फिल्म

फिल्म बाइस्कोपवाला का एक दृश्य. (फोटो साभार: यूट्यूब)

‘बाइस्कोपवाला के ज़रिये हमने टैगोर की काबुलीवाला की कहानी आज के दौर के हिसाब से कही है’

तकरीबन 150 विज्ञापन फिल्में बना चुके ऐड मेकर देब मेढ़ेकर से उनकी पहली फिल्म बाइस्कोपवाला को लेकर प्रशांत वर्मा की बातचीत.

(फोटो साभार: ​फॉक्स स्टार स्टूडियो)

फिल्म उद्योग में ‘एलियन’ की तरह हूं: डैनी

रवींद्रनाथ टैगोर की कहानी ‘काबुलीवाला’ पर आधारित फिल्म ‘बाइस्कोपवाला’ में अभिनेता डैनी डेनजोंग्पा मुख्य किरदार निभा रहे हैं. फिल्म 25 मई को रिलीज़ हो रही है.

सत्यजीत रे. (फोटो साभार: क्रियेटिव कॉमन्स)

सत्यजीत रे: जिन्होंने परदे पर हीरो नहीं, बल्कि आम आदमी को रचा 

सत्यजीत रे ने देश की वास्तविक तस्वीर और कड़वे सच को बिना किसी लाग-लपेट के ज्यों का त्यों अपनी फिल्मों में दर्शाया. 1943 में बंगाल में पड़े अकाल को उन्होंने ‘पाथेर पांचाली’ दिखाया तो वहीं ‘अशनि संकेत’ में अकाल की राजनीति और ‘घरे बाइरे’ में हिंदुत्ववादी राष्ट्रवाद पर चोट की.

फिल्म निर्देशक सुधीर मिश्रा. (फोटो साभार: ट्विटर/@bollywoodsamba)

मेरी फिल्म ‘दासदेव’ पर शरत बाबू का कम, शेक्सपीयर का असर ज़्यादा है: सुधीर मिश्रा

साक्षात्कार: ‘ये वो मंज़िल तो नहीं’, ‘धारावी’, ‘इस रात की सुबह नहीं’, ‘हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी’ जैसी फिल्में बनाने वाले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त निर्देशक सुधीर मिश्रा से प्रशांत वर्मा की बातचीत.

Padman

बॉलीवुड का नया ‘आदर्श’ भारतीय, राष्ट्रवादी और सरकार का पैरोकार है

अब फिल्मों में एक नया तत्व दिखाई दे रहा है. यह है उग्र राष्ट्रवादी तेवर, जो न सिर्फ सोशल मीडिया और समाज के एक ख़ास वर्ग में दिखाई देने वाली भावावेश भरी राष्ट्रीयता से मेल खाता है, बल्कि वर्तमान सरकार के एजेंडे के साथ भी अच्छे से कदम मिलाकर चलता है.

Padmavati Youtube

‘आपकी भव्य फिल्म के अंत में मैंने ख़ुद को महज़ एक योनि में सिमटता हुआ महसूस किया’

निर्देशक संजय लीला भंसाली को लिखे एक ख़त में फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने पद्मावत फिल्म को सती और जौहर प्रथाओं का महिमामंडन बताते हुए सवाल उठाए हैं.

(फोटो: पीटीआई)

फिल्म शुरू होने से पहले सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना स्वैच्छिक: सुप्रीम कोर्ट

साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था देशभर के सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले बिना किसी नाटकीयता के राष्ट्रगान अनिवार्य रूप से बजाया जाना चाहिए.

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप. (फोटो साभार यू-ट्यूब)

कुछ लोग ख़बरों में बने रहने के लिए राष्ट्रवाद का बिल्ला दिखाते फिरते हैं: अनुराग कश्यप

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने कहा कि आज के समय में राष्ट्रवाद के बिना खेल आधारित बायोपिक फिल्में बनाना असंभव है.

Bechan Sharma Pandey

पांडेय बेचन शर्मा: वह ‘युग’ भले ही प्रेमचंद का था, लेकिन लोक में ‘उग्र’ की ही धाक थी

जन्मदिन विशेष: जब कलावादी आलोचकों ने ‘उग्र’ की कहानियों को अश्लील, घासलेटी और कलाविहीन कहा, तब उनका जवाब था कि अगर सत्य को ज्यों का त्यों चित्रित कर देने में कोई कला हो सकती है तो मेरी इन कहानियों में भी कला है

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू (फोटो: पीटीआई)

हिंसक धमकियां लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पद्मावती विवाद में सिर काटने पर इनाम की घोषणा करने वालों पर कहा कि क्या इनके पास इतना धन है?

IFFI

अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह ​विवाद: ज्यूरी के एक और सदस्य का इस्तीफा

मंत्रालय के फैसले से पैनोरमा में दिखायी जाने वाली फिल्मों के निर्देशक भी नाराज़. कहा महोत्सव का बहिष्कार करने की बजाए हिस्सा लेकर करेंगे फैसले का विरोध.

National Anthem PTI

देशभक्ति साबित करने के लिए सिनेमाघरों में राष्ट्रगान पर खड़ा होना ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट ने कहा, नागरिकों को अपनी आस्तीनों पर देशभक्ति लेकर चलने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता.

Hrishikesh Mukherji

हृषिकेश मुखर्जी: जिसने सिनेमा के साथ दर्शकों की भी नब्ज़ पढ़ ली थी

हृषिकेश सिनेमा के रास्ते पर आम परिवारों की कहानी की उंगली थामे निकले थे. ये समझाने कि हंसी या आंसुओं को अमीर-गरीब के खांचे में नहीं बांटा जा सकता.

Ashok Vajpeyi facebook

अशोक वाजपेयी भाजपा सरकारों के आगे अपने हाथ पसारें, यह उन्हें शोभा नहीं देता

जवाहर कला केंद्र, जयपुर में होने वाले मुक्तिबोध समारोह के स्थगित होने से उपजे विवाद पर मध्य प्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा का पक्ष.

Muktibodh 2

भागीदारी और बहिष्कार को लेकर कोई एक नियम क्यों नहीं बना देते?

बहस-मुबा​हिसा: मुक्तिबोध जन्मशती वर्ष पर आयोजित एक कार्यक्रम का प्रगतिशील लेखक संघ ने बहिष्कार किया और कार्यक्रम रद्द हो गया. इस पर सवाल उठा रहे हैं लेखक अशोक कुमार पांडेय.

Muktibodh Youtube

मुक्तिबोध जन्मशती आयोजन का बहिष्कार मार्क्सवादी क्यों करने लगे?

लेखक संघों को अब पुराने ढर्रे की अपनी उस राजनीति पर फिर से सोचना चाहिए, जो लेखकों के विवेक पर भरोसा नहीं करती.

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‘हमारा देश इतना महान है कि हैदर जैसी भारत-विरोधी फिल्म को भी राष्ट्रीय पुरस्कार मिल जाता है’

साक्षात्कार: सेंसर बोर्ड अध्यक्ष के रूप में पहलाज निहलानी का ढाई साल का कार्यकाल कई तरह के विवादों में रहा. उनसे बातचीत.

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गुरुदत्त एक अनसुलझा क्रॉसवर्ड है, जिसमें कोई न कोई शब्द पूरा होने से रह ही जाता है

जन्मदिन विशेष: गुरुदत्त फिल्म इंडस्ट्री का एक ऐसा सूरज थे, जो बहुत कम वक़्त के लिए अपनी रौशनी लुटाकर बुझ गया पर सिल्वर स्क्रीन को कुछ यूं छू कर गया कि सब सुनहरा हो गया.

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ट्रेलर में ‘इंटरकोर्स’ सुनकर भड़के निहलानी, उठाएंगे कड़े कदम

इम्तियाज़ अली की आने वाली फिल्म जब हैरी मेट सेजल के डायलॉग प्रोमो में ‘इंटरकोर्स’ शब्द पर आपत्ति जताते हुए सेंसर बोर्ड अध्यक्ष ने ट्रेलर टीवी पर दिखाए जाने पर क़ानूनी कदम उठाने की बात कही है.

Reema-Lagoo

अभिनेत्री रीमा लागू का निधन

फिल्मों में मां के रूप में निभाए गए उनके किरदारों के लिए जाना जाता है. फिल्म मैंने प्यार किया में सलमान ख़ान और वास्तव में संजय दत्त की मां का किरदार निभा चुकी थीं.

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पद्म भूषण के लिए पीछे पड़ने वाले गडकरी के बयान ने मुझे दुख पहुंचाया: आशा पारेख

बीते ज़माने की मशहूर अभिनेत्री आशा पारेख ने कहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह बयान कि पद्मभूषण पुरस्कार पाने के लिए मैं उनके पीछे पड़ी थी, काफी दुखद था.

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वेश्याओं और प्रेमिकाओं के पार

जब फिल्मी गाने लड़कियों को तंदूरी मुर्गी बता रहे हैं, तब किसी को तो उन लड़कों को वेश्याओं और प्रेमिकाओं की परिभाषाओं के पार उन ज़िंदा औरतों के बीच ले जाना होगा जो चाहे जिस्म बेचती हों या इंश्योरेंस- जब न कहें तो एक भले आदमी को चाहिए कि वह दरवाज़ा खोले और वापस लौट जाए.

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बीबीसी पर किसी भी बाघ अभयारण्य में घुसने पर पांच साल का प्रतिबंध

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने बीबीसी और इसके दक्षिण एशिया संवाददाता जस्टिन रॉलेट पर देश के किसी भी बाघ अभयारण्य में घुसने पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है.

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फिल्मकारों के प्रति सरकार का रवैया विनाशकारी है: अदूर गोपालकृष्णन

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता ने कहा, मैंने उन सरकारी अधिकारियों के चेहरे पर आनंद देखा है जो जानते हैं कि वे हमारे रचनात्मक कार्यों को बर्बाद कर रहे हैं.

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फिल्मों के बीच राष्ट्रगान बजने पर खडे़ होने की ज़रूरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि किसी फिल्म, वृत्तचित्र या समाचार फिल्म की कहानी के हिस्से के रूप में राष्ट्रगान बजने के दौरान दर्शकों को खड़ा होने की ज़रूरत नहीं है.

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क्या आपको पता है कि मेरठ में एक फिल्म इंडस्ट्री भी है?

राजधानी दिल्ली से लगे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर की अपनी फिल्म इंडस्ट्री है जिसे यहां के लोगों ने ‘मॉलीवुड’ नाम दिया हुआ है.