फारूक अब्दुल्ला

A security person keeps vigil near the Raj Bhawan after bifurcation of the Jammu and Kashmir, in Srinagar on October 31. (Photo: PTI)

मुख्यमंत्रियों के नज़रबंद रहने से अगर घाटी में शांति है, तो बेहतर है वे ऐसे ही रहें: मंत्री

वहीं गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाली गृह मामलों की संसद की स्थायी समिति को बताया कि हिरासत में लिए गए जम्मू कश्मीर के नेताओं को रिहा किया जा रहा है और बाकियों को भी रिहा कर दिया जाएगा. हालांकि उन्होंने इसकी कोई समयसीमा नहीं बताई.

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आरफ़ा का इंडिया: कश्मीर में तालाबंदी के सौ दिन

जम्मू कश्मीर से अनुछेद 370 हटने के 100 दिन पूरे हो गए हैं. इस मुद्दे पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

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अनुच्छेद 370 के विरोध में प्रदर्शन कर रहीं फ़ारूक़ अब्दुल्ला की बहन और बेटी समेत 13 महिलाएं गिरफ़्तार

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के विरोध में प्रदर्शन कर रहीं इन महिलाओं को सीआरपीसी की धारा 107 के तहत हिरासत में लेकर श्रीनगर केंद्रीय जेल में रखा गया है.

उमर अब्दुल्ला, सफिया अब्दुल्ला और फ़ारूक़ अब्दुल्ला (फोटो: फाइल/ट्विटर)

उमर और फ़ारूक़ छला हुआ महसूस कर रहे हैं, वे चुप नहीं बैठेंगे: सफ़िया अब्दुल्ला

द वायर के साथ एक विशेष साक्षात्कार में सफ़िया अब्दुल्ला ख़ान ने बताया कि उनके पिता फ़ारूक़ अब्दुल्ला पर पीएसए लगाए जाने से पूरा परिवार हैरान है.

Srinagar: Jammu and Kashmir National Conference President Farooq Abdullah during an interview with PTI, in Srinagar, on Monday. (PTI Photo/S Irfan) (Story No DEL34) (PTI5_21_2018_000111B)

फ़ारूक़ अब्दुल्ला की रिहाई के लिए दाख़िल याचिका सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की

राज्यसभा सदस्य और एमडीएमके नेता वाइको ने अपनी हैबियस कॉर्पस याचिका में पिछले चार दशकों से ख़ुद को जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला का क़रीबी दोस्त बताते हुए कहा था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता को अवैध तरीके से हिरासत में रखकर उन्हें संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया है.

New Delhi: Jammu and Kashmir National Conference President Farooq Abdullah addresses an all party condolence meeting organised for former prime minister Atal Bihari Vajpayee, in New Delhi on Monday, Aug 20, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI8_20_2018_000249B)

फ़ारूक़ अब्दुल्ला के पास क़ानून व्यवस्था की समस्या खड़ी करने की ज़बरदस्त क्षमता: पीएसए ऑर्डर

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला के ख़िलाफ़ जन सुरक्षा क़ानून के तहत दर्ज मामले में उन पर आतंकवादियों और अलगाववादियों का महिमामंडन करने वाले बयान देने का आरोप लगाया गया है.

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फ़ारुक़ अब्दुल्ला गिरफ़्तार: कश्मीर पर झूठ बोल रही है सरकार?

वीडियो: जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला को जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया है. पीएसए के तहत बिना ट्रायल के व्यक्ति को दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है. इस मुद्दे पर चर्चा कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

पुलवामा हमले से पांच अगस्त तक पीएसए के 80 फीसदी मामलों को हाईकोर्ट ने रद्द किया

एक रिपोर्ट के मुताबिक 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले से लेकर पांच अगस्त तक जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की श्रीनगर पीठ में 150 बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं दाखिल की गई हैं. इनमें जन सुरक्षा क़ानून से जुड़े 39 मामलों में से अदालत ने लगभग 80 फीसदी मामलों में हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने का आदेश दिया है.

नोबेल विजेता मलाला यूसुफजई. (फोटो: रॉयटर्स)

नोबेल विजेता मलाला यूसुफजई की यूएन से अपील, कश्मीरी बच्चों को फिर से स्कूल भेजने में मदद करें

जम्मू कश्मीर में लगी पाबंदियों के कारण अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और उन्हें विद्यालय नहीं भेज रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने फारूक अब्दुल्ला को पेश करने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया

राज्यसभा सदस्य और एमडीएमके के संस्थापक वाइको ने अपनी याचिका में कहा कि फारूक अब्दुल्ला पर कार्रवाई पूरी तरह से अवैध और मनमानी है. ये उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

सरकार ने फारूक अब्दुल्ला को जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया

जन सुरक्षा कानून के तहत बिना ट्रायल के व्यक्ति को दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है. जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पांच अगस्त से ही नजरबंद हैं.

Srinagar: Security personnel patrols a deserted street at Lal Chowk on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000065B)

जम्मू कश्मीर: श्रीनगर के कुछ हिस्सों में नई पाबंदियां लगाई गईं

जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म किए जाने के 40वें दिन बाद भी कश्मीर में जनजीवन प्रभावित है.

फ़ारूक़ अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला (फाइल फोटो: पीटीआई)

नेशनल कॉन्फ्रेंस के दो सांसदों को हाईकोर्ट ने दी फारूक और उमर अब्दुल्ला से मिलने की अनुमति

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने के बाद से राज्य के प्रमुख नेता नज़रबंद हैं. हाईकोर्ट ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सांसदों को पार्टी नेताओं से मिलने के बाद मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं दी है.

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फारूक अब्दुल्ला को पेश करने के निर्देश देने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे वाइको

राज्यसभा सदस्य और एमडीएमके के संस्थापक वाइको ने अपनी याचिका में कहा कि फारूक अब्दुल्ला पर कार्रवाई पूरी तरह से अवैध और मनमानी है. ये उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है.

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक. (फोटो: पीटीआई)

चुनाव में लोगों से कह देंगे कि ये 370 के हिमायती हैं, तो लोग जूतों से मारेंगे: सत्यपाल मलिक

जम्मू कश्मीर में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद करने पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि आतंकवादियों और पाकिस्तान के लिए यह ज़्यादा उपयोगी है. इसका इस्तेमाल झूठ फैलाने और बरगलाने के लिए किया जाता है.