश्वर बांध से 122 गांव डूब जाएंगे. यहां रहने वाले लोगों को सरकारों की चाहत से ही उजड़ना है और सरकारों के कहे पर ही कहीं और बस जाना है.