बच्चों का यौन उत्पीड़न

Gaya: Bangladeshi Buddhist monk Bhante Sangh Priya, accused of sexually abusing a minor girl, being taken to a court in Gaya on Thursday, Aug. 30, 2018. (PTI Photo)  (PTI8_30_2018_000151B)

बिहार: बौद्ध स्कूल में नाबालिगों के साथ मारपीट और यौन उत्पीड़न, संचालक बौद्ध भिक्षु गिरफ़्तार

बोधगया के प्रज्ञा ज्योति बुद्धिस्ट नोविस स्कूल एंड मेडिटेशन सेंटर में पढ़ने के लिए असम से आए थे बच्चे. पीड़ितों की उम्र 6 से 13 साल के बीच. मेडिकल जांच में कुछ बच्चों के शरीर पर घाव और अंदरूनी अंगों के साथ छेड़छाड़ के निशान पाए गए.

(इलस्ट्रेशन: एलिज़ा बख़्त)

साल 2016 में दिल्ली में हर रोज 11 महिलाओं का अपहरण हुआ

राजधानी में पिछले साल दर्ज अपहरण के 6,707 मामलों में से 75 फीसदी से ज्यादा महिलाओं से जुड़े थे, हर रोज औसतन दो बच्चों का यौन उत्पीड़न हुआ.

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यह समाज और इसका वातावरण बच्चों के अनुकूल नहीं है

यह ‘अच्छे स्पर्श’ और ‘बुरे स्पर्श’ की सरलीकृत बायनरी से आगे बढ़ने का वक़्त है. बच्चों के लिए न विशेष अदालतें हैं, न काउंसलिंग के इंतज़ाम हैं, न ही सुरक्षित वातावरण जिसमें वह पल-बढ़ सकें.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

वंचित समुदाय के मेधावी बच्चों के लिए बने आवासीय स्कूल मौत के कुएं क्यों बन रहे हैं?

आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ यौन अत्याचार, शोषण और उनके मरने की घटनाएं आम हो चली हैं लेकिन मुख्यधारा में कहीं भी उनकी चर्चा नहीं है.