पूर्वोत्तर

(फोटो: पीटीआई)

असम को इनर लाइन परमिट से बाहर रखने के फ़ैसले पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

असम के दो छात्र संगठनों ने राज्य को नागरिकता संशोधन क़ानून के प्रभाव से बचाने के लिए राष्ट्रपति द्वारा बीते दिसंबर में बंगाल पूर्वी सीमांत नियमन, 1873 में किए गए संशोधनों को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है. अदालत का कहना है कि इस बारे में केंद्र का पक्ष सुने बिना कोई रोक नहीं लगाई जा सकती.

निदो की मौत के बाद गुवाहाटी में हुआ एक प्रदर्शन. (फाइल फोटो: पीटीआई)

निदो तानिया मामले के एक दोषी को दिल्ली हाईकोर्ट से ज़मानत मिली

2014 में अरुणाचल प्रदेश के एक पूर्व विधायक के बीस वर्षीय बेटे निदो की दिल्ली में हत्या कर दी गई थी, जिसके चार आरोपियों को बीते साल सितंबर में दोषी मानते हुए दस और सात साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.

फोटो: रॉयटर्स

एनआरसी-एनपीआर के विरोध के बाद सीएए के समर्थन में क्यों हैं नीतीश कुमार?

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून, एनआरसी और एनपीआर को लेकर देश भर में कड़ा विरोध हुआ है. कई राज्यों ने सीएए के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पारित किया है और एनआरसी लागू न करने की बात कही है. लेकिन बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनआरसी-एनपीआर से इनकार कर रहे हैं, पर सीएए के समर्थन में हैं. इस बारे में जदयू के पूर्व महासचिव पवन वर्मा से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

Guwahati: Members of Sanmilata Sangram Parishad take part in a torch light rally in protest against Citizenship Amendment Act (CAA) in Guwahati, Friday, Dec. 20, 2019. (PTI Photo)(PTI12_20_2019_000179B)

सीएए के ख़िलाफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय द्वारा संशोधित नागरिकता कानून पर सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर करने पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीएए भारत का आंतरिक मामला है और यह कानून बनाने वाली भारतीय संसद के संप्रभुता के अधिकार से संबंधित है.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar addressing a press conference at his residence in Patna on Monday. PTI Photo  (PTI11_6_2017_000095B)

बिहार विधानसभा में एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पास

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एनआरसी को बिहार में लागू नहीं किया जा रहा है और एनपीआर का 2010 में किए गए तरीके से ही अपडेटेशन किया जाएगा.

Data entry operators of National Register of Citizens (NRC) carry out correction of names and spellings at an NRC Seva Kendra at Birubari in Guwahati. PTI Photo

असम एनआरसी की सूची में ‘अयोग्य’ लोग शामिल, उनकी पहचान करें अधिकारी: एनआरसी संयोजक

असम एनआरसी की अंतिम सूची के प्रकाशन के लगभग छह महीने बीतने के बाद राज्य के एनआरसी संयोजक हितेश देव शर्मा ने राज्य के सभी 33 ज़िलों के अधिकारियों से इस लिस्ट में शामिल हो गए ‘अयोग्य’ लोगों के नामों की जांचकर इसकी जानकारी देने को कहा है.

अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (फोटो साभारः ट्विटर)

अमित शाह का अरुणाचल दौरा बीजिंग की क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है: चीन

चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानते हुए उस पर अपना दावा करता है और किसी भी भारतीय नेता के यहां आने पर आपत्ति जताता है. चीन के बयान के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उनकी आपत्ति बेवजह है, अरुणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा है.

New Delhi: President Ram Nath Kovind speaks during the inauguration of the 20th National Technology Day 2018 function in New Delhi on Friday. (PTI Photo / Kamal Singh)(PTI5_11_2018_000050B)

विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा से लोकतंत्र कमजोर होता है: रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कहा कि संसद ने नागरिकता संशोधन कानून बनाकर महात्मा गांधी के विचारों का सम्मान किया है. हालांकि इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने हंगामा करते हुए इसका कड़ा विरोध किया.

उल्फा-आई के नेता परेश बरुआ. (फोटो: पीटीआई)

केंद्र सरकार उल्फा (आई) से शांति वार्ता करने के लिए तैयार: हिमंता बिस्वा शर्मा

बोडो शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के एक दिन बाद असम के वरिष्ठ मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने उल्फा (आई) गुट के नेता परेश बरुआ से बातचीत के लिए आगे आने की अपील की. वहीं, उल्फा-आई के प्रमुख परेश बरुआ ने कहा कि यदि हम एक संप्रभु और स्वतंत्र असम के बारे में चर्चा करने और इस मुद्दे पर निष्कर्ष पर आने में सक्षम हैं, तो हम निश्चित रूप से इस तरह के एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे.

बोडो समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल. (फोटो: पीआईबी)

असम: बोडो क्षेत्रों में स्थायी शांति के लिए केंद्र सरकार और एनडीएफबी, एबीएसयू के बीच हुआ समझौता

बोडो संगठन लगभग पांच दशक से पृथक राज्य की मांग करते रहे हैं. केंद्र सरकार ने असम के उग्रवादी समूहों में से एक एनडीएफबी और दो अन्य संगठनों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. समझौते में कहा गया है कि एनडीएफबी के सदस्यों के ख़िलाफ़ ग़ैर-जघन्य आपराधिक मामलों को वापस लिया जाएगा.

आशीष नंदी, अमिताव घोष, मीरा नायर और नसीरुद्दीन शाह. (फोटो साभार: विकिपीडिया/फेसबुक)

नसीरुद्दीन शाह, मीरा नायर समेत 300 हस्तियों ने नागरिकता कानून के खिलाफ खुला बयान जारी किया

बयान में कहा गया है, ‘हम सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले और बोलने वालों के साथ खड़े हैं. संविधान के बहुलवाद और विविध समाज के वादे के साथ भारतीय संविधान के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए उनके सामूहिक विरोध को सलाम करते हैं.’

CANNES: Director Nandita Das poses for photographers during a photo call for the film 'Manto' at the 71st international film festival, Cannes, southern France, Monday, May 14, 2018. AP/PTI(AP5_14_2018_000121B)

नागरिकता कानून विरोध प्रदर्शन को नंदिता दास का समर्थन, कहा- देश में हर जगह शाहीन बाग बन रहे हैं

अभिनेत्री नंदिता दास ने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर का विरोध करते हुए कहा कि दोनों को जोड़ना बेहद खतरनाक है. उन्होंने कहा कि यह बांटने वाला कानून है.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता क़ानून: सुप्रीम कोर्ट का रोक लगाने से इनकार, जवाब देने के लिए केंद्र को चार हफ्ते दिए

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए पांच जजों की बेंच गठित करने का संकेत दिया है. याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि इस क़ानून को लागू करने की प्रक्रिया को टाल दिया जाए, लेकिन कोर्ट ने इस संबंध में कोई आदेश पारित नहीं किया.

New Delhi: Home Minister Amit Shah during the 32nd Intelligence Bureau (IB) Centenary Endowment Lecture at Siri Fort auditorium, Monday, Dec. 23, 2019. (PTI Photo/Shahbaz Khan)(PTI12_23_2019_000017B)

जिसे विरोध करना हो करे, मगर नागरिकता कानून वापस नहीं होने वाला: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाली कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से पूछा कि जब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में करोड़ों लोग धर्म के आधार पर मारे गए तब आप कहां थे?

हिमंता बिस्वा शर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक/Himanta Biswa Sarma)

नागरिकता कानून के तहत नागरिकता पाने के लिए धार्मिक उत्पीड़न शर्त नहींः हिमंता बिस्वा शर्मा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में चर्चा के दौरान कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक भारत में आए धार्मिक प्रताड़ना के शिकार हिंदुओं, जैनों, बौद्धों, पारसियों, सिखों और इसाइयों को नागरिकता दी जाएगी.