बॉम्बे हाईकोर्ट

गोवाः सनातन संस्था ने फेसबुक पेज ब्लॉक किए जाने पर हाईकोर्ट का रुख किया

सनातन संस्था के तीन फेसबुक पेज सितंबर 2020 में ब्लॉक कर दिए गए थे. संस्था का कहना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है.

अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भारत सरकार को लिखा, भीमा कोरेगांव मामले के बंदियों को फ़ौरन रिहा करें

शिक्षाविदों, यूरोपीय संघ के सांसदों, नोबेल पुरस्कार विजेताओं और अन्य अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भारतीय जेलों में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की दयनीय स्थिति और उचित मेडिकल देखरेख न होने पर चिंता जताते हुए कहा है कि उन्हें कोरोना वायरस के नए और अधिक घातक स्ट्रेन से संक्रमित होने का गंभीर ख़तरा है.

बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र को केरल, जम्मू कश्मीर की तर्ज पर घर-घर जाकर टीकाकरण करने को कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है जिसमें 75 वर्ष से अधिक आयु और विशेष रूप से सक्षम लोगों को घर जाकर टीका लगाने का अनुरोध किया गया है. केंद्र ने कहा है कि ऐसा करना संभव नहीं है. पीठ ने कहा कि जब केरल और जम्मू कश्मीर जैसे राज्य ऐसे अभियान चला रहे हैं तो केंद्र को क्या दिक्कत है.

भीमा कोरेगांव: सुधा भारद्वाज ने डिफॉल्ट ज़मानत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख कर कहा है कि निचली अदालत के जज उनके ख़िलाफ़ 2019 की चार्जशीट का संज्ञान लेने के लिए अधिकृत नहीं है.

केंद्र का ब्लैक फंगस की दवा का आवंटन अतार्किक, महाराष्ट्र को पर्याप्त आपूर्ति नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

कोविड महामारी संबंधी याचिकाएं सुनते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि देश में ब्लैक फंगस के कुल मामलों में से 25 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र में हैं, फिर भी दवा का आवंटन राज्य में बीमारी के उपचाराधीन मामलों के अनुपात के हिसाब से नहीं है. कोर्ट ने कहा कि केंद्र को दवा की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम उठाने चाहिए.

कोविड-19 पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- सरकार ने फैसले लेने में देरी की, जिस कारण कई लोगों की जान गई

सरकार को घर-घर टीकाकरण कार्यक्रम चलाने का निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार का रुख़ सीमाओं पर खड़े होकर वायरस के आने का इंतज़ार करने की बजाय ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करने जैसा होना चाहिए. एक अन्य मामले में अदालत ने सरकार से पूछा है कि जिन लोगों के पास निर्धारित सात पहचान पत्र नहीं है, वे टीकाकरण के लिए क्या करें, इसके लिए क्या क़दम उठाए गए हैं.

महाराष्ट्र: महिला सांसद का जाति प्रमाण-पत्र फ़र्ज़ी निकला, कोर्ट ने लगाया दो लाख का जुर्माना

जाति प्रमाण-पत्र रद्द करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत कौर राणा ने अनुसूचित जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए ‘मोची’ जाति से संबंधित होने का दावा किया, जबकि उन्हें मालूम है कि वह उस जाति से संबंधित नहीं हैं. अब राणा के सांसद पद भी ख़तरा पैदा हो गया है, हालांकि अदालत ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है.

स्टेन स्वामी को मानवीय आधार पर रिहा किया जाना चाहिएः जर्मन मानवाधिकार आयुक्त

आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी उन 16 अधिकार कार्यकर्ताओं, वकीलों और शिक्षाविदों में से हैं, जिन्हें एल्गार परिषद मामले में गिरफ़्तार किया गया. बीते अक्टूबर में हिरासत में लिए गए स्वामी को बीते दिनों हाईकोर्ट के आदेश के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां वे कोविड संक्रमित पाए गए.

केंद्र को ख़राब वेंटिलेटर को बदलना होगा, मरीज़ों पर प्रयोग की अनुमति नहीं दे सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ कोविड-19 महामारी से संबंधित उन याचिकाओं को सुन रही थी, जिसमें बताया गया था कि कई अस्पतालों को पीएम केयर्स फंड के तहत केंद्र से मिले 150 वेंटिलेटर में से 113 ख़राब थे. अदालत ने कहा है कि इन्हें बदलकर नए सही वेंटिलेटर स्थापित करना केंद्र की ज़िम्मेदारी है.

तरुण तेजपाल मामले में सत्र अदालत का फ़ैसला बलात्कार पीड़िताओं के लिए ‘नियमावली’ जैसा: हाईकोर्ट

पत्रकार तरुण तेजपाल को महिला सहयोगी के यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी करने के फ़ैसले को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सत्र अदालत को नोटिस भेजा है. हाईकोर्ट ने कहा कि सत्र अदालत का निर्णय रेप पीड़िताओं के लिए मैनुअल जैसा है जहां यह बताया गया है कि ऐसे मामलों में एक पीड़िता को कैसी प्रतिक्रिया देनी चाहिए.

भीमा कोरेगांव: हाईकोर्ट ने हेनी बाबू को तीन जून तक अस्पताल में रखने की अनु​मति प्रदान की

एलगार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले में नवी मुंबई की तलोजा जेल में बंद दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर हेनी बाबू को मई में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद सरकारी जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में उन्हें मुंबई के जीटी अस्पताल रेफर किया गया था और अब ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.

तरुण तेजपाल फ़ैसला पूर्वाग्रह और पितृसत्ता के रंग में रंगा हुआ है: गोवा सरकार

एक सत्र अदालत द्वारा पत्रकार तरुण तेजपाल को महिला सहयोगी के यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी करने को गोवा सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है. सरकार ने कहा कि मामले में दोबारा सुनवाई इसलिए हो क्योंकि जज ने पूछताछ के दौरान शिकायतकर्ता से निंदनीय, असंगत और अपमानजनक सवाल पूछने की मंज़ूरी दी.

तरुण तेजपाल फ़ैसला: जज के लिए महिला कटघरे में थीं, आरोपी नहीं

तरुण तेजपाल को यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी करने का फ़ैसला पीड़ित महिलाओं को लेकर प्रचलित पूर्वाग्रहों पर आधारित है. उचित संदेह के आधार पर हुई न्यायिक जांच से मिली बेगुनाही का विरोध कोई नहीं करता, पर इस बात पर ज़ोर देना चाहिए कि बलात्कार की सर्वाइवर्स को निष्पक्ष सुनवाई का अवसर ज़रूर मिले.

हाईकोर्ट द्वारा अस्पताल में भर्ती करने के आदेश के दो दिन बाद कोरोना संक्रमित हुए स्टेन स्वामी

स्टेन स्वामी उन 16 शिक्षाविदों, वकील और कार्यकर्ताओं में से एक हैं, जिन्हें एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ़्तार किया गया था. उन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं समेत कठोर यूएपीए क़ानून के तहत मामला दर्ज किया गया है.

क्या अदालतें ख़ुद को अपनी ही लगाई ग़ैर ज़रूरी बंदिशों से आज़ाद कर पाएंगी

इंसान की आज़ादी सबसे ऊपर है. जो ज़मानत एक टीवी कार्यक्रम करने वाले का अधिकार है, वह अधिकार गौतम नवलखा या फादर स्टेन का क्यों नहीं, यह समझ के बाहर है. अदालत कहेगी हम क्या करें, आरोप यूएपीए क़ानून के तहत हैं. ज़मानत कैसे दें! लेकिन ख़ुद पर यह बंदिश भी खुद सर्वोच्च अदालत ने ही लगाई है.