पीएम केयर्स फंड

कोविड संकट से क्या प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता में गिरावट हुई है?

वीडियो: भारत वैश्विक महामारी का नया केंद्र बना हुआ है. मई महीने के अधिकांश दिनों में संक्रमण के क़रीब चार लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए. कई कोविड-19 मरीज़ों की अस्पतालों में इसलिए मौत हो गई, क्योंकि डॉक्टरों के पास ऑक्सीजन और अन्य जीवनरक्षक दवाएं नहीं थीं. तमाम लोग इस त्रासदी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं.

केंद्र को ख़राब वेंटिलेटर को बदलना होगा, मरीज़ों पर प्रयोग की अनुमति नहीं दे सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ कोविड-19 महामारी से संबंधित उन याचिकाओं को सुन रही थी, जिसमें बताया गया था कि कई अस्पतालों को पीएम केयर्स फंड के तहत केंद्र से मिले 150 वेंटिलेटर में से 113 ख़राब थे. अदालत ने कहा है कि इन्हें बदलकर नए सही वेंटिलेटर स्थापित करना केंद्र की ज़िम्मेदारी है.

पीएम केयर्स: 150 में से 113 वेंटिलेटर ख़राब पाए जाने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में पीएम केयर्स फंड के तहत आपूर्ति किए गए 150 वेंटिलेटर्स में 113 के ख़राब होने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था. अदालत ने कहा ​कि सरकार को एहसास होना चाहिए कि उन्होंने ख़राब गुणवत्ता वाले वेंटिलेटर की आपूर्ति की है. उन्हें अच्छी गुणवत्ता वाले वेंटिलेटर से बदलें.

पीएम केयर्स: गुजराती कंपनी के विवादित वेंटिलेटर्स को स्वास्थ्य मंत्रालय ने नहीं दी थी मंज़ूरी

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 58 हज़ार से ज़्यादा वेंटिलेटर्स का ऑर्डर पाने वाली पांच कंपनियों में गुजरात की ज्योति सीएनसी भी थी. मई में अहमदाबाद के अस्पताल में भेजे गए उनके वेंटिलेटर्स पर सवाल उठे थे. अब सामने आया है कि 20 जुलाई तक मंत्रालय की एक समिति ने इस कंपनी से वेंटिलेटर लेने की सिफ़ारिश नहीं की थी.

पीएम केयर्स फंड और आमिर ख़ान पर हंगामा

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को ख़ारिज कर दिया जिसके तहत ये मांग की गई थी कि पीएम केयर्स फंड में प्राप्त राशि नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड (एनडीआरएफ) में ट्रांसफर की जाए. दूसरी ओर अभिनेता आमिर ख़ान की तुर्की की प्रथम महिला से मुलाकात पर बवाल मचा हुआ है. इन मुद्दों पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.