फ्रांस

PTI3_5_2018_000198B

मोदी सरकार ने राफेल सौदे के लिए सरकारी नियमों को ताक पर रखा है

भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता प्रशांत भूषण का आरोप है कि नरेंद्र मोदी द्वारा राफेल सौदे में किए गए बदलावों का उद्देश्य सिर्फ चहेते पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना था.

EP 286 Raw

जन गण मन की बात, एपिसोड 286: राफेल सौदे पर मोदी सरकार की चुप्पी और स्मारकों की राजनीति

जन गण मन की बात की 286वीं कड़ी में विनोद दुआ राफेल सौदे पर उठाए गए सवालों पर मोदी सरकार की चुप्पी और नेताओं के स्मारक बनाने पर चर्चा कर रहे हैं.

New Delhi: Lawyer Prashant Bhushan with former union ministers Arun Shourie and Yashwant Sinha during a press conference, in New Delhi on Aug 8, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI8_8_2018_000184B)

राफेल विमान सौदा: ये है पूरी कहानी जिस पर मचा है घमासान

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा के साथ प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदने से जुड़े सौदे के संबंध में कई सवाल उठाए हैं.

EP 285 Raw

जन गण मन की बात, एपिसोड 285: एम. करुणानिधि और राफेल सौदे पर सवाल

जन गण मन की बात की 285वीं कड़ी में विनोद दुआ एम. करुणानिधि और राफेल सौदे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा उठाए गए सवालों पर चर्चा कर रहे हैं.

Media Bol Ep 58

मीडिया बोल, एपिसोड 58: फीफा विश्वकप- भारत के लिए सबक

हाल ही में संपन्न हुए फुटबॉल विश्वकप से भारत को क्या सबक सीखना चाहिए? मीडिया बोल की 58वीं कड़ी में उर्मिलेश इस विषय पर नवभारत टाइम्स के सीनियर असिस्टेंट एडिटर चंद्र भूषण और वरिष्ठ पत्रकार बिराज स्वैन से चर्चा कर रहे हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

फ्रांस से आगे निकला भारत लेकिन प्रति व्यक्ति जीडीपी फ्रांस से 20 गुना कम

भारत की आबादी एक अरब 37 करोड़ है और फ्रांस की साढ़े छह करोड़. फ्रांस की प्रति व्यक्ति जीडीपी भारत से 20 गुना ज़्यादा है. ये आपको अरुण जेटली नहीं बताएंगे क्योंकि इससे हेडलाइन की चमक फीकी हो जाती है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

राष्ट्रवाद की गढ़ी जा रही अवधारणा का आज़ादी की लड़ाई के वक़्त की अवधारणा से मेल नहीं: इतिहासकार

इतिहासकार प्रोफेसर मृदुला मुखर्जी ने कहा कि वह राष्ट्रवाद सर्वसमावेशी और बहुआयामी था, जिसमें हर क्षेत्र, धर्म, संप्रदाय, हर भाषा को बोलने वाले और सभी जनजातीय समूह के लोग शामिल थे.

l20170705110640

प्रोपेगैंडा तय करता है कि ख़ून का दाग़ भीड़ पर लगे और नेता निर्दोष नज़र आएं

भारत में सब हत्या करने वाली भीड़ को ही दोष दे रहे हैं. कोई नहीं जांच करता कि बिना आदेश के जो भीड़ बन जाती है उसमें शामिल लोगों का दिमाग़ किस ज़हर से भरा हुआ है.