बजट

(फोटो: रॉयटर्स)

निजीकरण के लिए बैंक ऑफ इंडिया समेत चार बैंकों का चयन: रिपोर्ट

सरकार ने निजीकरण के लिए जिन चार बैंकों का चयन किया गया है वे बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया हैं. सरकार का यह कदम उसकी उस बड़ी योजना का हिस्सा है जिसके तहत वह सरकारी संपत्तियों को बेचकर राजस्व बढ़ाने की तैयारी कर रही है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो साभार: पीआईबी)

बैंकों के निजीकरण की योजना के कार्यान्वयन के लिए रिज़र्व बैंक के साथ मिलकर काम करेंगे: सीतारमण

पिछले सप्ताह पेश केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनिवेश योजना के तहत दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा की है. हालांकि, उन्होंने इस बारे में बताने से इनकार कर दिया कि किस या किन बैंकों को बिक्री के लिए चुना जा रहा है. फ़िलहाल बैंक यूनियनों ने इस क़दम का विरोध किया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

पर्यावरण बजट आवंटन में कटौती से साफ है कि सरकार पर्यावरण को लेकर गंभीर नहीं: विशेषज्ञ

सोमवार को पेश आम बजट में पर्यावरण मंत्रालय को बजटीय आवंटन में 230 करोड़ रुपये की कटौती की गई है. पर्यावरण के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे पर्यावरण से जुड़े कई कार्यक्रम बाधित हो सकते हैं या उनकी रफ्तार घट सकती है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बजट 2021: शिक्षा क्षेत्र में 6,000 करोड़ रुपये की कटौती, स्कूली शिक्षा में सर्वाधिक

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आम बजट में शिक्षा को 93 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक राशि आवंटित की गई है. स्कूली शिक्षा के बजट में सर्वाधिक करीब पांच हज़ार करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा विभाग के बजट में एक हज़ार करोड़ रुपये और समग्र शिक्षा अभियान के आवंटन में सात हज़ार करोड़ रुपये की कटौती की गई है.

Children sitting inside cement water pipes play on the Marina beach in the southern Indian city of Chennai October 10, 2013. REUTERS/Babu

बजट निराशाजनक, महामारी में बच्चों को अधिक वित्तीय संसाधनों की ज़रूरत: बाल अधिकार संगठन

बाल अधिकारों से जुड़े संगठनों ने आम बजट से निराशा जताते हुए कहा कि बच्चों के लिए इस बार का बजटीय आवंटन बीते दस वर्षों में सबसे कम है. कोविड-19 के दौरान बच्चों ने बहुत-सी चुनौतियों का सामना किया, उम्मीद थी कि उनकी शिक्षा पर होने वाला बजटीय आवंटन बढ़ेगा, पर उनकी शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी गई.

Patna: People watch Finance Minister Nirmala Sitharaman present the Union Budget 2021-21 on television sets, during the Budget Session of Parliament, at an electronics store in Patna, Monday, Feb, 1, 2021.  (PTI Photo)(PTI02_01_2021_000061B)

बजट 2021: निजी क्षेत्र के साथ साझा होंगी गैस पाइपलाइन, राजमार्ग जैसी परियोजनाएं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की पुरानी परियोजनाओं के लिए राष्ट्रीय मौद्रिकरण कार्यक्रम शुरू करेगी. इसके तहत गैस पाइपलाइन, राजमार्ग आदि जैसी परियोजनाओं को निजी क्षेत्र के साथ साझा या किराये पर चढ़ाकर पैसे जुटाने का प्रस्ताव है.

Trains are seen parked at a railway station during a 14-hour long curfew to limit the spreading of coronavirus disease (COVID-19) in the country, in Mumbai, India, March 22, 2020. REUTERS/Francis Mascarenhas

बजट 2021: रेलवे के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया

वर्ष 2021-22 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने गिग कर्मचारियों की जानकारी एकत्र करने के लिये एक पोर्टल शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है.

Kolkata: A worker waits to deliver LPG cylinders, during Unlock 2.0, in Kolkata, Saturday, July 18, 2020. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)

बजट 2021: उज्ज्वला योजना में जुड़ेंगे एक करोड़ और लाभार्थी, बीमा क्षेत्र में बढ़ी विदेशी निवेश सीमा

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी से एक विकास वित्त संस्थान यानी डीएफआई स्थापित करेगी. साथ ही सरकार अगले वित्त वर्ष में सरकारी बैंकों में 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी.

Jaipur: A medic shows Covishield vaccine vials, after the virtual launch of the COVID-19 vaccination drive by Prime Minister Narendra Modi, at Manipal Hospital in Jaipur, Saturday, Jan. 16, 2021.(PTI Photo) (PTI01 16 2021 000163B)

बजट 2021: कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ टीकाकरण के लिए 35,000 करोड़ रुपये का प्रावधान

बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बिक्री से वित्त वर्ष 2021-22 में 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का अगले वित्त वर्ष में दो सरकारी बैंकों तथा एक बीमा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री का इरादा है.

बजट 2021-22 पेश करने जातीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो: पीटीआई)

बजट 2021: स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2.24 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव

कोरोना महामारी के बीच सरकार ने 2021-22 के लिए स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र के लिए 2,23,846 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय का प्रस्ताव रखा. इसमें मौजूदा वित्त वर्ष के 94,452 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय की तुलना में 137 प्रतिशत का इज़ाफ़ा प्रस्तावित है.

लोकसभा. (फोटो: पीटीआई)

लोकसभा ने वित्त विधेयक को बिना चर्चा के पारित किया

वित्त विधेयक को पारित किए जाने के बाद लोकसभा की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. बजट सत्र 3 अप्रैल को समाप्त होने वाला था.

Ashima Goyal. Photo: Youtube/SKOCH TV

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य ने कहा- बजट में दूरदर्शिता का अभाव

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की अंशकालिक सदस्य आशिमा गोयल ने इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट रिसर्च में कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के करीब तीन घंटे के भाषण में आर्थिक नरमी का एक बार भी जिक्र नहीं होना हैरान करने वाली बात है.

New Delhi: Union Finance Minister Nirmala Sitharaman, holding a folder containing the Union Budget documents, poses for photographers along with her deputy Anurag Thakur and a team of officials, outside the Ministry of Finance, North Block in New Delhi, Saturday, Feb. 1, 2020. (PTI Photo/Kamal Singh)  (PTI2_1_2020_000013B)

आरबीआई और एलआईसी के बूते कब तक आर्थिक संकट से निपटेगी सरकार?

पिछले साल सरकार ने भारतीय रिज़र्व बैंक से 1.76 लाख करोड़ रुपये लेने का फ़ैसला किया. इस साल यह एलआईसी से 50,000 करोड़ से ज्यादा ले सकती है. बीपीसीएल, कॉन्कोर जैसे कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को पूरी तरह से बेचा जा सकता है.

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सरकार के बजट को लोग जनविराधी क्यों बता रहे हैं?

वीडियो: दिल्ली के जंतर मंतर पर बजट को जनविरोधी बताते हुए कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों की सृष्टि श्रीवास्तव से बातचीत.

(फोटो: पीटीआई)

सरकार की दीर्घकाल में सभी आयकर छूट समाप्त करने की योजना: वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को करदाताओं को राहत देते हुए कर कानूनों को सरल बनाने के लिए नयी वैकल्पिक व्यक्तिगत आयकर व्यवस्था पेश की. करदाताओं को विकल्प दिया जाएगा कि वह चाहे तो छूट और कटौती के साथ पुरानी कर व्यवस्था में रहें या फिर बिना छूट वाले नए कर ढांचे को अपनाएं.