बिहार सरकार

पूर्वी चंपारण में बाढ़ पीड़ित. (फोटो: पीटीआई)

बिहार: बाढ़ से चौदह ज़िलों के 56.53 लाख लोग प्रभावित, 13 लोगों की मौत

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक दरभंगा ज़िले में सर्वाधिक 18.6 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. समस्तीपुर-दरभंगा रेलवे लाइन पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बंद है. वहीं ओडिशा में आकाशीय बिजली गिरने छह लोगों की मौत हुई है.

हसुआहां गांव में एक घर.

‘नेता लोग हवाई जहाज से बैठ के देखता है, उ लोग को नाव में आके देखना चाहिए कि हम किस हाल में हैं’

ग्राउंड रिपोर्ट: कोरोना वायरस का केंद्र बनकर उभर रहे बिहार के कई इलाके बाढ़ के ख़तरे से भी जूझ रहे हैं. उत्तर बिहार के लगभग सभी ज़िले बाढ़ की चपेट में हैं और लाखों की आबादी प्रभावित है. लेकिन पानी में डूबे गांव-घरों में जैसे-तैसे गुज़ारा कर रहे लोगों को मदद देना तो दूर, सरकार उनकी सुध ही नहीं ले रही है.

Muzaffarpur: Residents move to a safer place on a boat from a flood affected area, following heavy monsoon rain, in Muzaffarpur district, Tuesday, July 21, 2020. (PTI Photo)(PTI21-07-2020_000161B)

बिहार: दस ज़िलों की छह लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित

बिहार में बाढ़ के खतरे के मद्देनज़र एनडीआरएफ की 21 टीमों को राज्य के विभिन्न संवेदनशील ज़िलों में तैनात किया गया है. इसी बीच मुज़फ़्फ़रपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से दो बच्चियों की जान चली गई.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: क्या नीतीश सरकार की लापरवाही का नतीजा बिहार की जनता भुगत रही है

मार्च में जब देश में कोविड संक्रमण की शुरुआत हुई, तब बिहार में बहुत कम मामले सामने आए थे, लेकिन अब आलम यह है कि राज्य में संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र दोबारा लॉकडाउन लगाना पड़ा है और मुख्यमंत्री के परिजनों से लेकर कई ज़िलों के प्रशासनिक अधिकारी तक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं.

(फोटो साभार: ट्विटर/@yadavtejashwi)

बिहार: आठ साल में बनकर तैयार पुल का एक हिस्सा उद्घाटन के महीनेभर बाद ढहा

​गोपालगंज को पूर्वी चंपारण ज़िले से जोड़ने वाले सत्तारघाट महासेतु का उद्घाटन बीते 16 जून को हुआ है. बिहार सरकार ने इस घटना को फेक न्यूज़ बताते हुए कहा है कि पुल सुरक्षित है. मुख्य पुल से दो किलोमीटर दूर एक सड़क क्षतिग्रस्त हुई है.

Mumbai: A health worker marks the hands of residents with home quarantine stamp, at Bhaji Galli Road no. 3 of Andheri East in Mumbai, Saturday, June 27, 2020. (PTI Photo)

बिहार: शादी के दो दिन बाद कोरोना से जान गंवाने वाले दूल्हे के पिता के ख़िलाफ़ केस दर्ज

ज़िला प्रशासन ने बताया कि शादी समारोह में कोरोना वायरस के संबंध में तय किए गए दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की जांच हो रही है. पटना के पालीगंज प्रखंड में पड़ने वाले डीहपाली गांव में 259 नमूने की जांच के बाद तक़रीबन 100 लोग संक्रमित पाए गए हैं.

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बिहार: शादी के दो दिन बाद कोरोना संक्रमण से दूल्हे की मौत, 100 से अधिक लोग संक्रमित

मामला पटना ज़िले के पालीगंज का है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दूल्हे की मौत के बाद कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग से 350 से अधिक लोगों का कोरोना परीक्षण किया जा चुका है जिसमें से 100 से अधिक लोग संक्रमित पाए गए हैं.

People are seen inside a temporary quarantine centre, during an extended nationwide lockdown to slow the spread of the coronavirus disease (COVID-19), in Kolkata, India, April 15, 2020. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच क्वारंटीन सेंटर क्यों बंद कर रही है बिहार सरकार?

बीते सप्ताह बिहार सरकार ने 15 जून के बाद से सभी प्रखंड स्तरीय क्वारंटीन सेंटर्स को बंद करने का आदेश दिया है. दूसरे राज्यों से आ रहे कामगारों में कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच लिए गए सरकार के इस फ़ैसले पर सवाल उठ रहे हैं. कहा जा रहा है कि इन सेंटर्स की फंड संबंधी गड़बड़ियों के चलते यह निर्णय लिया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

केरल से बिहार के कटिहार पहुंचे मज़दूरों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

कटिहार स्टेशन पर भोजन और बस की व्यवस्था न होने से नाराज़ मज़दूरों ने चक्काजाम कर दिया था और तक़रीबन 40 मिनट तक बिहार सरकार और प्रशासन के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की थी. हालांकि पुलिस ने लाठीचार्ज की बात से इनकार किया है.

Nagpur: Labourers wearing face masks look through the windows of a building where they are sheltered, during ongoing COVID-19 lockdown in Nagpur, Thursday, April 23, 2020. (PTI Photo) (PTI23-04-2020_000182B)

क्या बिहार में कोरोना से ज़्यादा मौतें क्वारंटीन सेंटर्स में हुई हैं?

बिहार सरकार के आंकड़ों के मुताबिक बुधवार शाम तक राज्य में कोरोना संक्रमण से 25 मौतें हुई हैं. सरकार द्वारा क्वारंटीन सेंटर्स में हुई मौतों के बारे में कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब तक 10 ज़िलों के क्वारंटीन सेंटर्स में 20 से अधिक जानें जा चुकी हैं.

Bhopal: Thermal screening of migrant workers being conducted after they arrive from Nashik by a special train at Misrod railway station, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Bhopal, Saturday, May 02, 2020. This is the first special train that has reached Bhopal after the Centres announcement to run such services to facilitate the stranded workers. (PTI Photo) (PTI02-05-2020 000022B)

बिहार लौटने वाले लोगों को अब क्वारंटीन नहीं करेगी सरकार, विपक्ष ने की आलोचना

15 जून के बाद बिहार में क्वारंटीन सेंटर्स को बंद किया जाएगा. साथ ही रेलवे स्टेशनों पर थर्मल स्क्रीनिंग भी बंद की जाएगी. राज्य सरकार का फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में कोरोना संक्रमण के 3,872 पॉजिटिव मामलों में से 2,743 लोग वे हैं जो तीन मई के बाद दूसरे राज्यों से लौटे हैं.

Nitish Kumar reuters

बिहार में कोरोना संकट के बीच स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव का तबादला

राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव ने ट्वीट कर कहा है कि सच्चे और झूठे का स्कोर मैच नहीं कर रहा था इसलिए कोच साहब ने बीच मैच में ही कैप्ट बदल दिया. अमंगल तो थे ही बेईमान भी निकले.

Thane: Migrants with their belongings ride on bicycles as they move towards their native places on the Mumbai-Nashik highway during the nationwide lockdown, in wake of the coronavirus pandemic, in Thane, Friday, May 1, 2020. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad)(PTI01-05-2020_000219B) *** Local Caption ***

लॉकडाउन: राजस्थान से बिहार पहुंचे चार मज़दूर, कहीं पैदल तो कहीं साइकिल से पूरा किया सफ़र

बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले ये मज़दूर उदयपुर की जयसमंद झील में मछली पकड़ने का काम करते थे. लॉकडाउन का दूसरा चरण शुरू होने तक किसी तरह की मदद न मिलने पर इन्होंने घर का रुख़ किया. रास्ते में कहीं ट्रकवालों, तो कहीं ग्रामीणों की मदद से ये सभी 13 दिन बाद रविवार को अपने गांव पहुंचे हैं.

(फोटो साभार: ट्विटर)

कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए यूपी सरकार ने भेजी बसें, नीतीश कुमार ने जताई आपत्ति

राजस्थान और यूपी सरकार के इस निर्णय के बाद शुक्रवार को 102 बसें झांसी और 150 बसें आगरा से कोटा गई थीं और रात में ही छात्र और कुछ अभिभावक अपने घरों के लिए रवाना हो गए. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह लॉकडाउन के नियम के साथ नाइंसाफी है.

(फोटोः रॉयटर्स)

राजस्थान: लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बाद कोटा में फंसे हज़ारों छात्रों ने की घर भेजे जाने की मांग

कोचिंग हब माने जाने वाले कोटा में लॉकडाउन के चलते हज़ारों छात्र-छात्राएं फंसे हैं. उनका कहना है कि कोई इम्तिहान या क्लास नहीं है, पर रहने-खाने की परेशानी से लेकर किराये के लिए मकानमालिकों का दबाव झेलना पड़ रहा है क्योंकि सरकार हमें घर नहीं भेज सकती.