फेक न्यूज

दिशा रवि. (फोटो साभार: फेसबुक)

दिशा रवि के वकील का लाखों रुपये फीस लेने का दावा ग़लत, कर रहे हैं निशुल्क पैरवी

फैक्ट चेक: दिल्ली पुलिस ने युवा पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा किए किसान आंदोलन समर्थक टूलकिट संबंधी मामले में गिरफ़्तार किया है. रवि के ‘ईसाई’ होने के भ्रामक प्रचार के बाद अब उनके वकील की फीस को लेकर झूठे दावे किए जा रहे हैं.

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन. (फोटो: पीटीआई)

केरल: आलोचना के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट पर जेल के प्रावधान को वापस लिया

केरल सरकार ने पुलिस अधिनियम को और प्रभावी बनाने के लिए इसमें धारा 118 ए जोड़ने का फैसला किया था. इसके तहत अगर कोई शख़्स सोशल मीडिया के ज़रिये कोई अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करता है तो उसके ख़िलाफ़ 10 हज़ार रुपये का जुर्माना या तीन साल की क़ैद या दोनों का प्रावधान किया गया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

केरल में ‘अपमानजनक’ सोशल मीडिया पोस्ट पर हो सकती है तीन साल की सज़ा

राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने केरल पुलिस अधिनियम में नई धारा 118(ए) जोड़ने के प्रावधान को मंज़ूरी दे दी है, जिसके तहत अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट पर तीन साल की क़ैद या 10,000 रुपये का जुर्माना या दोनों की सज़ा हो सकती है.

(फोटो: रॉयटर्स)

तबलीग़ी जमात केस: अदालत ने कहा, बोलने की आज़ादी के अधिकार का सर्वाधिक दुरुपयोग हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कोरोना महामारी की शुरुआत के समय तबलीग़ी जमात के आयोजन को लेकर मीडिया का एक वर्ग मुस्लिमों के ख़िलाफ़ सांप्रदायिक वैमनस्य फैला रहा था. मीडिया का बचाव करते हुए केंद्र की ओर से कहा गया है कि याचिकाकर्ता बोलने और अभिव्यक्ति की आज़ादी को कुचलना चाहते हैं.

(फोटो साभार: पिक्साबे)

पश्चिम बंगाल: चुनाव क़रीब आने के साथ आई प्रोपेगेंडा चैनल और समाचार वेबसाइट की बाढ़

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. एक पड़ताल में साल 2018 से अब तक 30 से अधिक ऐसी वेबसाइट और चैनल्स सामने आए हैं, जो असत्यापित और पक्षपाती सामग्री के साथ फ़ेक न्यूज़ चलाते हैं.

डॉ. कफ़ील ख़ान और प्रशांत कनौजिया. (फोटो साभार: फेसबुक)

बहुजनों और मुस्लिमों के लिए इंसाफ की राह मुश्किल क्यों है

एनसीआरबी की एक रिपोर्ट के अनुसार जेलों में बंद दलित, आदिवासी और मुस्लिमों की संख्या देश में उनकी आबादी के अनुपात से अधिक है, साथ ही दोषी क़ैदियों से ज़्यादा संख्या इन वर्गों के विचाराधीन बंदियों की है. सरकार का डॉ. कफ़ील और प्रशांत कनौजिया को बार-बार जेल भेजना ऐसे आंकड़ों की तस्दीक करता है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

हरियाणा: छह ज़िलों में सोशल मीडिया न्यूज़ प्लेटफॉर्म बैन, कार्यकर्ताओं ने कहा- अघोषित आपातकाल

हरियाणा के सोनीपत, कैथल, चरखी दादरी, करनाल, नारनौल और भिवानी के उपायुक्तों द्वारा वॉट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक, टेलीग्राम, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, पब्लिक ऐप और लिंक्डइन पर आधारित सभी सोशल मीडिया समाचार प्लेटफॉर्म को प्रतिबंधित करने के आदेश दिए गए हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर की नई मीडिया नीति प्रेस की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाली है: प्रेस काउंसिल

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने बीते दिनों राज्य की नई मीडिया नीति को मंज़ूरी दी है, जिसके तहत प्रशासन प्रकाशित-प्रसारित सामग्री की निगरानी करेगा और यह तय करेगा कि कौन-सी ख़बर ‘फेक, एंटी सोशल या एंटी-नेशनल रिपोर्टिंग’ है. प्रेस काउंसिल ने इस बारे में प्रशासन से जवाब मांगा है.

Newspapers, with headlines about Prime Minister Narendra Modi's decision to revoke special status for the disputed Kashmir region, are displayed for sale at a pavement in Ahmedabad, August 6, 2019. REUTERS/Amit DaveNewspapers, with headlines about Prime Minister Narendra Modi's decision to revoke special status for the disputed Kashmir region, are displayed for sale at a pavement in Ahmedabad, August 6, 2019. REUTERS/Amit Dave

अब जम्मू कश्मीर प्रशासन तय करेगा फेक न्यूज़ और राष्ट्र विरोधी पत्रकारों की परिभाषा

दो जून को जारी जम्मू कश्मीर की नई मीडिया नीति के अनुसार, सरकार अख़बारों और अन्य मीडिया चैनलों पर आने वाली सामग्री की निगरानी कर यह तय करेगी कि कौन-सी ख़बर ‘फेक, एंटी सोशल या एंटी-नेशनल’ है. ऐसा पाए जाने पर संबंधित संस्थान को सरकारी विज्ञापन नहीं दिए जाएंगे, साथ ही उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सोशल मीडिया पोस्ट के फैक्ट चेक के लिए आईबी मंत्रालय के तहत आने वाली कंपनी ने टेंडर मंगाए

साइबर कानून के जानकार और फेक न्यूज का पता लगाने वाले विशेषज्ञों ने इस क़दम पर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे सरकार के लिए ग़ैरक़ानूनी निगरानी के रास्ते खुल जाएंगे और इसका इस्तेमाल लोगों को परेशान करने में हो सकता है.

Sanjay-Kishan-Kaul

फेक न्यूज़ कोरोना से ज़्यादा ख़तरनाक, अर्बन नक्सल या मोदी-भक्त कहना असहिष्णुता: जस्टिस कौल

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजय किशन कौल ने बीते रविवार को मद्रास बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन लेक्चर में ये बातें कहीं.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (फोटो साभार: एमिटी यूनिवर्सिटी)

सॉलिसिटर जनरल द्वारा कोर्ट में सुनाई गई ‘गिद्ध वाली कहानी’ फ़र्ज़ी वॉट्सऐप मैसेज पर आधारित थी

फैक्ट चेक: सुप्रीम कोर्ट में 28 मई को प्रवासी मज़दूरों के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए क़दमों का ब्योरा देते समय सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने एक पुरानी घटना का ज़िक्र करते हुए ऐसा इशारा किया था कि मज़दूरों की परेशानियों को दिखाते लोग गिद्धों की तरह हैं. पड़ताल बताती है कि यह घटना असल में हुई ही नहीं, यह एक झूठा वॉट्सऐप मैसेज है.

भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक)

भाजपा सांसद को दिल्ली पुलिस की नसीहत, कहा- कुछ भी पोस्ट करने से पहले उसे जांच लें

पश्चिमी दिल्ली से भाजपा के सांसद प्रवेश सिंह वर्मा ने 14 मई को नमाज़ अदा करते लोगों का एक वीडियो साझा करते हुए लॉकडाउन के उल्लंघन की बात कही थी. पुलिस के इसे ग़लत बताने के बाद वर्मा ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया.

Andaman Journalist Jubair Ahmad

अंडमान: ग़लत ख़बर फैलाने के आरोप में गिरफ़्तार पत्रकार ने कहा, असुविधाजनक सवाल पूछने का नतीजा

अंडमान निकोबार के एक स्वतंत्र पत्रकार जुबैर अहमद ने ट्विटर पर स्थानीय प्रशासन से पूछा था कि कोविड-19 के मरीज़ से फोन पर बात करने पर लोगों को क्वारंटीन क्यों किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि वे ग़लत जानकारी फैला रहे थे.

अनिल देशमुख. (फोटो साभार: फेसबुक)

कोरोना वायरस: महाराष्ट्र में फ़र्ज़ी ख़बर को लेकर दो पत्रकारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का आदेश

एक समाचार चैनल द्वारा महाराष्ट्र के आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड और उनकी बेटी के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की कथित तौर पर फ़र्ज़ी ख़बर प्रसारित की गई थी. महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने डीजीपी को पत्र लिखकर कार्रवाई का निर्देश दिया है.