पैलेट गन

People walk on a road covered with stones and pieces of brick during restrictions in Srinagar, August 14. REUTERS/Danish Ismail

कश्मीर: पैलेट गन से घायल हुए कश्मीरी युवक की मौत

अनुच्छेद 370 हटने के बाद श्रीनगर के सौरा में हुए एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ यह युवक पैलेट लगने से घायल हो गया था. हालांकि सेना का कहना है कि युवक की मौत पैलेट से लगी चोट से नहीं बल्कि पथराव से हुई है.

नजीर अहमद रोंगा. (फोटो: फेसबुक)

मतदान के लिए प्रोत्साहित करने वाले कश्मीरी वकील विरोध प्रदर्शन के डर से हिरासत में

कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नजीर अहमद रोंगा को जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करने से एक दिन पहले 4 अगस्त को पीएसए के तहत गिरफ़्तार किया गया था. आरोप है कि वे इस निर्णय को लेकर लोगों को प्रभावित कर सकते थे.

A Kashmiri man holds stones during clashes with Indian security forces, after scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 23, 2019. REUTERS/Adnan Abidi

अनुच्छेद 370: सरकार ने कश्मीरियों के घाव पर मरहम की जगह नमक रगड़ दिया है

श्रीनगर से ग्राउंड रिपोर्ट: मुख्यधारा के मीडिया में आ रही कश्मीर की ख़बरों में से 90 प्रतिशत झूठी हैं. कश्मीर के हालात मामूली प्रदर्शनों तक सीमित नहीं हैं और न ही यहां कोई सड़कों पर साथ मिलकर बिरयानी खा रहा है.

A man with pellet injuries is treated inside a house in a neighbourhood where there have been regular clashes with Indian security forces following restrictions after the government scrapped the special constitutional status for Kashmir, in Srinagar August 14, 2019. REUTERS/Danish Ismail

5 अगस्त के बाद कश्मीर घाटी में पैलेट से 36 लोग घायल हुए: रिपोर्ट

राज्य से अनुच्छेद 370 हटाने और दो केंद्र शासित प्रदेशों में बंटने के बाद के बाद से राज्य में बंद है. एक अधिकारी ने बताया कि पैलेट से घायल 36 लोगों में से 8 बंद के पहले हफ्ते में घायल हुए थे. इस दौरान पत्थरबाजी की 200 घटनाएं हुईं.

Raipur: Congress President Rahul Gandhi addresses a convention of farmers, at Rajyotsav Mela ground in Naya Raipur, Monday, Jan 28, 2019. (PTI Photo) (PTI1_28_2019_000141B)

कश्मीर भारत का आंतरिक मामला, पाक समर्थित आतंकवाद के कारण हो रही हिंसा: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि वह कई मुद्दों पर नरेंद्र मोदी सरकार से असहमत हैं, लेकिन यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि जम्मू कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और पाकिस्तान या कोई दूसरा देश इसमें दखल नहीं दे सकता.

**EDS: RPT WITH DATE CORRECTION** Srinagar: A view of a deserted street during restrictions in Srinagar, Wednesday, Aug 7, 2019. Restrictions have been imposed in several districts of Jammu and Kashmir as a precautionary measure after the state lost its special status and was bifurcated on Tuesday as Parliament approved a resolution scrapping Article 370 of the Constitution and passed a bill to split the state into two Union Territories. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI8_9_2019_000010B)

अनंतनाग में पथराव से एक व्यक्ति की मौत, कश्मीर में 22वें दिन भी जनजीवन प्रभावित

कश्मीर घाटी में 22वें दिन भी दुकानें और अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे. श्रीनगर के लाल चौक और प्रेस एन्क्लेव क्षेत्र में अब भी लैंडलाइन टेलीफोन सेवाएं बंद हैं. मोबाइल सेवाएं और बीएसएनएल ब्रॉडबैंड तथा इंटरनेट संबंधी अन्य सेवाएं पांच अगस्त से ही बंद हैं.

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक. (फोटो: पीटीआई)

कश्मीर में संचार माध्यमों पर पाबंदी से जिंदगियां बचीं: राज्यपाल सत्यपाल मलिक

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि जम्मू कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत दिए गए विशेष दर्जे को खत्म करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद राज्य में हिंसा में किसी शख्स की जान नहीं गई है.

डीएमके के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर के नेताओं की गिरफ़्तारी के विरोध में जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन करती विपक्षी पार्टियां. (फोटो:  एएनआई)

कश्मीर में नेताओं की गिरफ़्तारी पर डीएमके व अन्य विपक्षी पार्टियों ने जंतर मंतर पर किया विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली के जंतर मंतर पर गुरुवार को डीएमके के नेतृत्व में कांग्रेस, टीएमसी, राजद, सीपीआई और सीपीएम सहित कई अन्य पार्टियों ने एक साथ आकर जम्मू कश्मीर में हालात को सामान्य करने, घाटी में संचार सेवाओं को दुरुस्त करने और हिरासत में लिए गए सभी राजनीतिक नेताओं की रिहाई की मांग की.

Srinagar Police Reuters

कश्मीर में जो हुआ उसका मक़सद कश्मीरियों पर नियंत्रण ही नहीं, उन्हें अपमानित करना भी है

संचार के सारे साधनों को काटकर, उन्हें काबू में रखने के लिए सुरक्षा बलों के इस्तेमाल का मक़सद कश्मीरियों को यह याद दिलाना है कि उनका अपना कोई वजूद नहीं है- उनका अस्तित्व सत्ता के हाथ में है, वो सत्ता जिसका प्रतिनिधित्व वहां हर जगह मौजूद सेना कर रही है.

श्रीनगर में 8 अगस्त 2019 को सुनसान सड़क पर खड़े सुरक्षाकर्मी. (फोटो: रॉयटर्स)

कश्मीर में 5 अगस्त से अब तक लगभग 4000 लोग गिरफ़्तार: मीडिया रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, एक मजिस्ट्रेट ने बताया कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटने के बाद से कम से कम 4000 लोगों को गिरफ्तार कर पीएसए के तहत हिरासत में रखा गया है.

17 अगस्त, 2019 को श्रीनगर में अपने घर में बाहर देखता एक कश्मीरी. (फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर: बहाल होने के एक दिन बाद फिर बंद की गईं 2जी इंटरनेट सेवाएं

जम्मू कश्मीर में 4 अगस्त से संचार सेवाओं को पूरी तरह से बंद किया गया है. इसके 12 दिन बाद शनिवार को जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी जिलों में कम गति की 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल की गई थीं.

People walk on a road covered with stones and pieces of brick during restrictions in Srinagar, August 14. REUTERS/Danish Ismail

16 अगस्त को श्रीनगर में पुलिस और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के बीच हुआ संघर्ष: रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, यह संघर्ष श्रीनगर के सौरा इलाके में प्रदर्शनकारियों द्वारा निकाली गई रैली के दौरान हुआ. वहीं, 12 दिन बाद कश्मीर घाटी के 17 टेलीफोन एक्सचेंज में लैंडलाइन सेवाएं और जम्मू के पांच जिलों में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi addresses the national convention of Other Backward Classes (OBC) department of AICC, at Talkatora Stadium in New Delhi on Monday, June 11, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI6_11_2018_000092B)

जम्‍मू कश्मीर: कांग्रेस नेताओं की हिरासत पर बोले राहुल, कब ख़त्‍म होगा यह पागलपन

कांग्रेस की जम्मू कश्मीर इकाई को शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन करने से रोकते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा को हिरासत में ले लिया गया. कांग्रेस का दावा है कि उसके प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर को भी उस वक्त हिरासत में ले लिया गया जब वह पार्टी कार्यालय जा रहे थे.

स्वतंत्रता दिवस पर श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और राज्यपाल सत्यपाल मलिक. (फोटो: एएनआई)

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल ने श्रीनगर में फहराया तिरंगा, कहा- दांव पर नहीं राज्य के लोगों की पहचान

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म होने के बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पहले स्वतंत्रता दिवस पर शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में समारोह को संबोधित किया. इस समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी शामिल हुए.

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक और कांग्रेस नेता राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के आमंत्रण पर राहुल गांधी ने पूछा- कब आ सकता हूं?

जम्मू कश्मीर के हालात पर चिंता जताए जाने पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राहुल गांधी को राज्य में आने के लिए विमान भेजने की बात की थी. इस पर राहुल गांधी ने कुछ शर्तों के साथ आमंत्रण स्वीकार कर लिया था. हालांकि, पूर्व शर्त लगाए जाने पर मलिक ने राहुल गांधी की आलोचना की थी.

Kashmiri residents throw stones towards Indian security forces during restrictions after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the government, in Srinagar, August 10, 2019. REUTERS/Danish Siddiqui

गृह मंत्रालय ने स्वीकारा, श्रीनगर में हुई थी पत्थरबाजी

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि 9 अगस्त को श्रीनगर के बाहर ‘शरारती तत्वों’ ने व्यापक पैमाने पर अशांति पैदा करने के लिए सुरक्षा बलों पर अकारण पथराव किया लेकिन प्रदर्शनकारियों पर गोलियां नहीं चलाई गईं.

Jammu: A Rapid Action Force (RAF) personnel stand guard during restrictions in Jammu, Friday, Aug 9, 2019. Restrictions have been imposed in several districts of Jammu and Kashmir as a precautionary measure after the state lost its special status and was bifurcated on Tuesday as Parliament approved a resolution scrapping Article 370 of the Constitution and passed a bill to split the state into two Union Territories. (PTI Photo)(PTI8_9_2019_000056A)(PTI8_9_2019_000161B)

जम्मू कश्मीर: सीआरपीएफ की हेल्पलाइन सेवा पर आए बड़ी संख्या में देश-विदेश से फोन

राज्य में फोन और इंटरनेट सेवा बंद होने के चलते रविवार को सीआरपीएफ द्वारा हेल्पलाइन सेवा ‘मददगार’ शुरू की गई है, जिस पर दो दिनों में 870 से ज़्यादा कॉल आए हैं, जिनमें बड़ी संख्या घाटी में तैनात सुरक्षा बलों के परिजनों की भी है.

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक. (फोटो: पीटीआई)

राहुल गांधी को कश्मीर दिखाने के लिए विमान भेजेंगे: राज्यपाल सत्यपाल मलिक

बीते हफ्ते कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि जम्मू कश्मीर से हिंसा की कुछ खबरें आई हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पारदर्शी तरीके से इस मामले पर चिंता व्यक्त करनी चाहिए.

Pellet Victims Mother SMHSH The Wire Photo

जम्मू कश्मीर: सरकार का ‘शांति’ का दावा, पर अस्पताल में पैलेट से घायलों की बढ़ती संख्या

वीडियो: अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सरकार द्वारा घाटी में ‘शांति’ के दावे के बीच बीते कुछ दिनों में श्रीनगर के श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में पैलेट गन से घायल हुए करीब दो दर्जन मरीज भर्ती हुए हैं

9 अगस्त, 2019 को श्रीनगर में एक अस्पताल के इमरजेंसी यूनिट के बाहर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के खिलाफ नारे लगाते प्रदर्शनकारी (फोटो: रॉयटर्स)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीनगर की सड़कों पर उतरे हजारों लोग, गृह मंत्रालय ने नकारा

रॉयटर्स, बीबीसी, द वाशिंगटन पोस्ट और अल जजीरा जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट्स के मुताबिक जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के खिलाफ हजारों प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया. प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए सुरक्षा बलों ने पेलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया.

(फोटो: पीटीआई)

अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश के ख़िलाफ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस सुप्रीम कोर्ट पहुंची

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को असंवैधानिक, अमान्य एवं निष्प्रभावी घोषित करने का अनुरोध किया है.

Pellet Injured Kashmir Photo SV

कश्मीर में शांति के दावों के बीच पैलेट से घायल होने वालों की बढ़ती संख्या

ग्राउंड रिपोर्ट: अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सरकार द्वारा घाटी में ‘शांति’ के दावे के बीच बीते कुछ दिनों में श्रीनगर के श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में पैलेट गन से घायल हुए करीब दो दर्जन मरीज भर्ती हुए हैं.

श्रीनगर में सोमवार को पैलेट गन से घायल लोगों ने इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में पैलेट गन से घायल सबसे छोटी बच्ची हिबा निसार भी अपनी मां के साथ शामिल हुईं. (फोटो साभार: ट्विटर/@IshfaqA8065760)

जम्मू कश्मीर: पैलेट गन से घायल लोगों ने किया प्रदर्शन, इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग

पैलेट विक्टिम वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से श्रीनगर में किया गया प्रदर्शन. प्रदर्शन में पैलेट गन से घायल सबसे छोटी बच्ची दो साल की हिबा निसार भी शामिल हुईं. कश्मीर घाटी में लोगों के प्रदर्शन को नियंत्रण के लिए सेना द्वारा अक्सर पैलेट गन का इस्तेमाल किया जाता है.

2903 wire thubnail

द वायर बुलेटिन: 83 फीसदी लोकसभा सांसद करोड़पति, 33 फीसदी के खिलाफ आपराधिक मामले

चाय के कपों पर ‘मैं भी चौकीदार’ लिखे होने के कारण रेलवे पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

Srinagar: Police and CRPF personnel chase away protesters hurling stones on them during clashes on the outskirts of Srinagar, June 22, 2018. Four militants, a police official and a civilian were killed during gun-battle triggering protests and clashes in which several people were injured. (PTI Photo/ S. Irfan)(PTI6_22_2018_000201B)

कश्मीर में आफस्पा और पैलेट गन पर रोक लगाने की मांग, 50 यूरोपीय सांसदों ने मोदी से की शिकायत

यूरोपीय संसद के सदस्यों ने पैलेट फायरिंग की सभी घटनाओं में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है. सदस्यों ने शोपियां ज़िले में पैलेट गन की पीड़ित 19 माह की हिबा निसार का उल्लेख किया जो पिछले साल नवंबर में घायल हो गई थी.

People look out from a window as they watch a protest against the recent killings in Kashmir, on the outskirts of Srinagar

कश्मीर घाटी में ऐसा क्या हुआ कि 2014 के बाद हालात तेज़ी से ख़राब होने लगे?

कश्मीर के मामले में मोदी सरकार ने न तो पहले की सरकारों की विफलताओं से कोई सबक लिया और न ही कामयाबियों से.

(फाइल फोटो: शोम बसु/द वायर)

पैलेट गन की जगह अन्य विकल्पोंं पर विचार करे केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह जम्मू कश्मीर में पथराव करने वाली भीड़ से निपटने के लिए पैलेट गनों की बजाय अन्य प्रभावी तरीकों का प्रयोग करे क्योंंकि यह ज़िंदगी और मौत का मामला है.

Kashmir Pallet

जम्मू कश्मीर सरकार पैलेट गन से अंधे हुए बच्चों के लिए बनाएगी ब्लाइंड स्कूल

जम्मू कश्मीर में प्रदर्शनों के दौरान सेना द्वारा इस्तेमाल की गई पैलेट गन से तमाम बच्चों की आंख की रोशनी चली गई थी. अब सरकार इनके लिए ब्लाइंड स्कूल बनवाएगी.