बाल मज़दूरी

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

झारखंड और बिहार के अभ्रक खदान क्षेत्र में पांच हजार बच्चे शिक्षा से दूर, अनेक बाल मजदूर

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा झारखंड और बिहार के अभ्रक खदान वाले इलाकों में बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर किए गए सर्वेक्षण में ये खुलासा हुआ है.

Parle G

छत्तीसगढ़ः पारले-जी बिस्किट की फैक्ट्री से 26 बाल मज़दूर छुड़ाए गए

छत्तीसगढ़ के रायपुर में पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग और सामाजिक संगठनों की संयुक्त कार्रवाई में पारले-जी कारखाने में छापा मारा गया. ये बच्चे छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्यों झारखंड, उड़ीसा और मध्य प्रदेश के हैं.

देवकी मांझी दिहाड़ी मज़दूर हैं. उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जिस कारण जब उनके बेटे को चूड़ी फैक्ट्री में काम देने की बात कही गई, तो न चाहते हुए भी वह तैयार हो गए. (फोटो: उमेश कुमार राय/द वायर)

बाल मज़दूरों का कारखाना बनता गया

बिहार का गया ज़िला भले ही धार्मिक कारणों से दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन पिछले कुछ सालों में इस ज़िले पर एक और तमगा चस्पां हो गया है. गया इकलौता ज़िला बन गया है, जहां के सबसे ज़्यादा बच्चे बाल मज़दूर बनकर दूसरे राज्यों की फैक्ट्रियों में काम करने को मजबूर हैं.