पुणे

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना के दो लाख से अधिक मामले दर्ज करने वाला देश का पहला ज़िला बना पुणे

पुणे की तुलना में सोमवार तक दिल्ली में संक्रमण के कुल मामले 193,526, जबकि मुंबई में 157,410 थे. गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को छोड़कर पुणे में कोरोना के मामले कई राज्यों से अधिक हैं.

पत्रकार पांडुरंग रायकर. (फोटो साभारः फेसबुक)

महाराष्ट्र: कोरोना संक्रमित पत्रकार की मौत, परिवार का आरोप- इलाज में देरी से हुई मौत

महाराष्ट्र के पुणे में एक निजी समाचार चैनल में काम करने वाले पत्रकार के परिवार का आरोप है कि अहमदनगर के निजी अस्पताल ने 40,000 रुपये एडवांस जमा कराने तक उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया था. अगर उन्हें समय पर इलाज मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी. महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

Nihalsingh Rathod, NIA and Viplav Teltumbde.

एल्गार परिषद मामला: एनआईए ने पूछताछ के लिए तीन वकीलों को समन भेजा

जिन लोगों को समन जारी किया गया है उनमें निहाल सिंह राठौड़, विप्लव तेलतुम्बड़े और एक अन्य वकील शामिल हैं. राठौड़ इस मामले में कई आरोपियों के केस लड़ रहे हैं, वहीं विप्लव तेलतुम्बड़े जाने-माने दलित अधिकार कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े के संबंधी हैं.

DU Professor PK Vijayan Twitter

भीमा कोरेगांव मामला: एनआईए ने पूछताछ के लिए दो डीयू प्रोफेसर को समन जारी किया

एनआईए ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्रेम कुमार विजयन और राकेश रंजन को पूछताछ के लिए बुलाया है. इससे पहले 28 जुलाई को एजेंसी ने इस मामले में डीयू के प्रोफेसर हेनी बाबू एमटी को गिरफ़्तार किया था.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली हिंसा और भीमा-कोरेगांव मामले के जांच अधिकारियों को मिलेगा केंद्रीय गृहमंत्री का पदक

उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा और भीमा-कोरेगांव मामले की जांच करने वाले अधिकारियों सहित देशभर के 121 पुलिस अधिकारियों को जांच में उत्कृष्टता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के पदक से नवाज़ा गया है.

मुंबई में एनआईए अधिकारियों के साथ प्रोफेसर हेनी बाबू एमटी. (फोटो: पीटीआई)

भीमा-कोरेगांव: डीयू प्रोफेसर हेनी बाबू की एनआईए हिरासत सात अगस्त तक बढ़ाई गई

दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हेनी बाबू एमटी को अदालत ने चार अगस्त को सात दिनों की हिरासत में भेजा था. एनआईए ने उनकी हिरासत बढ़ाने का अनुरोध करते हुए अदालत से कहा कि उनके ईमेल और सोशल मीडिया की पड़ताल करने की ज़रूरत है.

Jenny Rowena. Photo- Miranda House website

भीमा कोरेगांव मामला: मिरांडा हाउस की प्रोफेसर के घर एनआईए ने छापा मारा

इस मामले में एनआईए ने 28 जुलाई को रोवेना के पति और दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर हेनी बाबू एमटी को गिरफ़्तार किया है. सितंबर 2019 में उनके नोएडा स्थित घर पर पुणे पुलिस द्वारा छापेमारी की गई थी.

मुंबई में एनआईए अधिकारियों के साथ प्रोफेसर हेनी बाबू एमटी. (फोटो: पीटीआई)

भीमा कोरेगांव: अदालत ने डीयू प्रोफेसर हेनी बाबू को सात दिन की हिरासत में भेजा

28 जुलाई को गिरफ़्तार किए गए दिल्ली यूनिवर्सिटी के 54 वर्षीय प्रोफेसर हेनी बाबू एमटी को एनआईए में मुंबई की विशेष अदालत में पेश करते हुए दस दिन की हिरासत की मांग की थी.

डीयू प्रोफेसर हनी बाबू एमटी (फोटो: Special Arrangement)

भीमा कोरेगांव: डीयू के प्रोफेसर गिरफ़्तार, पत्नी ने कहा- सहयोगी को फंसाने के लिए दबाव डाला गया

एनआईए द्वारा गिरफ़्तार किए गए दिल्ली यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर हेनी बाबू एमटी भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ़्तार होने वाले बारहवें शख़्स हैं. इससे पहले इस मामले के संबंध में पुणे पुलिस ने सितंबर 2019 में उनके नोएडा स्थित घर पर छापेमारी की थी.

तेलुगू कवि वरवरा राव. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई जेल में बेहोश होने के बाद कार्यकर्ता और कवि वरवरा राव अस्पताल में भर्ती

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार राजनीतिक कार्यकर्ता और कवि वरवरा राव अगस्त, 2018 से जेल में बंद हैं. मामले की एक अन्य आरोपी सुधा भारद्वाज की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है.

Bhubaneswar: A migrant family walks along the national highway (NH-16) to reach the native place, during ongoing COVID-19 lockdown, in Bhubaneswar, Monday, May 18, 2020. (PTI Photo) (PTI18-05-2020 000088B)

महाराष्ट्र: पैदल घर लौट रहे एक श्रमिक की भूख-प्यास से मौत

गन्ने के खेत में काम करने वाले चालीस साल के पिंटू पंवार मार्च में लॉकडाउन लागू होने के समय पुणे में अपने माता-पिता से मिलने गए हुए थे. लॉकडाउन लगातार बढ़ने पर वे वहां से पैदल अपने गांव की ओर निकल गए, सोमवार को रास्ते के एक गांव के पास उनका शव मिला है.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: ट्विटर)

गिरफ़्तारी से पहले तेलतुम्बड़े ने देश को लिखा- उम्मीद है आप अपनी बारी आने से पहले बोलेंगे

मैं देख रहा हूं कि मेरा भारत बर्बाद हो रहा है, इस तरह के डरावने क्षण में एक उम्मीद के साथ लिख रहा हूं. आज बड़े पैमाने पर उन्माद को बढ़ावा मिल रहा और शब्दों के अर्थ बदल दिए गए हैं, जहां राष्ट्र के विध्वंसक देशभक्त बन जाते हैं और लोगों की निस्वार्थ सेवा करने वाले देशद्रोही.

गौतम नवलखा. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

आत्मसमर्पण से पहले बोले गौतम नवलखा- निर्दोष साबित होने से पहले आरोपी को दोषी मानना नया चलन

भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा ने यूएपीए कानून की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे कानून सामान्य न्याय की अवधारणा को बर्बाद कर देते हैं.

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा: यह इस वक़्त की सबसे ग़ैर-ज़रूरी और बेतुकी गिरफ़्तारी है

आनंद और गौतम या शोमा और सुधा का अर्थ है लगातार बहस. वह बहस जनतंत्र के शरीर में रक्त संचार की तरह है. उसके रुकने का मतलब जनतंत्र का मरना है. फिर क्या हम और आप ज़िंदा रह जाते हैं?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे. (फोटो: पीटीआई)

भीमा-कोरेगांव: कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की जांच केंद्र को देने के बाद बोले उद्धव- नहीं सौंपेंगे हिंसा मामला

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि एल्गार और भीमा-कोरेगांव दो अलग विषय हैं. मेरे दलित भाइयों से जुड़ा मुद्दा भीमा-कोरेगांव का है और इसे मैं केंद्र को नहीं सौंपूंगा. मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि दलित भाइयों के साथ कोई अन्याय नहीं होगा.