भारतीय मजदूर संघ

Bhubaneswar: Central trade union activists block a train during their 48-hour-long nationwide general strike in protest against the "anti-people" policies of the Centre, in Bhubaneswar, Tuesday, Jan 8, 2019. (PTI Photo) 
(PTI1_8_2019_000051B)

मोदी सरकार की ‘मज़दूर विरोधी’ नीतियों के ख़िलाफ़ ट्रेड यूनियनों की दो दिनी हड़ताल शुरू

10 केंद्रीय श्रम संघों के आह्वान पर बुलाई गई इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 20 करोड़ मज़दूरों के शामिल होने की संभावना. हड़ताली यूनियनों का कहना है कि सरकार ने श्रमिकों के मुद्दों पर उसकी 12 सूत्रीय मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया. सितंबर 2015 के बाद केंद्र सरकार ने यूनियनों से एक बार भी बात नहीं की.

(फोटो: प्रशांत कनौजिया/द वायर)

बजट में श्रमिकों की पूरी तरह से अनदेखी की गई: भारतीय मज़दूर संघ

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन ने कहा कि भाजपा नीत राजग सरकार महिलाओं के लिए न्याय और सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन उसकी यह मंशा बजट में नहीं दिखी.

Jammu : Children wear Prime Minister Narendra Modi's mask and display new currency 2000 note as they welcome the demonetisation step in Jammu on Sunday. PTI Photo   (PTI11_13_2016_000190B)

नोटबंदी पर मोदी जनता को और मूर्ख नहीं बना सकते

नोटबंदी से अमीरों का काला धन गरीबों को देने का प्रधानमंत्री मोदी का महान वादा एक डरावने मज़ाक में बदल चुका है क्योंकि पिछले साल भर में देश के कमज़ोर तबके पर नोटबंदी की सबसे ज़्यादा मार पड़ी है.

Episode 136.00_06_56_02.Still037

जन गण मन की बात, एपिसोड 136: ताजमहल पर राजनीति और भारतीय मज़दूर संघ

जन गण मन की बात की 136वीं कड़ी में विनोद दुआ ताजमहल पर जारी राजनीति और आरएसएस से जुड़े मज़दूर संघ द्वारा मोदी सरकार की आलोचना पर चर्चा कर रहे हैं.

Bhartiya Mazdoor Sangh

सरकार के हार्वर्ड शिक्षित सलाहकारों का ज़मीनी हक़ीक़त से कोई वास्ता नहीं: भारतीय मज़दूर संघ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय मज़दूर संघ ने सरकार पर साधा निशाना. 17 नवंबर को दिल्ली में होगा संसद मार्च.

Episode 2

हम भी भारत, एपिसोड 02: क्या भारत आर्थिक मंदी से गुज़र रहा है?

हम भी भारत की दूसरी कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर भारतीय मज़दूर संघ के पवन कुमार और एटक की अमरजीत कौर के साथ चर्चा कर रही हैं.

??????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????

मालिकों के हित में श्रम कानून बदलना चाहती है केंद्र सरकार: मज़दूर संगठन

संगठनों का कहना है कि प्रस्तावित इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड के ज़रिये सरकार मज़दूरों के हड़ताल और विरोध करने के बुनियादी अधिकारों को छीनना चाहती है.

Workers walk in front of the construction site of a commercial complex on the outskirts of the western Indian city of Ahmedabad, in this April 22, 2013 file picture. While India has long suffered from a dearth of workers with vocational skills like plumbers and electricians, efforts to alleviate poverty in poor, rural areas have helped stifle what was once a flood of cheap, unskilled labour from India's poorest states. Struggling to cope with soaring food prices, this dwindling supply of migrant workers are demanding - and increasingly getting - rapid increases in pay and benefits. To match story INDIA-ECONOMY/INFLATION      REUTERS/Amit Dave/Files (INDIA - Tags: BUSINESS CONSTRUCTION EMPLOYMENT TPX IMAGES OF THE DAY)

‘यह स्थापित करने का प्रयास हो रहा है कि श्रमिक एवं श्रम कानून विकास में बाधा हैं’

भारतीय मजदूर संघ ने नीति आयोग के उन निष्कर्षों को आधारहीन बताया है कि श्रम कानूनों में संशोधन के बिना विकास और रोज़गार संभव नहीं है.