पूर्वोत्तर

(फोटो: रॉयटर्स)

असम: सीएए के विरोध में कई संगठनों ने फिर से प्रदर्शन किया, क़ानून वापस लेने की मांग

असम में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों में पिछले साल 12 दिसंबर को पांच लोगों की मौत हो गई थी. इसे काला दिवस कहते हुए 18 संगठनों ने क़ानून के विरोध में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सीएए राज्य के मूल निवासियों की पहचान, भाषा और सांस्कृतिक धरोहर के ख़िलाफ़ है.

Baksa: Voters wait in a queue to cast their votes for Bodoland Territorial Regions (BTR) elections 2020, at a polling station at Uttarpara in Baksa district, Monday, Dec. 7, 2020. (PTI Photo) (PTI07-12-2020 000006B)

असम: बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद चुनाव के पहले चरण में 77 प्रतिशत मतदान

असम में 40 सदस्यीय बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद चुनावों के लिए दूसरे चरण का मतदान 10 दिसंबर को होगा. यह चुनाव केंद्र, राज्य और बोडो समूहों के बीच इस साल जनवरी में लंबे समय से चले आ रहे बोडो मुद्दे को लेकर हुए समझौतों के बाद हुआ है. असम में कुछ आदिवासी क्षेत्रों को स्वायत्तता प्रदान की गई है.

(फोटो: पीटीआई)

नगा समूह का आरोप- गृह मंत्रालय असम राइफल्स को उनके ख़िलाफ़ अभियान तेज़ करने का निर्देश दे रहा

उत्तर पूर्व के सभी उग्रवादी संगठनों के अगुवा एनएससीएन-आईएम ने एक बयान जारी कर कहा कि भारत सरकार को बड़ी संवेदनशीलता के साथ स्थिति को संभालना चाहिए और भारतीय सुरक्षा बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को एनएससीएन के खिलाफ अभियान चलाने के लिए नहीं उकसाना चाहिए. हमारे धैर्य को हमारी कमजोरी या लाचारी नहीं समझना चाहिए.

द शिलॉन्ग टाइम्स की संपादक पैट्रिसिया मुखीम (फोटो साभारः फेसबुक)

वरिष्ठ पत्रकार पैट्रिशिया मुखीम ने साथ न देने का आरोप लगाते हुए एडिटर्स गिल्ड की सदस्यता छोड़ी

द शिलॉन्ग टाइम्स की संपादक पैट्रिशिया मुखीम पर एक फेसबुक पोस्ट के ज़रिये सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने के आरोप में हुई एफआईआर को हाईकोर्ट ने रद्द करने से इनकार कर दिया है. मुखीम का कहना है कि एडिटर्स गिल्ड सिर्फ सेलिब्रिटी पत्रकारों का ही बचाव करती है, उनके मामले पर उसने चुप्पी साध रखी है.

Patricia mukhim facebook

मेघालय: अख़बार की संपादक पर फेसबुक पोस्ट के लिए हुई एफआईआर रद्द करने से अदालत का इनकार

द शिलॉन्ग टाइम्स की संपादक पैट्रीशिया मुखीम ने राज्य में ग़ैर-आदिवासी छात्रों पर हुए हमले को लेकर एक फेसबुक पोस्ट लिखी थी, जिसके लिए उन पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी.

एनएससीएन-आईएम प्रमुख टी. मुइवाह और करण थापर. (फोटो: द वायर)

नगा कभी भारत का हिस्सा नहीं बनेंगे, न ही भारतीय संविधान स्वीकार करेंगे: एनएससीएन आईएम प्रमुख

विशेष: द वायर के साथ बातचीत में एनएससीएन-आईएम के प्रमुख टी. मुइवाह ने दोहराया कि भारत सरकार के साथ चल रही शांति वार्ता में उनका संगठन अलग झंडे और संविधान की मांग पर कोई समझौता नहीं करेगा.

पत्रकार शांतनु भौमिक. (फोटो साभार: फेसबुक/शांतनु भौमिक)

त्रिपुराः पत्रकार की हत्या के तीन साल बाद भी परिवार को इंसाफ़ का इंतज़ार

त्रिपुरा में एक राजनीतिक पार्टी के प्रदर्शन को कवर करने गए स्थानीय टीवी चैनल के पत्रकार शांतनु भौमिक की 20 सितंबर 2017 को हत्या कर दी गई थी. जून 2018 में मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने मामला सीबीआई को सौंपा था. अब पत्रकारों ने जांच की धीमी रफ्तार को लेकर नाराज़गी जताई है.

उल्फा कैडरों की प्रतिकात्मक तस्वीर. (फोटो: द हंस इंडिया)

प्रतिबंधित होने से पहले उल्फा नेताओं ने ब्रिटेन से मांगी थी मदद: रिपोर्ट

प्रतिबंधित होने से पहले उल्फा के ब्रिटेन से मदद मांगने का खुलासा ब्रिटेन के नेशनल आर्काइव्स द्वारा कुछ गोपनीय दस्तावेजों को हाल में सार्वजनिक किए जाने के बाद हुआ है. उल्फा के तत्कालीन तीन शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद बांग्लादेश में ब्रिटिश राजनयिक डेविड ऑस्टिन ने एक पत्र लिख ब्रिटेन को बताया था कि उल्फा इजरायल से प्रभावित है.

फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल, धुबरी. (फोटो: मसूद ज़मान)

असम: सीमाई ज़िले के फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में मुस्लिम अधिवक्ताओं को हटाकर हिंदुओं की नियुक्ति

धर्म के आधार पर फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के शासकीय अधिवक्ताओं को नियुक्त करने से पहले राज्य सरकार सीमाई ज़िलों में एनआरसी से बाहर रहने वाले लोगों की दर को लेकर कई बार नाख़ुशी ज़ाहिर कर चुकी है.

नगा शांति वार्ता में वार्ताकार और नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

शांति समझौता: नगा समूहों ने कहा- राजनीतिक समाधान का समय नज़दीक है

नगा राष्ट्रीय राजनीतिक समूहों की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि इंतज़ार की घड़ियां समाप्त हुईं और केंद्र ऐसा समाधान निकालने के लिए आवश्यक क़दम उठा रहा है, जो सभी को स्वीकार्य हो.

Kolkata: A worker waits to deliver LPG cylinders, during Unlock 2.0, in Kolkata, Saturday, July 18, 2020. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)

पूर्वोत्तर में इंडियन ऑयल के एलपीजी ट्रांसपोर्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमि​टेड के 10 बॉटलिंग संयंत्रों में सिलेंडर की ढुलाई और आपूर्ति प्रभावित हुई है और आने वाले दिनों में वितरकों की खुदरा बिक्री भी प्रभावित होने की आशंका है.

मणिपुर के पांच पूर्व कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल. (फोटो सभार: ट्विटर @NBirenSingh)

मणिपुर: पांच पूर्व कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल, राम माधव ने कांग्रेस पर निशाना साधा

पूर्वोत्तर मामलों के भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार राम माधव ने आरोप लगाया है कि पिछले दिनों राजस्थान के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस जो आरोप भाजपा पर लगा रही थी, दरअसल वही सारे काम वह मणिपुर में भाजपा नीत एन. बीरेन सिंह सरकार को गिराने के लिए कर रही थी.

टी. मुइवाह और आरएन रवि. (फाइल फोटो: पीटीआई)

नगालैंड: नगा संगठन ने जारी की गोपनीय फ्रेमवर्क एग्रीमेंट की प्रति, वार्ताकार पर लगाए आरोप

केंद्र सरकार के साथ शांति वार्ता में शामिल सबसे बड़े नगा संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-इसाक मुईवाह ने 2015 में सरकार के साथ हुए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट की प्रति सार्वजनिक करते हुए कहा कि वार्ताकार आरएन रवि नगा राजनीतिक मसले को संवैधानिक क़ानून-व्यवस्था की समस्या का रंग दे रहे हैं.

नगा शांति वार्ता में वार्ताकार और नगालैंड के राज्यपाल आरएन रवि. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

नगालैंड: शांति वार्ता को लेकर बढ़ा तनाव, वार्ताकार ने राज्य सरकार को फटकारा

नगालैंड के राज्यपाल और शांति वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे आरएन रवि ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए अपने संदेश में प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में पूरा देश आगे बढ़ रहा है लेकिन ‘निजी हितों’ की वजह से नगालैंड पीछे छूट गया है.

एनएससीएन-आईएम के प्रमुख टी. मुईवाह (फोटो: पीटीआई)

नगा शांति वार्ता बेनतीजा होने की ओर, नगा संगठन ने कहा- बिना अलग झंडे और संविधान के समाधान नहीं

केंद्र सरकार और बाग़ी नगा समूहों के बीच चल रही शांति वार्ता की प्रक्रिया के बीच इन समूहों के प्रतिनिधि संगठन एनएससीएन-आईएम के प्रमुख टी. मुईवाह ने कहा है कि अलग झंडे, संविधान और ग्रेटर नगालिम के बिना कोई समाधान नहीं निकल सकता. सरकार पहले ही इन मांगों पर असहमति जता चुकी है.