बीकेयू

(फोटो: पीटीआई)

आंदोलन के 100 दिन पर किसानों ने कहा, कृषि क़ानून वापस नहीं लिए तो चुनाव में झेलना पड़ेगा ग़ुस्सा

दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन के 100 दिन पूरा होने पर खिल भारतीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोलंकी ने कहा कि अगर सरकार तीनों कानूनों को वापस नहीं लेती है तो पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में इसका असर देखने को मिलेगा.

नरेश टिकैत (फोटो: पीटीआई)

भाजपा का साथ देना बड़ी भूल थी, सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली है: नरेश टिकैत

दिल्ली में कृषि क़ानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन की गूंज गुरुवार को पूर्वांचल में भी सुनाई दी, जहां बस्ती ज़िले में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने किसान पंचायत का आयोजन किया और जमकर भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

New Delhi: Farmers at Ghazipur border during the ongoing agitation over farm reform laws, in New Delhi, Wednesday, Feb. 3, 2021.  (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI02_03_2021_000067B)

संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति को पत्र लिख गिरफ़्तार किसानों की बिना शर्त रिहाई की मांग की

केंद्र के तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर 26 जनवरी को किसान संगठनों द्वारा आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए थे. इसके बाद सैकड़ों लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में आयोजित किसान महापंचायत में बड़ी संख्या में इकट्ठा किसान. (फोटो: पीटीआई)

किसानों को मनाने पश्चिमी यूपी पहुंचे भाजपा नेताओं को झेलना पड़ा गुस्सा, ट्रैक्टर लगाकर रोका काफ़िला

राज्य में ज़िला पंचायत चुनावों से पहले गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा से जुड़े किसान नेताओं को किसानों के बीच जाकर कृषि क़ानूनों संबंधी ‘भ्रांतियां’ दूर करने की ज़िम्मेदारी दी है. हालांकि शामली क्षेत्र में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान और भाजपा के अन्य नेताओं को किसानों की ख़ासी नाराज़गी झेलनी पड़ी.

New Delhi: Farmers at KMP Expressway during their chakka jam protest as part of the ongoing agitation over new farm laws, near New Delhi, Saturday, Feb. 6, 2021. (PT Photo/Shahbaz Khan) )(PTI02 06 2021 000137B)

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन के दौरान 248 किसानों की मौत हुई: संयुक्त किसान मोर्चा

कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से ​दी गई जानकारी के अनुसार, अधिकतर मौतें दिल का दौरा पड़ने, ठंड की वजह से बीमारी और दुर्घटनाओं से हुई हैं. ये आंकड़े 26 नवंबर 2020 से इस साल 20 फरवरी के बीच इकट्ठा किए गए हैं.

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किसान संगठन ने कहा, सत्ता के शीर्ष पर बैठे पीएम मोदी एमएसपी पर सफेद झूठ बोल रहे हैं

अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये दावा बिल्कुल झूठा है कि उनकी सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशों के अनुसार किसानों को लाभकारी मूल्य दे रही है. सभा का कहना है कि भले ही भाजपा ने इन सिफ़ारिशों को लागू करने का वादा किया था, लेकिन इसे अमल में लाने के लिए उसकी सरकार ने कुछ नहीं किया.

रेल रोको प्रदर्शन के तहत गाजियाबाद में ट्रैक पर बैठे किसान. (फोटो: पीटीआई)

शांतिपूर्ण तरीके से हुआ किसानों का रेल रोको प्रदर्शन, रेलवे ने कहा- ट्रेन परिचालन पर मामूली असर

किसान आंदोलन के प्रमुख संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग के लिए दबाव बनाने को लेकर गुरुवार को चार घंटे के रेल रोको प्रदर्शन का आह्वान किया था. इस दौरान विभिन्न राज्यों में रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन करते हुए पटरियों को अवरुद्ध कर दिया गया और नारेबाज़ी हुई.

नरेश टिकैत (फोटो: पीटीआई)

सरकार अड़ि‍यल रवैया छोड़ दे तो सुलझ सकता है मामला: नरेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि कृषि घाटे का सौदा हो गई है और सरकार कह रही है कि इसमें फ़ायदा है, हमें अपना नफ़ा-नुकसान पता है, इसलिए वे इस तरह का रवैया न अपनावे.

अलीगढ़ किसान महापंचायत में आरएलडी नेता जयंत चौधरी. (फोटो: पीटीआई)

अलीगढ़ किसान महापंचायत: आरएलडी नेता जयंत चौधरी समेत पांच हज़ार से अधिक लोगों पर केस दर्ज

कृषि क़ानूनों के विरोध में अलीगढ़ ज़िले के गोंडा क्षेत्र में बीते नौ फरवरी को किसान महापंचायत हुई थी, जिसमें आरएलडी नेता जयंत चौधरी शामिल हुए थे. इस संबंध में दर्ज एफ़आईआर में कहा गया है कि महामारी के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में लोग बिना फेस मास्क शामिल हुए और सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया गया.

पहाड़ों में उत्पादन की अपनी अलग चुनौतियाँ हैं. (फोटो: मान्शी अशर)

क्यों हिमाचल और उत्तराखंड के लोगों को कृषि क़ानूनों और किसान आंदोलन के बारे में चेत जाना चाहिए

वर्तमान में एमएसपी जैसे तरीके पहाड़ों की आबादी के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण हैं, हालांकि मुख्यधारा के मीडिया और इन जगहों के दूर होने के चलते यहां के लोगों को इस मुद्दे पर इकट्ठा होना मुमकिन नहीं हो रहा है.

New Delhi: BKU spokesperson Rakesh Tikait addresses during the chakka jam by farmers, in solidarity with the ongoing agitation against Centres farm reform laws, at Ghazipur border in New Delhi, Saturday, Feb. 6, 2021. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI02 06 2021 000127B)

देश में भूख पर व्यापार नहीं करने देंगे, एमएसपी पर कानून ज़रूरी: राकेश टिकैत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कहा कि एमएसपी है, एसएसपी था और एमएसपी रहेगा. इस पर अन्य किसान नेताओं ने कहा कि यदि सरकार दावा कर रही है कि एमएसपी जारी रहेगा तो वह क़ानूनी गारंटी क्यों नहीं देती.

गाजीपुर बॉर्डर के धरना स्थल पर लगाई गई बैरिकेडिंग. (फोटो: विशाल जायसवाल/द वायर)

किसान आंदोलन पर अमेरिकी कांग्रेस ने कहा- लोकतांत्रिक नियमों का पालन सुनिश्चित करे भारत सरकार

अमेरिकी कांग्रेस के शक्तिशाली इंडिया कॉकस के नेताओं ने भारत सरकार से लोकतांत्रिक नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की अनुमति देने और इंटरनेट तक पहुंच मुहैया कराने का अनुरोध किया है.

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किसान आंदोलन: टिकरी बॉर्डर के पास हरियाणा के किसान का शव पेड़ से लटका मिला

दो महीने से ज्यादा समय से चल रहे किसान आंदोलन के दौरान बीते 20 जनवरी तक कम से कम पांच लोग दिल्ली के विभिन्न प्रदर्शन स्थलों पर आत्महत्या कर चुके हैं. इसी तरह किसान आंदोलन के दौरान विभिन्न कारणों से कई किसानों की जान जा चुकी है.

New Delhi: BKU leader Rakesh Tikait gestures towards security personnel who had blocked farmers movement during their protest against Centres farm laws, at Ghazipur border in New Delhi, Saturday, Feb. 6, 2021. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI02 06 2021 000151B)

केंद्र सरकार के पास कृषि क़ानूनों को रद्द करने के लिए दो अक्टूबर तक का समयः राकेश टिकैत

केंद्र के तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे किसानों के आह्वान पर शनिवार को देश के विभिन्न इलाकों में चक्काजाम किया गया. किसानों ने आंदोलन स्थलों के पास के क्षेत्रों में इंटरनेट पर रोक लगाए जाने, अधिकारियों द्वारा कथित रूप से उन्हें प्रताड़ित किए जाने और अन्य मुद्दों को लेकर देशव्यापी चक्काजाम की घोषणा की थी.

ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था. (फोटो: पीटीआई)

प्रधानमंत्री जी, राजधानी की सड़कों पर दीवारें चिनवाने के बजाय पुल क्यों नहीं बनवाते

क्या सरकार आंदोलनकारी अन्नदाताओं के इरादों से सचमुच डर गई है और इसीलिए ऐसी सियासत पर उतर आई है, जो अन्नदाताओं के रास्ते में दीवारें उठाकर, कंटीले तार बिछाकर और गिरफ़्तार करके उनसे कह रही है कि आओ वार्ता-वार्ता खेलें?