प्राकृतिक आपदा

Gorakhpur: A view of a flooded region in eastern Uttar Pradesh on Wednesday. PTI Photo  (PTI8_24_2017_000228B)

क्या हम बाढ़ और सूखा जैसी आपदाओं से सहज होते जा रहे हैं?

अगर सरकारें नासमझ नहीं तो फिर शायद बेहद शातिर हो गई हैं. वे यह सवाल बहस में नहीं आने देना चाहती हैं कि आख़िर अब हर साल सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि क्यों आने लगे हैं?

Landslide PTI

अधिक जानलेवा बनते जा रहे हैं भू-स्खलन

भू-स्खलन ख़तरनाक है ही पर यदि बाढ़, भूकंप आदि अन्य आपदाओं को साथ मिलाकर देख जाए तो यह और भी जानलेवा हो जाते हैं, तिस पर अपनी लापरवाहियों से हमने इस संभावना को और बढ़ा दिया तो इसकी बहुत महंगी कीमत चुकानी पड़ेगी.