बिहार पुलिस

Durg Singh Rajpurohit FB

राजस्थान के पत्रकार पर फ़र्ज़ी मुक़दमे में बिहार पुलिस के अफ़सर की भूमिका संदेह के घेरे में

सूत्रों के मुताबिक बाड़मेर के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित की गिरफ़्तारी के मामले पर बिहार सरकार द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में एक एएसपी के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफ़ारिश की गई है.

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पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को जमानत, राजस्थान और बिहार सरकार ने दिए मामले की जांच के आदेश

पटना में एससी-एसटी एक्ट के तहत दायर मामले में राजस्थान के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित को निजी मुचलके पर जमानत मिल गई है.

Durgesh Journalist Rajasthan

राजस्थान से गिरफ़्तार कर बिहार लाए गए पत्रकार ​के मामले का सच क्या है?

पटना में एससी-एसटी एक्ट के तहत दायर मामले में राजस्थान के पत्रकार दुर्ग सिंह राजपुरोहित का कहना है कि वे कभी बिहार नहीं गए. वहीं, दूसरी ओर जिसके नाम से शिकायत दर्ज कराई गई है उसने ऐसी कोई शिकायत दर्ज कराने से इनकार किया है.

फोटो: विकीपीडिया

बिहार: मुफ़्त सब्ज़ी न देने पर नाबालिग को जेल भेजने पर दो थाना प्रमुखों सहित 12 पुलिसकर्मी निलंबित

14 साल के नाबालिग के परिवार का आरोप था कि पुलिस ने मुफ़्त सब्ज़ी न देने के चलते उनके बेटे को झूठे मामले में गिरफ़्तार किया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मामले की जांच के आदेश के बाद हुई पुलिस जांच में सामने आया कि एफआईआर में थीं गड़बड़ियां. पुलिस के नाबालिग पर लगाए आरोपों का कोई प्रमाण नहीं.

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पिछले साल राज्य से लापता हुए ढाई हज़ार बच्चों का कोई सुराग नहीं: बिहार पुलिस

बिहार पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष राज्य में 18 वर्ष से कम आयु के 6139 बच्चे लापता हुए. जिनमें से 2546 का आज तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

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बिहार: ‘देश विरोधी’ गाने पर नाचने पर राष्ट्रद्रोह के आरोप में 5 नाबालिगों सहित आठ गिरफ़्तार

रोहतास जिले में ईद की पूर्व संध्या पर कथित देश विरोधी गाना बजाने को लेकर हुई एफआईआर. आरोपियों के परिजनों ने कहा बच्चे गाने का मतलब तक नहीं जानते.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बिहार: शराबबंदी क़ानून के तहत जेल में बंद क़ैदी की मौत

पुलिस के मुताबिक, मृतक सुरेंद्र साह पूर्वी चंपारण ज़िले का रहने वाला था. उसे 17 जून को शराब पीने के चलते उसके गांव से गिरफ़्तार करके जेल में डाला गया था. वह गिरफ़्तारी के बाद से ही बीमार रह रहा था.

फोटो: विकीपीडिया

बिहार: अपराधों से निपटने में ढिलाई बरतने पर 70 थानाध्यक्षों का वेतन रोका

पुलिस उपमहानिरीक्षक ने बताया कि निर्देशानुसार गंभीर अपराधों के लंबित मामलों में प्रतिदिन कम से कम एक गिरफ़्तारी होनी चाहिए, लेकिन हफ़्ते में एक गिरफ़्तारी भी नहीं हो रही.