पीएस कृष्णन

अमर्त्य सेन. (फोटो: रॉयटर्स)

कांग्रेस रोज़गार देने में अच्छी नहीं थी, लेकिन मोदी सरकार में हालात और बदतर हो गए: अमर्त्य सेन

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े तबके को आरक्षण देना अव्यवस्थित सोच है. आरक्षण को असमानता के कारण लागू किया गया था और यह कभी भी आय का प्रश्न नहीं था.

अमर्त्य सेन (फोटो: पीटीआई)

सामान्य वर्ग को आरक्षण एक अव्यवस्थित सोच, गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं: अमर्त्य सेन

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा कि भाजपा समाज को बांटने वाली नीतियों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है. उन्होंने नागरिकता बिल को भेदभावपूर्ण बताया है.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

सामान्य वर्ग को आरक्षण वाला विधेयक लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पारित

अब आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी में आने वाले सामान्य वर्ग के लोगों के लिए नौकरियों और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान होगा. विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि चुनावी फायदे के लिए सरकार अंतिम समय में आनन-फानन में ये विधेयक पास करा रही है.

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‘आरक्षण गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम नहीं, नया विधेयक संविधान का उल्लंघन है’

भारत सरकार के पूर्व सचिव पीएस कृष्णन ने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़ी उच्च जातियों को आरक्षण की नहीं, बल्कि स्कॉलरशिप, शिक्षा के लिए लोन, कौशल विकास सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की आवश्यकता है.