प्रदर्शन

मालविंदर सिंह कांग (फोटोः ट्विटर)

पंजाबः नए कृषि क़ानूनों के विरोध में भाजपा महासचिव ने इस्तीफ़ा दिया

पंजाब भजापा के महासचिव मालविंदर सिंह कांग ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा देते हुए कहा कि मेरी अंतर्रात्मा मुझे पार्टी में रहने की अनुमति नहीं दे रही है. पार्टी नेतृत्व किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है.

कृषि विधेयक के विरोध में संसद भवन के बाहर कांग्रेस  सांसद गुरजीत सिंह आहूजा. (फोटो: पीटीआई)

पंजाब: नए कृषि क़ानून को निष्प्रभावी करने के लिए पूरे राज्य को मंडी यार्ड घोषित कर सकती है सरकार

मंडी यार्ड का होना सुनिश्चित करेगा कि उसके दायरे के बाहर किसी भी खरीद को अवैध माना जाए, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम क़ीमतें न मिले और राज्य को उसका मंडी शुल्क मिलता रहे.

(फोटो: पीटीआई)

भारत बंद: कृषि विधेयकों के ख़िलाफ़ देशव्यापी प्रदर्शन, पंजाब-हरियाणा में सर्वाधिक असर

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि विधेयकों के विरोध में देशभर के किसानों ने शुक्रवार को भारत बंद का आयोजन किया, जिसमें किसान संगठनों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों ने किसानों का समर्थन करते हुए हिस्सा लिया.

Hisar: Members of various farmers organizations stage a protest over agriculture related ordinances, in Hisar district, Sunday, Sept. 20, 2020. (PTI Photo)

कृषि विधेयकों के विरोध में पंजाब में ‘रेल रोको’ प्रदर्शन शुरू, ट्रेन सेवाएं निलंबित

पंजाब में किसान संगठनों द्वारा आहूत ‘रेल रोको’ प्रदर्शन तीन दिनों तक चलेगा. इसके अलावा कुल 31 किसान संगठनों ने विवादित कृषि विधेयकों के ख़िलाफ़ 25 सितंबर को पंजाब में पूर्ण बंद का आह्वान किया है. रेलवे की ओर से कहा गया है कि इस आंदोलन से ज़रूरी सामानों और खाद्यान्नों की आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.

p-sainath-wikimedia commons

पीएम मोदी का दावा है कि एमएसपी ख़त्म नहीं होगा तो इस पर वे क़ानून क्यों नहीं बनाते: पी. साईनाथ

किसानों के प्रदर्शन के बीच तीन कृषि अध्यादेशों को लोकसभा के बाद राज्यसभा की भी मंज़ूरी मिल गई है. पत्रकार पी. साईनाथ ने कहा कि इन क़ानूनों के चलते चौतरफ़ा अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी. किसान अपनी उपज का उचित मूल्य चाहता है लेकिन इसके लिए जो भी थोड़ी बहुत व्यवस्था बनी हुई थी सरकार उसे भी उजाड़ रही है.

पंजाब के मुख्तसर जिले में बादल गांव में कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है. (फोटो: पीटीआई)

पंजाब: कृषि विधेयकों के ख़िलाफ़ मुक्तसर में चल रहे प्रदर्शन के दौरान किसान ने ख़ुदकुशी की

मृतक किसान भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहण) द्वारा 15 सितंबर से मुक्तसर ज़िले के बादल गांव में नए कृषि विधेयकों के ख़िलाफ़ आयोजित प्रदर्शन में भाग ले रहे थे, जो पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का पैतृक गांव है.

New Delhi: Union Minister for Food Processing Industries Harsimrat Kaur Badal addresses a press conference on the achievements of her ministry in the past four years, in New Delhi on Monday, June 4, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI6_4_2018_000100B)

कृषि संबंधी विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफ़ा दिया

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल मोदी सरकार में अकाली दल की एकमात्र प्रतिनिधि हैं. कौर ने कहा कि किसान विरोधी अध्यादेशों और विधेयकों के विरोध में उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे दिया है और उन्हें किसानों की बेटी और बहन के तौर पर उनके साथ खड़े होने पर गर्व है.

Kevadiya: Final touches being given to the Statue of Unity at Kevadiya Colony, about 200 kilometers from Ahmadabad, Thursday, October 18, 2018. The Statue of Unity, a 182-meters tall tribute to Indian freedom fighter Sardar Vallabhbhai Patel, will be inaugurated on Oct. 31 and is slated to be the world's tallest statue. (PTI Photo/Santosh Hirlekar) (PTI10_18_2018_000076B)

गुजरात: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास के गांवों के आदिवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया

आदिवासियों ने हाल ही में लागू हुए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र विकास और पर्यटन प्रशासन अधिनियम को रद्द करने की मांग की, जो गुजरात सरकार को प्रतिमा के आसपास के क्षेत्र में किसी भी विकास परियोजना के लिए इन गांवों में भूमि अधिग्रहित करने की शक्ति देता है.

कुरुक्षेत्र के पिपली में प्रदर्शनकारी किसानों को रोकते पुलिसकर्मी. (फोटो साभार: ट्विटर/@first_haryana)

हरियाणा: कृषि अध्यादेशों के विरोध में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध किया

किसानों को इस बात का भय है कि सरकार इन अध्यादेशों के ज़रिये न्यूनतम समर्थन मूल्य की स्थापित व्यवस्था को ख़त्म कर रही है और अगर ऐसा होता है तो उन्हें कॉरपोरेट के रहम पर जीना पड़ेगा. बीते जुलाई महीने में राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के किसान भी इसे लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं.

राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर बीते नौ अगस्त को आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था. (फोटो: पीटीआई)

‘सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं को मरने के लिए छोड़ दिया है, क्या वे देश की नागरिक नहीं हैं’

आशा कार्यकर्ताओं ने कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य उपकरण मुहैया कराने, नियमित वेतन देने और कोरोना वॉरियर्स के तौर पर बीमा राशि जैसी मांगों के साथ दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद इनके ख़िलाफ़ लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है.

Demonstrators shout slogans during a protest against a new citizenship law, in Ahmedabad, India, December 19, 2019. REUTERS/Amit Dave

गृह मंत्रालय ने विवादित नागरिकता क़ानून के नियम बनाने के लिए तीन और महीने का समय मांगा

संसद से नागरिकता संशोधन क़ानून पारित होने के बाद देश में बड़े पैमाने पर इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए थे. इसका विरोध करने वालों का कहना है कि यह धर्म के आधार पर भेदभावपूर्ण है और संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करता है.

KT Ajai Rai IV 11 July 2020.00_42_17_19.Still005

एएमयू छात्र शरजील उस्मानी की गिरफ़्तारी, क्या है यूपी पुलिस की एफ़आईआर का सच?

वीडियो: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र शरजील उस्मानी को पिछले साल दिसंबर में हुए सीएए विरोधी प्रदर्शनों को संबंध में बीते आठ जुलाई को आज़मगढ़ स्थित उनके घर से गिरफ़्तार किया गया.

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र शरजील उस्मानी. (फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट)

यूपी: दिसंबर में हुए सीएए विरोधी प्रदर्शन मामले में एएमयू छात्र शरजील उस्मानी गिरफ़्तार

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र शरजील उस्मानी के परिजनों ने कहा कि आज़मगढ़ में उनके घर से उन्हें गिरफ़्तार किया गया. पुलिस ने इस बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की, लेकिन एएसपी (क्राइम) ने एक अख़बार को बताया कि ये गिरफ़्तारी लखनऊ एटीएस ने पिछले साल दिसंबर में दर्ज हुए एक मामले में की है.

Lucknow: A policeman at Madeyganj police outpost where five motorcycles were set ablaze, in Lucknow, Thursday, Dec. 19, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI12_19_2019_000165B)

यूपी: लखनऊ में क़रीब 50 सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों पर लगाया गया गैंगस्टर एक्ट

लखनऊ पुलिस की संयुक्त आयुक्त ने बताया कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान आगज़नी और तोड़फोड़ करने वाले लोगों के ख़िलाफ़ गैंगस्टर एक्ट लागू करने के निर्देश पुलिस थानों को दिए गए हैं.

पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी और सामाजिक कार्यकर्ता सदफ़ जफ़र. (फोटो साभार: फेसबुक)

सीएए: सामाजिक कार्यकर्ताओं के परिवार ने प्रशासन पर संपत्ति ज़ब्त करने की धमकी का आरोप लगाया

77 वर्षीय पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी और 44 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता सदफ़ जाफ़र उन 57 लोगों में शामिल हैं, जो 19 दिसंबर, 2019 के सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान लखनऊ में 1.55 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के आरोपी हैं.