बॉम्बे हाईकोर्ट

माओवादियों से संबंध और प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश के आरोप में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर धावले, सुरेंद्र गाडलिंग, शोमा सेन महेश राउत और रोना विल्सन (बाएं से दाएं)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की चार्जशीट में देरी को स्वीकारा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को चार्जशीट दायर करने के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार किया था. शीर्ष अदालत ने उसे ख़ारिज कर दिया और कहा कि अब जब चार्जशीट दायर हो चुकी है, तो मामले में गिरफ़्तार पांच कार्यकर्ता नियमित ज़मानत की मांग कर सकते हैं.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: ट्विटर)

भीमा-कोरेगांवः सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े की गिरफ्तारी पर रोक 22 फरवरी तक बढ़ी

एल्गार परिषद/भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में बॉम्बे उच्च न्यायालय ने तेलतुम्बड़े को 14 और 18 फरवरी को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का आदेश दिया.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: ट्विटर)

भीमा-कोरेगांवः सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े की गिरफ्तारी पर 12 फरवरी तक रोक

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने आनंद तेलतुम्बड़े की अग्रिम ज़मानत संबंधी याचिका पर सुनवाई 11 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: ट्विटर)

अदालत ने आनंद तेलतुम्बड़े की गिरफ़्तारी को ग़ैरक़ानूनी कहा, रिहा करने का आदेश

पुणे पुलिस ने भीमा-कोरेगांव हिंसा और माओवादियों से कथित संबंधों के आरोप में सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम सुरक्षा के बावजूद शनिवार को आनंद तेलतुम्बड़े को गिरफ्तार कर लिया था.

आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: फेसबुक)

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ़्तारी से सुरक्षा मिलने पर भी आनंद तेलतुम्बड़े गिरफ़्तार

भीमा-कोरेगांव हिंसा में कथित भूमिका और माओवादियों से कथित संबंधों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बीते 14 जनवरी को दलित शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े की गिरफ़्तारी से अंतरिम सुरक्षा की अवधि चार सप्ताह और बढ़ा दी थी.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: ट्विटर)

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े की अग्रिम ज़मानत याचिका पुणे की अदालत ने ख़ारिज की

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े को एल्गार परिषद/भीमा-कोरेगांव हिंसा में कथित भूमिका और माओवादियों से कथित संबंधों के मामले में आरोपी बनाया गया है.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: ट्विटर)

आनंद तेलतुम्बड़े को गिरफ़्तार करने की कोशिश इस राजतंत्र के बढ़ते अहंकार का सबूत है

राजतंत्र हम सबको इतना मूर्ख समझ रहा है कि हम विश्वास कर लेंगे कि सामाजिक कार्यकर्ता इस देश में हिंसा की साज़िश कर रहे हैं. यह कहने वाले वे हैं जो दिन-रात मुसलमानों, ईसाईयों और सताए जा रहे लोगों के हक़ में काम करने वालों को शहरी माओवादी कहकर नफ़रत और हिंसा भड़काते रहते हैं.

Judge Loya

जज लोया मामला: दो पीठ द्वारा मना करने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट सुनवाई को तैयार

जज बीएच लोया की मौत से जुड़ी याचिका वकील सतीश उके ने दायर की है. अपनी याचिका में उके ने आरोप लगाया है कि जज लोया को रेडियोएक्टिव आइसोटोप्स का इस्तेमाल करके जहर दिया गया था.

आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: फेसबुक)

भीमा-कोरेगांव: सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े के ख़िलाफ़ एफआईआर रद्द करने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े की गिरफ़्तारी से अंतरिम सुरक्षा की अवधि चार सप्ताह और बढ़ा दी है.

बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो : पीटीआई)

एलगार परिषद-भीमा कोरेगांव हिंसा एक गहरी साज़िश: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी तब कि जब एलगार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी आनंद तेलतुम्बड़े ने अपने ख़िलाफ़ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की याचिका दायर की थी.

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण. (फोटो: पीटीआई)

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोगों को असहमति जताने से गिरफ़्तार किया जा रहा है: प्रशांत भूषण

भीमा-कोरेगांव हिंसा के सिलसिले में बीते 28 अगस्त को माओवादियों से संबंध होने के आरोप में पांच कार्यकर्ताओं- कवि वरवरा राव, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, सामाजिक कार्यकर्ता अरुण फरेरा, गौतम नवलखा और वर्णन गोंसाल्विस को गिरफ़्तार किया गया था.

Judge Loya

जज लोया की मौत संबंधी याचिका पर तीन दिन में तीन जजों ने किया सुनवाई से इनकार

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ में एक वकील सतीश ऊके द्वारा सीबीआई की विशेष अदालत के जज बीएच लोया की मौत की जांच के संबंध में याचिका दर्ज करवाई गई है.

अभिनेत्री मौसमी चटर्जी. (फोटो साभार: यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने कोमा में गई बेटी से मिलवाने के लिए अदालत से लगाई गुहार

बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दाख़िल कर अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने अपने दामाद पर आरोप लगाया है कि वह उनकी बेटी से मिलने नहीं देते इसलिए उचित देखभाल के लिए उन्हें बेटी का अभिभावक घोषित किया जाए.

Sohrabuddin Amit Shah Judge Loya

अमित शाह का पीछा करती फ़र्ज़ी एनकाउंटर की ख़बरें और ख़बरों से भागता मीडिया

क्या अमित शाह कभी सोचते होंगे कि हरेन पांड्या की हत्या और सोहराबुद्दीन-कौसर बी-तुलसीराम एनकाउंटर की ख़बर ज़िंदा कैसे हो जाती है? अमित शाह जब प्रेस के सामने आते होंगे तो इस ख़बर से कौन भागता होगा? अमित शाह या प्रेस?

Judge Loya

वकील का दावा, ज़हर देने से हुई थी जज लोया की मौत

नागपुर के एक वकील सतीश ऊके ने सीबीआई जज बीएच लोया की मौत को संदिग्ध बताते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में याचिका दायर कर कहा है कि जज लोया को ज़हर दिया गया था और इससे संबंधित सभी दस्तावेज मिटा दिए गए हैं.

बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो : पीटीआई)

बैंक खाता आधार से न जोड़ने पर वेतन नहीं रोका जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट केंद्र सरकार से सवाल किया कि वह ऐसा रुख़ कैसे अपना सकती है कि अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं देगी क्योंकि उनका आधार कार्ड उनके वेतन खाते से नहीं जुड़ा है.

कवि वरवर राव. (फोटो साभार: फेसबुक/@VaraVaraRao)

तेलुगू कवि और सामाजिक कार्यकर्ता वरवर राव को पुणे पुलिस ने हिरासत में लिया

वरवर राव पर माओवादियों से संपर्क रखने का आरोप है. पुणे पुलिस ने भीमा कोरेगांव हिंसा के संबंध में बीते 28 अगस्त को पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. वरवर राव उनमें से एक थे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राव अब तक हैदराबाद के अपने घर में नज़रबंद थे.

सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी. (फोटो साभार: फेसबुक)

सेंसर बोर्ड ने अपने पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी की फिल्म से 20 दृश्य हटाने को कहा

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने अपनी फिल्म ‘रंगीला राजा’ से 20 दृश्य हटाने के आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी. पहलाज ने कहा कि अदालत ने कहा है कि सेंसर बोर्ड का काम श्रेणी के अनुसार प्रमाण पत्र जारी करना है न कि किसी फिल्म में कट बताना.

इतिहासकार रोमिला थापर. (फोटो: द वायर)

भीमा-कोरेगांव: सामाजिक कार्यकर्ताओं की रिहाई वाली रोमिला थापर की पुनर्विचार याचिका ख़ारिज

इतिहासकार रोमिला ठाकुर ने पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं- कवि वरवरा राव, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, सामाजिक कार्यकर्ता अरुण फरेरा, गौतम नवलखा और वर्णन गोंसाल्विस को रिहा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाख़िल की थी.

सामाजिक कार्यकर्ता और वकील सुधा भारद्वाज. (फोटो: द वायर)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: सामाजिक कार्यकर्ता और वकील सुधा भारद्वाज गिरफ़्तार

पुणे की एक अदालत ने बीते शुक्रवार को सुधा भारद्वाज, वर्णन गोंसाल्विस और अरुण फरेरा की जमानत याचिका ख़ारिज कर दी, जिसके बाद देर शाम वर्णन गोंसाल्विस और अरुण फरेरा को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

Activist Collage 2

भीमा कोरेगांव मामला: वर्णन गोंसाल्विस और अरुण फरेरा गिरफ़्तार

पुणे की स्थानीय अदालत द्वारा इन सामाजिक कार्यकर्ताओं की ज़मानत याचिका और बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा नज़रबंदी की अवधि बढ़वाने की याचिका ख़ारिज होने के बाद पुणे पुलिस ने इन दो कार्यकर्ताओं को ठाणे और मुंबई से गिरफ़्तार किया है.

Bhima koregaon

भीमा-कोरेगांव: महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी

भीमा-कोरेगांव हिंसा की जांच पूरी करने की अवधि बढ़ाने के निचली अदालत के आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया गया था. इस संबंध में गिरफ़्तार पांच में से चार कार्यकर्ताओं को नज़रबंद रखा गया है. एक कार्यकर्ता गौतम नवलखा की नज़रबंदी ख़त्म कर दी गई है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

भीमा-कोरेगांव: नवलखा की नज़रबंदी ख़त्म करने के ख़िलाफ़ शीर्ष अदालत पहुंची महाराष्ट्र सरकार

बीते एक अक्टूबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा की नज़रबंदी ख़त्म कर दी थी. भीमा-कोरेगांव हिंसा के संबंध में बीते 28 अगस्त को गौतम नवलखा समेत पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नज़रबंद रखा गया है.

सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा. (फोटो: पीटीआई)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: दिल्ली उच्च न्यायालय ने कार्यकर्ता गौतम नवलखा की नज़रबंदी ख़त्म की

गौतम नवलखा ने कहा कि नज़रबंदी के दौरान, पाबंदियां लागू होने के बावजूद इस अवधि को अच्छी तरह से इस्तेमाल किया, इसलिए मुझे कोई शिकायत नहीं है.

बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो : पीटीआई)

तीन बच्चे होने के कारण नौकरी से निकाली गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंची

नियम के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार विभिन्न विभागों में पदस्त कर्मचारियों के दो से ज़्यादा बच्चे नहीं होने चाहिए. महिला की दलील है कि यह प्रस्ताव 2014 में आया था और उस समय वो आठ महीने की गर्भवती थीं.

Bhima koregaon

भीमा-कोरेगांव मामला: सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी जांच की मांग को किया ख़ारिज

भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के संबंध में माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर कवि वरवरा राव, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, सामाजिक कार्यकर्ता अरुण फरेरा, गौतम नवलखा और वर्णन गोंसाल्विस बीते 29 अगस्त से नज़रबंद हैं.

गुजरात पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर वीएस सोलंकी, सोहराबुद्दीन शेख और कौसर बी और अमित शाह

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में पूर्व इंस्पेक्टर का आरोप, मुझे चुप कराने की कोशिश की जा रही है

सोहराबुद्दीन शेख मामले की जांच के बाद इसे फ़र्ज़ी बताने वाले गुजरात पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर वीएल सोलंकी ने द वायर को बताया कि सरकार हर वो तरीका इस्तेमाल कर चुकी है, जिससे मैं कोर्ट तक न पहुंच सकूं.

माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर नज़रबंद किए गए कवि वरावरा राव, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील अरुण फरेरा, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, वर्णन गोंसाल्विस. (बाएं से दाएं)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: न्यायालय में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर सुनवाई पूरी, फैसला बाद में

भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के संबंध में माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर कवि वरवरा राव, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, सामाजिक कार्यकर्ता अरुण फरेरा, गौतम नवलखा और वर्णन गोंसाल्विस बीते 29 अगस्त से नज़रबंद हैं.

माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर नज़रबंद किए गए कवि वरावरा राव, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील अरुण फरेरा, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, वर्णन गोंसाल्विस. (बाएं से दाएं)

यदि साक्ष्य गढ़े गए तो विशेष जांच का आदेश दिया जा सकता है: कार्यकर्ता गिरफ़्तारी मामले पर सुप्रीम कोर्ट

भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के संबंध में माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर कवि वरवरा राव, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, सामाजिक कार्यकर्ता अरुण फरेरा, गौतम नवलखा और वर्णन गोंसाल्विस की नज़रबंदी की अवधि 19 सितंबर तक बढ़ी.

माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर नज़रबंद किए गए ​कवि वरावरा राव, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील अरुण फरेरा, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, वर्णन गोंसाल्विस. (बाएं से दाएं)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: सामाजिक कार्यकर्ताओं की नज़रबंदी की अवधि 17 सितंबर तक बढ़ी

भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के संबंध में माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर कवि वरवरा राव, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, सामाजिक कार्यकर्ता अरुण फरेरा, गौतम नवलखा और वर्णन गोंसाल्विस को नज़रबंद किया गया है.

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‘दलित’ के बजाय ‘अनुसूचित जाति’ का इस्तेमाल: ऐसे बेहिस तर्कों का हासिल क्या है?

आज की तारीख़ में ज़्यादातर दलितों को ख़ुद को ‘दलित’ कहलाने में किसी भी तरह के अपमान का बोध नहीं होता. इसके उलट यह शब्द उनकी एकता का प्रेरक बन गया है, लेकिन सरकार को वह उनके प्रति बेहद अपमानजनक लग रहा है.

माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर नज़रबंद किए गए ​कवि वरावरा राव, सामाजिक कार्यकर्ता और वकील अरुण फरेरा, अधिवक्ता सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, वर्णन गोंसाल्विस. (बाएं से दाएं)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: 12 सितंबर तक नज़रबंद रहेंगे पांचों सामाजिक कार्यकर्ता

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि आप अपने पुलिस अधिकारियों को अधिक ज़िम्मेदार बनने के लिए कहें. मामला हमारे पास है और हम पुलिस अधिकारियों से यह नहीं सुनना चाहते कि उच्चतम न्यायालय गलत है.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 299: मीडिया में दलित शब्द का प्रयोग और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग

जन गण मन की बात की 299वीं कड़ी में विनोद दुआ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मीडिया को ‘दलित’ शब्द के इस्तेमाल से बचने के आग्रह और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा सोशल मीडिया पर की जा रही मॉनिटरिंग पर चर्चा कर रहे हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रॉयटर्स)

‘दलित’ शब्द की जगह अनुसूचित जाति का इस्तेमाल करे मीडिया: सूचना प्रसारण मंत्रालय

बॉम्बे हाईकोर्ट के एक फैसले को आधार मानकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी मीडिया संस्थानों को परामर्श पत्र भेज कर कहा है कि खबरों में दलित शब्द की जगह अनुसूचित जाति शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए.

Maharashtra ADG Param Bir Singh with Pune's Additional CP Shivaji Bodke (L)Dr.Shivaji Pawar(R) adressed a press conference about the house arrest of rights activists in Bhima Koregaon case, at DGP office, in Mumbai on Friday.(PTI )

कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी का मामला विचाराधीन, तो पुलिस ने कैसे की प्रेस कॉन्फ्रेंस: हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट पूछा कि पुलिस ऐसे दस्तावेज़ों को इस तरह पढ़कर कैसे सुना सकती है जिनका इस्तेमाल मामले में साक्ष्य के तौर पर किया जा सकता है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो:पीटीआई)

हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, सिनेमाघरों में खाना ले जाने से सुरक्षा को खतरा कैसे?

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मल्टीप्लेक्स में खाद्य पदार्थों के मूल्य नियंत्रण के संबंध में सरकार से हस्तक्षेप करने को कहा था. सरकार ने तर्क दिया कि इससे अव्यवस्था या सुरक्षा संबंधी मसले पैदा हो सकते हैं. दिल्ली हाईकोर्ट में भी ऐसे ही एक मामले पर सुनवाई हो रही है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

सरकारी अस्पतालों में मदद के लिए निजी डॉक्टरों को प्रोत्साहित करे सरकार: बॉम्बे हाईकोर्ट

एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के महाराष्ट्र सरकार से कहा कि सरकारी अस्पतालों में निजी डॉक्टरों की सेवा से गरीब मरीज़ों को फायदा पहुंचेगा.

Narendra Dabholkar Govind Pansare PTI

दाभोलकर और पानसरे की हत्या की जांच में और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: बॉम्बे हाईकोर्ट

अदालत ने कहा कि दाभोलकर और पानसरे के बाद अन्य लोगों को निशाना बनाने के लिए उनके नामों की सूची मीडिया में फैलाई जा रही है. उदारवादियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को डर है कि अगर वे अपने विचार सार्वजनिक रूप से व्यक्त करते हैं तो उन्हें निशाना बनाया जा सकता है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो:पीटीआई)

महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में दर्शक ले जा सकेंगे बाहर का खाना

सिनेमाघरों या मल्टीप्लेक्सों में बाहर से खाना ले जाने के संबंध में एक अगस्त से लागू हो सकता है नियम. नियम का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई. महाराष्ट्र के खाद्य आपूर्ति मंत्री ने राज्य सरकार के इस क़दम की पुष्टि की.

गोविंद पानसरे और नरेंद्र दाभोलकर. (फोटो: पीटीआई)

दाभोलकर और पानसरे हत्या मामलों की जांच ईमानदारी से नहीं की गई: बॉम्बे हाईकोर्ट

अदालत ने जांच एजेंसियों से पूछा कि क्या अधिकारियों के बीच सामंजस्य की कमी है या फिर अधिकारियों ने अपनी जांच मात्र मोबाइल फोन रिकॉर्ड तक सीमित कर दी है.