प्रधान न्यायाधीश

**FILE PHOTO** New Delhi: A file photo of Chief Justice of Uttarakhand High Court K M Joseph during the inauguration of the Joint Conference of Chief Ministers and Chief Justices at Vigyan Bhavan in New Delhi on Sunday, April 24, 2016. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI4_26_2018_000058B)

कॉलेजियम ने पदोन्नति के लिए जस्टिस केएम जोसेफ के नाम की फिर की सिफ़ारिश

केंद्र सरकार ने अप्रैल महीने में जस्टिस केएम जोसेफ के नाम की सिफ़ारिश संबंधी फाइल कॉलेजियम को पुनर्विचार के लिए प्रधान न्यायाधीश को लौटा दी थी और जस्टिस इंदु मल्होत्रा के नाम को मंज़ूरी दे दी थी.

दीपक मिश्रा और शांति भूषण (फोटो: पीटीआई और फेसबुक)

मुक़दमों के आवंटन को लेकर शांति भूषण की जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी

शांति भूषण की तरफ़ से पेश हुए अधिवक्ता दुष्यंत दवे और प्रशांत भूषण ने दलील दी कि प्रधान न्यायाधीश अपने अधिकारों का निरंकुश होकर इस्तेमाल नहीं कर सकते.

प्रधान न्याया​धीश दीपक मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

प्रधान न्यायाधीश को अपनी पसंद के न्यायाधीश चुनने का मनमाना अधिकार नहीं: जनहित याचिका

वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व क़ानून मंत्री शांति भूषण ने प्रधान न्यायाधीश के प्रशासनिक अधिकार के बारे में स्पष्टीकरण हेतु उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका दाख़िल की है.

सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई दीपक मिश्रा. ​​(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने मुक़दमों के आवंटन के लिए रोस्टर प्रणाली अपनाई, सीजेआई ने पीआईएल अपने पास रखीं

पिछले महीने न्यायालय के चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में संवेदनशील जनहित याचिकाओं और महत्वपूर्ण मुक़दमे वरिष्ठता के मामले में जूनियर न्यायाधीशों को आवंटित किए जाने पर सवाल उठाए थे.

पिछले दिनों चार वरिष्ठ जजों ने सुप्रीम कोर्ट में सब कुछ ठीक से न चलने को लेकर देश के इतिहास में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

क्या आम आदमी की आख़िरी उम्मीद न्यायपालिका में भी भ्रष्टाचार के ​कीटाणु प्रवेश कर चुके हैं?

ऐसा नहीं है कि न्यायपालिका में जारी गड़बड़ियों से आम आदमी बेख़बर हो, लेकिन न्यायपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार आमतौर पर अवमानना के डर से कभी भी सार्वजनिक बहस का मुद्दा नहीं बन सका.

न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर. (फोटो: रॉयटर्स)

संविधान सबसे बड़ी लोक नीति, इसका आदर करना चाहिए: न्यायमूर्ति चेलमेश्वर

न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर सुप्रीम कोर्ट के उन चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों में से एक हैं जिन्होंने हाल ही में मामलों के आवंटन समेत कई समस्याओं को उठाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.

फोटो: पीटीआई

न्यायपालिका अपने अधिकार क्षेत्र से परे जा चुकी है, उसे लक्ष्मण रेखा खींचनी होगी: रोहतगी

पूर्व अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा, राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग दोनों स्तंभों के बीच टकराव की एक बड़ी वजह है.

फोटो: पीटीआई

‘कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच खींचतान लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है’

सरकार का तर्क-अदालतें कार्यपालिका का काम नहीं कर सकतीं. मुख्य न्यायाधीश ने कहा- कोई भी संस्था सर्वोच्चता का दावा नहीं कर सकती, नागरिक अधिकार सर्वोच्च.

Justice Dipak Misra - Copy

क्या जिस व्यक्ति पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हों, उसे देश का मुख्य न्यायाधीश बनाया जाना चाहिए?

जस्टिस दीपक मिश्रा को देश का मुख्य न्यायाधीश बनाये जाने पर सवाल उठा रहे हैं पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण.