बेरोजगारी

(फोटो: रॉयटर्स)

देश में पर्याप्त रोज़गार, लेकिन उत्तर भारत में योग्य लोगों की कमी: केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री

केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री संतोष गंगवार के इस बयान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर भारतीयों को जिम्मेदार ठहराकर मंत्री रोज़गार दर घटने के सवालों से बचने की कोशिश कर रहे हैं.

First Time Voters The Wire

‘मोदी ने अगर काम किया है, तो शहीदों के नाम पर वोट मांगने की ज़रूरत नहीं’

वीडियोः दिल्ली में लोकसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान होना है. पहली बार वोट करने जा रहे युवा चुनावी मुद्दों को लेकर क्या सोचते हैं, इस पर दिल्ली की इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं से रीतू तोमर की बातचीत.

Hum Bhi Bharat Bahraich

हम भी भारत: बहराइच लोकसभा क्षेत्र में कुपोषण और बेरोज़गारी पर भारी सांप्रदायिकता

हम भी भारत की इस कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी बहराइच लोकसभा क्षेत्र में बच्चों के कुपोषण, ग़रीबी और बेरोज़गारी के मुद्दों पर ग़ैर सरकारी संगठन देहात एनजीओ के कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र चतुर्वेदी, वरिष्ठ पत्रकार सलीम सिद्दीक़ी, शिक्षिका डॉ. अनुपमा झा और वरिष्ठ पत्रकार अज़ीम मिर्ज़ा से चर्चा कर रही हैं.

भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल. (फोटो: साभार: फेसबुक)

बड़ी संख्या में सरकारी नौकरी पैदा करना मुश्किल: भाजपा प्रवक्ता

भाजपा के आर्थिक मामलों के प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि भारत में नए रोज़गार चाहने वालों की संख्या बहुत अधिक है. इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को नई सरकारी नौकरी नहीं दी जा सकती. इसीलिए हमारा ज़ोर उद्यमिता और स्व-रोज़गार पर है.

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इलेक्शननामा: क्या बेरोज़गारी एक चुनावी मुद्दा बन सकी है?

ऑडियो: इलेक्शननामा की इस कड़ी में सुनिए मौजूदा लोकसभा में नौजवानों और उनसे जुड़े मुद्दों पर युवा हल्ला बोल अभियान के अनुपम के साथ बातचीत. साथ ही जानिए उन नौजवानों के बारे में, जो इस चुनाव में उम्मीदवार तो हैं पर जिनके बारे में ज़्यादा चर्चा नहीं हो रही है.

Job seekers fill up forms for registration in Chinchwad, India, February 7, 2019 (Danish Siddiqui / REUTERS)

नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशनल स्कीम: 20 लाख युवाओं को करना था रोज़गार के लिए तैयार, हुए सिर्फ 2.90 लाख

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: 2016 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य रोज़गार के अवसर पैदा करना और युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोज़गार देना था. आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2018 तक 20 लाख प्रशिक्षुओं को तैयार करने का लक्ष्य था, जिसमें से केवल 2.90 लाख प्रशिक्षु तैयार हुए. इनमें से भी महज़ 17, 493 को इस योजना का लाभ मिला.

Bulletin 12 April

द वायर बुलेटिन: देश के ग्यारह राज्यों में बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा

अली-बजरंगबली’ वाली टिप्पणी पर योगी आदित्यनाथ को चुनाव आयोग के नोटिस समेत आज की बड़ी ख़बरें.

(फोटो: रॉयटर्स)

देश के ग्यारह राज्यों में बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा: एनएसएसओ रिपोर्ट

गुजरात में बेरोज़गारी दर सबसे तेज़ी से बढ़ी है. यह दर साल 2011-12 में 0.5 फीसदी थी, जबकि 2017-18 में बढ़कर 4.8 फीसदी पर पहुंच गई.

नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर 8 अप्रैल 2019 को भाजपा का घोषणापत्र जारी करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह. (फोटो: रॉयटर्स)

भाजपा को भरोसा है कि नौजवान अपनी बेरोज़गारी सीने से चिपकाए उसे नाचते-गाते वोट दे आएंगे

घोषणा-पत्र में सरकारी नौकरियों को एक शब्द के लायक न समझकर भाजपा ने साबित कर दिया है कि उसके लिए नौजवान और रोज़गार दोनों का मतलब बदल गया है.

Andhra Pradesh Collage PTI FB

आंध्र प्रदेश की इन आठ सीटों पर मुद्दे कई, लेकिन चुनावी मुद्दा केवल जाति

ग्राउंड रिपोर्ट: रायलसीमा तिरुपति, कडपा, राजमपेट, अनंतपुर, हिंदूपुर, नांदयाल, कुरनूल और चित्तूर में भूमिगत जल खारा हो चुका है. बेरोज़गारी बढ़ रही है. पलायन शुरू हो चुका है, लेकिन इन आठ सीटों पर अहम की लड़ाई ने चुनाव को जाति पर ही केंद्रित कर दिया है. अमित कुमार निरंजन की रिपोर्ट.

Workers walk in front of the construction site of a commercial complex on the outskirts of the western Indian city of Ahmedabad, in this April 22, 2013 file picture. While India has long suffered from a dearth of workers with vocational skills like plumbers and electricians, efforts to alleviate poverty in poor, rural areas have helped stifle what was once a flood of cheap, unskilled labour from India's poorest states. Struggling to cope with soaring food prices, this dwindling supply of migrant workers are demanding - and increasingly getting - rapid increases in pay and benefits. To match story INDIA-ECONOMY/INFLATION      REUTERS/Amit Dave/Files (INDIA - Tags: BUSINESS CONSTRUCTION EMPLOYMENT TPX IMAGES OF THE DAY)

लोकसभा चुनाव: मध्य प्रदेश के 61.91 प्रतिशत मतदाताओं ने रोज़गार को बताया सबसे बड़ा मुद्दा

लोकसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले चुनावों पर नजर रखने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉमर्स द्वारा हाल ही में जारी किये गये राष्ट्रीय सर्वेक्षण में यह खुलासा किया गया है.

Baska: Farmers plant paddy saplings in a field at Boglamari, in Baska district of Assam on Wednesday, July 11, 2018. (PTI Photo) (PTI7_11_2018_000049B)

2011 से 2018 तक में करीब तीन करोड़ खेतिहर मज़दूरों का रोज़गार छिना: एनएसएसओ रिपोर्ट

एनएसएसओ द्वारा साल 2017-2018 में किए गए सर्वेक्षण से ये पता चला है कि 2011-12 से लेकर 2017-18 के बीच खेत में काम करने वाले अस्थायी मजदूरों में 40 फीसदी की गिरावट आई है. खात बात ये है कि सरकार ने इस सर्वेक्षण को जारी करने से मना कर दिया है.

फोटो: रॉयटर्स

25 साल में पहली बार देश में घटी पुरुष कामगारों की संख्या: रिपोर्ट

एनएसएसओ की रिपोर्ट के अनुसार 1993-94 के बाद 2017-18 देश में पुरुष कामगारों की संख्या में गिरावट आई है, साथ ही 2011-12 की तुलना में रोज़गार अवसर बहुत कम हुए हैं. यह एनएसएसओ की वही रिपोर्ट है, जिसे केंद्र सरकार ने हाल ही में जारी होने से रोका था.

Railway trackman-Reuters

रेलवे में हेल्पर बनने के लिए ग्रेजुएट से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक ने किया आवेदन

रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक खलासी और हेल्पर के पदों के लिए आवेदन करने वाले 4,19,137 उम्मीदवारों के पास बीटेक और 40,751 उम्मीदवारों के पास इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री है.

Narendra Modi Reuters featured

विपक्ष को मोदी के उग्र एजेंडा के जाल से बचना होगा

भाजपा ने आम चुनाव में राष्ट्रवाद और पाकिस्तान से ख़तरे को मुद्दा बनाने का मंच सजा दिया है. वो चाहती है कि विपक्ष उनके उग्रता के जाल में फंसे, क्योंकि विपक्षी दल उसकी उग्रता को मात नहीं दे सकते. विपक्ष को यह समझना होगा कि जनता में रोजगार, कृषि संकट, दलित-आदिवासी और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को लेकर काफी बेचैनी है और वे इनका हल चाहते हैं.

(फोटो साभार: ट्विटर/भाजपा)

क्या संविधान ने हमें सम्मान से जीने के लिए पांव धोने की व्यवस्था दी है?

क्या किसी बेरोज़गार के घर समोसा खा लेने से बेरोज़गारों का सम्मान हो सकता है? उन्हें नौकरी चाहिए या प्रधानमंत्री के साथ समोसा खाने का मौक़ा? अगर पांव धोना ही सम्मान है तो फिर संविधान में संशोधन कर पांव धोने और धुलवाने का अधिकार जोड़ दिया जाना चाहिए.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

एनएसएसओ रिपोर्ट पर किरकिरी के बाद सरकार मुद्रा योजना से मिले रोज़गार के आंकड़ों को पेश करेगी

नीति आयोग ने गुरुवार को श्रम मंत्रालय से सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू करने और 27 फरवरी को इसके निष्कर्षों को पेश करने को कहा ताकि इसे मार्च के पहले सप्ताह में साझा किया जा सके.

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

देश में रोज़गार विहीन वृद्धि से युवाओं में असंतोष बढ़ाः मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में रोज़गार का सृजन होने के बजाय रोज़गार के नुकसान वाली स्थिति बन गई है. ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के क़र्ज़ बढ़ रहे हैं और शहरी अव्यवस्था से भविष्य की बेहतर आकांक्षा रखने वाले युवाओं में असंतोष पैदा हो रहा है.

New Delhi: Prime Minister, Narendra Modi interacting with the IT electronic manufacturing Professionals on Self4Society, at the launch of the “Main Nahin Hum” Portal & App, in New Delhi, Wednesday, Oct 24, 2018. (PIB Photo via PTI)(PTI10_24_2018_000200B)

रोज़गार आंकड़ों पर किरकिरी के बाद दोबारा सर्वेक्षण की तैयारी में केंद्र सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय ने कहा कि वास्तविक मुद्दा रोज़गार की संख्या का नहीं बल्कि रोज़गारों की गुणवत्ता और वेतन दरों का है.

Rahul Gandhi Chhattisgarh Leaders 2 Twitter

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के लिए यह प्रायश्चित करने का मौका है

जहां एक ओर कांग्रेस के लिए यह नक्सल समस्या को सुलझाने का एक नया मौका है, वहीं राहुल गांधी के लिए यह साबित करने का अवसर है कि वे और उनकी पार्टी वास्तव में देश के आदिवासियों की चिंता करते हैं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi and BJP President Amit Shah during BJP Election committee meeting at BJP Headquarters in New Delhi on Sunday. PTI Photo by Vijay Verma (PTI4_8_2018_000160B)

अगर 35 लाख लोगों की नौकरी गई है तो मोदी-शाह किन्हें रोज़गार देने की बात कर रहे हैं

उन 35 लाख लोगों को प्रधानमंत्री सपने में आते होंगे, जिनके एक सनक भरे फैसले के कारण नौकरियां चली गईं. नोटबंदी से दर-ब-दर हुए इन लोगों तक सपनों की सप्लाई कम न हो इसलिए विज्ञापनों में हज़ारों करोड़ फूंके जा रहे हैं. मोदी सरकार ने साढ़े चार साल में करीब 5000 करोड़ रुपये इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट के विज्ञापनों पर ख़र्च किए हैं.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे. (फोटो: पीटीआई)

राजस्थान: क्या वसुंधरा सरकार 44 लाख युवाओं को नौकरी देने का झूठा दावा कर रही है?

वसुंधरा सरकार कौशल विकास, मुद्रा योजना और सरकारी नौकरी के ज़रिये कुल 44 लाख युवाओं को नौकरी देने का दावा कर रही है, लेकिन इन लोगों की जानकारी उसके पास नहीं है. राजस्थान सरकार के रोज़गार संबंधी दावों पर कैग भी सवाल उठा चुका है.

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: ट्विटर/भाजपा)

पत्रकार रवीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए भाषण लिखा है, क्या वे इसे पढ़ सकते हैं?

भाजपा की सरकार ने उच्च शिक्षा पर उच्चतम पैसे बचाए हैं. हमारा युवा ख़ुद ही प्रोफेसर है. वो तो बड़े-बड़े को पढ़ा देता है जी, उसे कौन पढ़ाएगा. मध्य प्रदेश का पौने छह लाख युवा कॉलेजों में बिना प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक के ही पढ़ रहा है. हमारा युवा देश मांगता है, कॉलेज और कॉलेज में टीचर नहीं मांगता है.

Vinod Dua

जन गण मन की बात, एपिसोड 317: मोदी का भाषण और घटती वायु गुणवत्ता

जन गण मन की बात की 317वीं कड़ी में विनोद दुआ वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के हालिया कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण, देश मे नौकरियों की स्थिति और पंजाब-हरियाणा में पराली जलने से दिल्ली में घटी वायु गुणवत्ता पर चर्चा कर रहे हैं.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi addresses the extended Congress Working Committee meeting, at Parliament House Annexe in New Delhi on Sunday, 22 July 2018. (PTI Photo) (PTI7_22_2018_000062B)

कांग्रेस कभी आरएसएस की तरह कैडर नहीं बना सकती और उसे बनाना भी नहीं चाहिए: राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मेरा मंदिर जाना ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ नहीं, इससे भाजपा परेशान है.

Narendra Modi at Amul Plant Twitter namo featured

रुपया 73 पर, बेरोज़गारी आसमान पर और प्रधानमंत्री इवेंट पर

अनिल अंबानी समूह पर 45,000 करोड़ रुपये का कर्जा है. अगर आप किसान होते और पांच लाख का कर्जा होता तो सिस्टम आपको फांसी का फंदा पकड़ा देता. अनिल अंबानी राष्ट्रीय धरोहर हैं. ये लोग हमारी जीडीपी के ध्वजवाहक हैं. भारत की उद्यमिता की प्राणवायु हैं.

Jammu: Special Police Officers (SPO) applicants stand in a queue to submit their forms at Police line, in Jammu, Thursday, Sept 20, 2018. (PTI Photo)(PTI9_20_2018_000028B)

भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त युवा सर्वाधिक बेरोज़गार: रिपोर्ट

अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की ओर से जारी किए गए अध्ययन में बताया गया है कि जीडीपी में वृद्धि के साथ नौकरियों के मौके कम हो गए हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

गोदी मीडिया को देखकर लगता है कि इस दौर में मुसलमानों से नफ़रत करना ही रोज़गार है

इस दौर की ख़ूबसूरत सच्चाई यह है कि बेरोज़गार रोज़गार नहीं मांग रहा है. वो इतिहास का हिसाब कर रहा है. उसे नौकरी नहीं, झूठा इतिहास चाहिए!

New Delhi: Union Minister for Road Transport and Highways Nitin Gadkari releases a book during inauguration of the 29th National Road Safety Week 2018 in New Delhi on Monday. PTI Photo by Kamal Singh (PTI4_23_2018_000031B)

जब देश में नौकरियां ही नहीं हैं तो क्या आरक्षण देने से नौकरी मिल जाएगी: नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पिछड़ापन राजनीतिक हित बनता जा रहा है. हर कोई कहता है कि मैं पिछड़ा हुआ हूं. बिहार और उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण मजबूत स्थिति में हैं. राजनीति में इनका वर्चस्व है. लेकिन ये कहते हैं कि ये पिछड़े हुए हैं.

फोटो साभार: ट्विटर

युवाओं को पता है कि रोज़गार को लेकर उनके प्रधानमंत्री का नज़रिया क्या है?

भारतीय युवा परमानेंट रोज़गार की तैयारी में जवानी के पांच-पांच साल हवन कर रहे हैं. उनसे यह बात क्यों नहीं कही जा रही है कि रोज़गार का चेहरा बदल गया है. अब अस्थायी काम ही रोज़गार का नया चेहरा होगा.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 276: भीड़तंत्र और असल मुद्दों से भागती भाजपा

जन गण मन की बात की 276वीं कड़ी में विनोद दुआ लिंचिंग से निपटने के लिए क़ानून लाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश और असल मुद्दों से भाजपा के कन्नी काटने पर चर्चा कर रहे हैं.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

देश में नौकरियों की नहीं, नौकरी के आंकड़ों की कमी: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘नई अर्थव्यवस्था में पैदा होने वाली नौकरियों के हिसाब से नौकरियों को गिनने का हमारा तरीका पुराना है.’

(प्रतीकात्मक फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स)

उत्तराखंड: वीरान होते गांव और तमाशबीन सरकार

पलायन आयोग की रिपोर्ट से मालूम पड़ता है कि चीन और नेपाल से सटे उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से भारी पलायन ने हिमालयी राज्य की अवधारणा को ध्वस्त कर दिया.

(प्रतीकात्मक फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स)

उत्तराखंड में सात सालों में 700 से ज़्यादा गांव हुए वीरान: रिपोर्ट

वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक राज्य में भुतहा गांवों यानी वीरान हो चुके गांवों की संख्या 968 थी, जो अब बढ़कर 1668 हो गई है.

EP 235 RAW

जन गण मन की बात, एपिसोड 235: नरेंद्र मोदी के समर्थक और रोज़गार के झूठे दावे

जन गण मन की बात की 235वीं कड़ी में विनोद दुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों और रोज़गार संबंधी झूठे दावों पर चर्चा कर रहे हैं.

p chidambaram

देश के सभी गांवों में बिजली पहुंचाने का प्रधानमंत्री का दावा ‘जुमला’: चिदंबरम

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में बेरोज़गारी बड़ी समस्या है. हर सरकारी विभाग में पद खाली हैं. करीब एक लाख ऐसे स्कूल हैं जिनमें एक शिक्षक है. ऐसे हर स्कूल में चार-चार शिक्षकों की नियुक्ति चार लाख लोगों को नौकरी देगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

देश में अल्प रोज़गार और आकांक्षा के अनुरूप रोज़गार न होना बड़ी समस्या: नीति आयोग

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हम बेरोज़गारी से परेशान हैं. संभवत: यह बेरोज़गारी नहीं बल्कि अल्प रोज़गार या असंतोषजनक रोज़गार का मामला है.’