बेरोजगारी

Agra: Samajwadi Party President Akhilesh Yadav addresses a press conference in Agra on Wednesday, on the eve of the partys national convention. PTI Photo (PTI10 4 2017 000160B) *** Local Caption ***

जनता को बांटकर तरक्की नहीं हो सकती: अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे दिनों का सपना दिखाकर सत्ता हथियाने का काम किया गया, लेकिन भाजपा के शासनकाल में सभी वर्ग परेशान हैं.

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अमेठी में बोले राहुल, भाजपा हमारे कामों को अपना बताने का ड्रामा कर रही है

अमित शाह, स्मृति ईरानी और योगी के दौरे के पहले अमेठी पहुंचे राहुल, भाजपा ने बताया दरकती राजनीतिक ज़मीन बचाने की कवायद.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह. (फोटो: रॉयटर्स)

आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया अधूरी, नई सोच की ज़रूरत: मनमोहन सिंह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक विश्लेषण को येचुरी ने बताया जुमलानॉमिक्स. ग़ुलाम नबी आज़ाद बोले, मोदी टीवी के प्रधानमंत्री, हमारे प्रधानमंत्री ज़मीनी थे.

Applicants look at job offers displayed on a glass window of a recruitment agency in Manila in this October 9, 2010 file photo.   REUTERS/Cheryl Ravelo/File Photo

पर्याप्त रोज़गार पैदा नहीं होने से देश में बढ़ेगी आय असमानता: अध्ययन

वित्तीय सेवा प्रदाता एमबिट कैपिटल के अध्ययन में बताया गया है कि बेरोज़गारी और असमानता के कारण अपराधों में तेज़ी और सामाजिक तनाव में वृद्धि हो सकती है.

Episode 2

हम भी भारत, एपिसोड 02: क्या भारत आर्थिक मंदी से गुज़र रहा है?

हम भी भारत की दूसरी कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर भारतीय मज़दूर संघ के पवन कुमार और एटक की अमरजीत कौर के साथ चर्चा कर रही हैं.

Rahul Gandhi PTI

बेरोज़गारी के कारण ही सत्ता में आए मोदी और ट्रंप: राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, लोगाें काे गले लगाना ही भारत की ताकत रही है, लेकिन देश सौहार्द्र बिगड़ने के ख़तरे का सामना कर रहा है.

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नोटबंदी असफल रही यह स्वीकार करने का साहस दिखाएं प्रधानमंत्री: चिदंबरम

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, आपको ग़लत निर्णय लेने के लिए साहस की ज़रूरत नहीं है, लेकिन आपने ग़लत निर्णय लिया है, यह स्वीकार करने का साहस होना चाहिए.

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लोगों का भीड़ में बदलना और क़ातिल हो जाना विकास का कैसा मुक़ाम है?

भीड़ को राजनीति और सत्ता मिलकर पैदा करते हैं. उन्हें निर्देशित करते हैं. फिर भीड़ उनके नियंत्रण से भी बाहर निकल जाती है. वह किसी की नहीं सुनती.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi being welcomed by the Governor of Bihar, Shri Keshari Nath Tripathi and the Chief Minister of Bihar, Shri Nitish Kumar, on his arrival, at Patna Airport, Bihar on July 25, 2015.

क्या नीतीश ने मोदी के 2019 के चुनावी सपने में रंग भरने की शुरुआत कर दी है?

नीतीश मुख्यमंत्री पद के तथाकथित ‘बलिदान’ के कुछ ही घंटों के भीतर भाजपा के समर्थन से फिर उसी कुर्सी पर काबिज़ हो गए, जो प्रदेश की जनता द्वारा दिए गए जनादेश से धोखा करने जैसा है.

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नोटबंदी से गईं 15 लाख नौकरियां, 60 लाख लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट

निर्माण क्षेत्र के 73 प्रतिशत नौकरी देने वालों का कहना है कि वे अगले तीन महीने तक कोई भी नई नौकरी देने की स्थिति में नहीं हैं.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 83: मोदी का बचा कार्यकाल और बेरोज़गारी

जन गण मन की बात की 83वीं कड़ी में विनोद दुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचे हुए कार्यकाल और बेराज़गारी की समस्या पर चर्चा कर रहे हैं.

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जो हम पर ईमान ना लाए चुनवा दो दीवारों में…

‘गाय, ट्रिपल तलाक, सेना, कश्मीर और पाकिस्तान को ज़ेरे-बहस लाकर सरकार अपनी नाकामी को छिपाने की कोशिश कर रही है. सरकार के सभी वादे झूठे साबित हुए हैं. आपको अच्छे दिन के बजाय बुरे दिन दे दिए गए हैं.’

फाइल फोटो: पीटीआई

मोदी सरकार ने विज्ञापन पर ख़र्च किए 1500 से 2000 करोड़: कांग्रेस

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा का आरोप, सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों को बंद करने का प्रयास कर रही है केंद्र सरकार. अर्थव्यवस्था पर की श्वेत पत्र लाने की मांग.

Indian Prime Minister Narendra Modi gestures on stage during a community reception at SAP Center in San Jose, California September 27, 2015. REUTERS/Stephen Lam

आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार के तीन साल में अर्थव्यवस्था के अच्छे दिन नहीं आए

मोदी यह समझाने की कितनी भी कोशिश करें कि उनके आने से बदलाव आया है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था से जुड़े अधिकांश क्षेत्रों में सरकार प्रगति करने के लिए जूझती नज़र आ रही है.

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ऐतिहासिक रोज़गार संकट से आंखें चुरा रही है मोदी सरकार

विधानसभा चुनावों में विभाजनकारी और भावनात्मक मुद्दों पर भाजपा को मिल रही जीत ने सरकार में यह भाव भरने का काम किया है कि अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी सब बढ़िया है.

फोटो: पीटीआई

एक छोटी सी नौकरी का तलबगार हूं मैं, उनसे कुछ और जो मांगूं तो गुनहगार हूं मैं…

मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर छिड़ा ट्विटर वॉर, ट्रेंड कर रहा है ‘अच्छे दिन नौकरी बिन’ और तीन साल गोलमाल.