पीएफआई

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को आदेश, केरल के पत्रकार को इलाज के लिए बाहर भेजा जाए

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को यूएपीए के आरोपों के तहत गिरफ़्तार केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को बेहतर इलाज के लिए राज्य से बाहर स्थानांतरित करने का निर्देश देते हुए कहा कि एक विचाराधीन क़ैदी को भी जीने का अधिकार है.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

सिद्दीक़ कप्पन को रिहा करने के लिए सीजेआई से मांग, कहा- उनका जीवन गंभीर ख़तरे में है

केरल के पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन की पत्नी की ओर से लिखे गए पत्र में दावा किया गया है कि उन्हें मथुरा के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में जानवर की तरह खाट से बांधा गया है और न वे खाना खा पा रहे हैं और न ही पिछले चार दिनों से भी अधिक समय से टॉयलेट जा सके हैं. कप्पन को पिछले साल हाथरस जाते समय गिरफ़्तार किया गया था.

इलाहाबाद हाईकोर्ट. (फोटो: पीटीआई)

अभिव्यक्ति की आज़ादी का अधिकार धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने का लाइसेंस नहीं: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने पीएफआई के सदस्य मोहम्मद नदीम की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज करते हुए कहा कि जो कोई ईशनिंदा संदेशों के प्रसार का जोखिम उठाता है, वह अदालत के विवेक को अपने पक्ष में पाने का हक़दार नहीं है. नदीम पर अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखने के ख़िलाफ़ धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप है.

दक्षिण कोलकाता में पार्टी प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार करते भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय. (फोटो: पीटीआई)

बंगाल में सीएए लागू किया जाएगा, एनआरसी लाने की कोई योजना नहीं: कैलाश विजयवर्गीय

पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव के बीच भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने टीएमसी के इस दावे को ख़ारिज किया कि अगर भाजपा बंगाल में सत्ता में आई तो एनआरसी लागू करेगी. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एनआरसी लाने की कोई योजना नहीं है, पर सीएए ज़रूर लागू होगा.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

हाथरस मामला: यूपी एसटीएफ ने पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन और सात अन्य के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की

उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले साल पांच अक्टूबर को हाथरस जाने के रास्ते में केरल के एक पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन समेत चार युवकों को गिरफ़्तार किया था. यूपी सरकार ने कोर्ट में दाख़िल हलफ़नामे में दावा किया है कि सिद्दीक़ कप्पन पत्रकार नहीं, बल्कि अतिवादी संगठन पीएफआई के सदस्य हैं.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

बीमार मां से मिलने के लिए पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन को सुप्रीम कोर्ट से मिली पांच दिन की ज़मानत

अक्टूबर 2020 में हाथरस में दलित युवती से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद वहां जा रहे केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को ज़मानत देते हुए शीर्ष अदालत ने उन्हें परिजनों और डॉक्टरों के अलावा किसी से मिलने की अनुमति नहीं दी है. पीठ ने यह भी कहा इस दौरान वे सोशल मीडिया समेत मीडिया को कोई इंटरव्यू नहीं देंगे.

माकपा नेता सीताराम येचुरी के साथ केरल वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के सदस्य. (फोटो: पीटीआई)

केरल के पत्रकार की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ पत्रकार संगठन की याचिका पर जनवरी में होगी सुनवाई

यूपी पुलिस ने बीते अक्टूबर में हाथरस जा रहे केरल के एक पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन समेत चार युवकों को गिरफ़्तार किया था. राज्य सरकार ने कोर्ट में दावा किया है कि कप्पन पत्रकार नहीं, बल्कि अतिवादी संगठन पीएफआई के सदस्य हैं. केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

हाथरस: गिरफ़्तार पत्रकार के मामले में अर्णब गोस्वामी का हवाला देने पर कोर्ट ने कहा- हर मामला अलग

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते पांच अक्टूबर को हाथरस जाने के रास्ते में केरल के एक पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन समेत चार युवकों को गिरफ़्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट ने मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट लेकर जाने को कहा था, जिस पर याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा था कि अर्णब गोस्वामी मामले को इसी अदालत में सुना गया था.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

सिद्दीक़ कप्पन जातीय तनाव पैदा करने और क़ानून व्यवस्था बिगाड़ने हाथरस जा रहे थेः यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते पांच अक्टूबर को हाथरस जाने के रास्ते में केरल के एक पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन समेत चार युवकों को गिरफ़्तार किया था. यूपी सरकार ने कोर्ट में दाख़िल हलफ़नामे में दावा किया है कि सिद्दीक़ कप्पन पत्रकार नहीं, बल्कि अतिवादी संगठन पीएफआई के सदस्य हैं.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

केरल के पत्रकार की हिरासत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस भेजा

पत्रकार सिद्दीक कप्पन की गिरफ़्तारी पर केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्टस ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है. सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि अदालत के सामने मौलिक अधिकारों के हनन के लिए दायर होने वाली अनुच्छेद 32 वाली याचिकाओं बाढ़-सी आ गई है और वे इन्हें हतोत्साहित कर रहे हैं.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

हाथरस मामलाः मथुरा की अदालत ने केरल के पत्रकार, तीन अन्य की न्यायिक हिरासत बढ़ाई

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते पांच अक्टूबर को हाथरस जाने के रास्ते में केरल के एक पत्रकार और तीन अन्य युवकों को गिरफ्तार किया था. चारों के ख़िलाफ़ राजद्रोह और आतंकवाद रोधी क़ानून के तहत मामला दर्ज किया गया ​है.

हाथरस जिले में स्थित युवती के गांव में तैनात पुलिस बल. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस मामलाः पत्रकार और सीएफआई के तीन सदस्यों पर राजद्रोह का एक अन्य मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाथरस जाने के रास्ते में केरल के एक पत्रकार और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया के तीन सदस्यों को गिरफ़्तार किया था. इन पर राजद्रोह और यूएपीए के तहत पहले ही मामला दर्ज किया गया है.

हाथरस पीड़िता के परिवार के साथ भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

हाथरस मामला: ईडी ने भीम आर्मी-पीएफआई में संबंध और सौ करोड़ की फंडिंग के दावे को ख़ारिज किया

हाथरस गैंगरेप को लेकर विरोध-प्रदर्शन करने के लिए पीएफआई द्वारा फंडिंग किए जाने के दावे किए गए थे. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईडी ने कहा है कि संगठन द्वारा 100 करोड़ रुपये की फंडिंग किए जाने की बात सच नहीं है.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

हाथरस मामला: केरल के पत्रकार और तीन पर यूएपीए और राजद्रोह का मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को हाथरस जाने के रास्ते में केरल के एक पत्रकार, दो सीएफआई सदस्यों और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ़्तार किया था. स्थानीय अदालत में पेश किए जाने के बाद इन सभी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

हाथरस पीड़िता के गांव में तैनात पुलिस बल. (फोटो: द वायर)

यूपी: हाथरस जा रहे पत्रकार को गिरफ़्तार करने के विरोध में आए पत्रकार संगठन, जल्द रिहाई की मांग

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को हाथरस जा रहे केरल के एक पत्रकार सिद्दीकी कप्पन समेत चार लोगों को गिरफ़्तार करते हुए उनके पीएफआई से जुड़े होने की बात कही थी. पत्रकार संगठनों ने कप्पन की अविलंब रिहाई की मांग करते हुए कहा है कि मीडिया को उसका काम करने से रोकने का प्रयास हो रहा है.