भारतीय सेना

भारत-चीन तनाव के बीच सैन्य सामग्री लेकर लद्दाख जाती सेना की गाड़ियां. (फोटो: पीटीआई)

सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों की संख्या और न बढ़ाने पर सहमत हुए भारत और चीन

सीनियर कमांडर स्तर की छठे दौर की बातचीत के एक दिन बाद भारत और चीन ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे सीमा पर सैनिकों की और अधिक संख्या न बढ़ाने और ज़मीन पर स्थिति में एकतरफ़ा बदलाव करने से बचने पर सहमत हुए हैं.

राजौरी के तीन युवा मजदूर जो जुलाई में शोपियां में लापता हो गए थे. (फोटो साभार: ट्विटर)

शोपियां कथित मुठभेड़: सेना ने आफस्पा का उल्लंघन स्वीकार किया, कहा- मारे गए लोग राजौरी से थे

सेना ने जम्मू कश्मीर के शोपियां इलाके में बीते 18 जुलाई को तीन आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया था. वहीं राजौरी के तीन परिवारों का कहना था कि मुठभेड़ में मारे गए लोग आतंकी नहीं, बल्कि मज़दूर थे.

1109 TWBR.00_35_32_12.Still012

भारत-चीन सीमा विवाद: पांच मुद्दों पर बनी सहमति

वीडियो: भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव को लेकर 10 सितंबर को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच बैठक हुई. इस पूरे मुद्दे को लेकर वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण साहनी की नज़रिया.

(फोटो: रॉयटर्स)

असम राइफल्स के नियंत्रण को लेकर 12 हफ़्तों में फ़ैसला करे केंद्र सरकार: दिल्ली हाईकोर्ट

असम राइफल्स पर पूर्ण नियंत्रण को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच विवाद है. गृह मंत्रालय चाहता है कि उसे पूरा नियंत्रण मिले, लेकिन भारतीय सेना इसके विरोध में है. वर्तमान में पूर्वोत्तर में तैनात असम राइफल्स का प्रशासनिक नियंत्रण गृह मंत्रालय के पास है और ऑपरेशनल कंट्रोल सेना के पास है.

Villagers walk past Central Reserve Police Force (CRPF) personnel patrolling a road ahead of the publication of the first draft of the National Register of Citizens (NRC) in the Juria village of Nagaon district in the northeastern state of Assam, India, December 28, 2017. REUTERS/Anuwar Hazarika

असम में आफस्पा की अवधि छह महीने के लिए फिर बढ़ाई गई

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि असम को हाल ही में पूर्वोत्तर में सुरक्षा बलों पर हुए उग्रवादी हमलों और विभिन्न हिस्सों से अवैध हथियार और विस्फोटक बरामद होने के कारण अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है.

राजौरी के तीन युवा मजदूर जो जुलाई में शोपियां में लापता हो गए थे. (फोटो साभार: ट्विटर)

कश्मीर: परिवार का दावा- एनकाउंटर में मारे गए तीन लोग आतंकी नहीं, मज़दूर थे; सेना करेगी जांच

सेना ने जम्मू कश्मीर के शोपियां इलाके में बीते 18 जुलाई को तीन आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया था. दूसरी ओर राजौरी ज़िले के तीन परिवारों का कहना है कि मुठभेड़ में मारे गए लोग आतंकी नहीं, बल्कि मज़दूर थे. परिवारवालों ने बीते छह अगस्त को तीनों की गुमशुदगी का केस दर्ज कराया था.

Ayodhya: A hoarding of PM Narendra Modi and other leaders put up beside a statue of Lord Hanuman, ahead of the foundation laying ceremony of Ram Temple, in Ayodhya, Thursday, July 30, 2020. (PTI Photo)(PTI30-07-2020 000044B)

क्या राम मंदिर की आड़ में अपनी विफलताएं छिपा रही है मोदी सरकार

यह मानने के पर्याप्त आधार हैं कि राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए चुना गया यह समय एक छोटी रेखा के बगल में बड़ी रेखा खींचने की क़वायद है, ताकि नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की बढ़ती असफलताएं जैसे- कोविड कुप्रबंधन, बदहाल होती अर्थव्यवस्था और गलवान घाटी प्रसंग- इस परदे के पीछे चले जाएं.

(फोटो: रॉयटर्स)

रक्षा मंत्रालय ने सीबीएफसी से कहा, सेना आधारित फिल्म-वेब सीरीज़ के प्रसारण से पहले एनओसी लें

सीबीएफसी को लिखे पत्र में रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उनके संज्ञान में आया है कि कुछ प्रोडक्शन हाउस सेना की पृष्ठभूमि पर फिल्में बना रहे हैं या इस तरह के कंटेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे भारतीय सेना की छवि धूमिल हो रही है.

(फोटो साभार: पिक्साबे)

सेना में सोशल मीडिया बैन को चुनौती देने वाले अधिकारी से कोर्ट ने कहा- आदेश मानें या इस्तीफ़ा दें

भारतीय सेना द्वारा सैन्यकर्मियों के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत 87 ऐप्स का इस्तेमाल प्रतिबंधित किए जाने के ख़िलाफ़ सेना के वरिष्ठ अधिकारी की याचिका सुनते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर उन्हें फेसबुक ज़्यादा पसंद है तो उनके पास इस्तीफ़ा देने का विकल्प है.

(फोटो: रॉयटर्स)

भाजपा सांसद के अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध के बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि भाजपा सांसद तापिर गाव ने एक साक्षात्कार में अरुणाचल प्रदेश में 50-60 किलोमीटर क्षेत्र पर चीन की सेना के कब्ज़े का दावा किया है जिस पर सरकार को तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए.

19 जून को सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

सरकार कह रही है कि यह राजनीति का समय नहीं, लेकिन वह ख़ुद क्या कर रही है

मुख्य विपक्षी दल के सवाल करने को उसकी क्षुद्रता बताया जा रहा है. 20 सैनिकों के मारे जाने के बाद कहा गया कि बिहार रेजीमेंट के जवानों ने शहादत दी, यह बिहार के लोगों के लिए गर्व की बात है. अन्य राज्यों के जवान भी मारे गए, उनका नाम अलग से क्यों नहीं? सिर्फ बिहार का नाम क्यों? क्या यह क्षुद्रता नहीं?

AKI 22 June 2020.00_26_03_03.Still002

क्या है चीन के भारत की ज़मीन पर क़ब्ज़े का सच?

वीडियो: लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ चल रहे गतिरोध और प्रधानमंत्री के बयान को लेकर फोर्स के संपादक प्रवीण साहनी से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

HD Deve Gowda PTI

चीन मुद्दे पर ‘राष्ट्रवादी बयानबाज़ी’ को कम किया जाना चाहिए: एचडी देवेगौड़ा

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने भारत-चीन गतिरोध को लेकर दिए जा रहे बयानों पर कहा कि यह समय भड़काऊ भाषा तथा बदला लेने का नहीं है. अनुचित बयानबाज़ी से भारतीय सैनिकों तथा राजनयिक स्टाफ के जीवन के लिए जोखिम पैदा होगा.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर में बच्चों के ख़िलाफ़ पैलेट गन का इस्तेमाल बंद हो: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख

चिल्ड्रन एंड आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट विषय पर अपनी रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने जम्मू कश्मीर में बच्चों की मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जम्मू कश्मीर में बच्चों के हताहत होने को लेकर चिंतित हूं और सरकार से मांग करता हूं कि वह बच्चों की सुरक्षा के लिए क़दम उठाए.

Srinagar: Security personnel stands guard at a blocked road on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000063A)

जवानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की अनुमति न मिलने संबंधी दस्तावेज़ सार्वजनिक करने से सीआईसी का इनकार

जम्मू कश्मीर सरकार ने 2001 से 2016 के बीच कथित फ़र्ज़ी एनकाउंटर, बलात्कार, हिरासत में मौत जैसे 50 मामलों में आरोपित सेना के जवानों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने के लिए केंद्र सरकार से इजाज़त मांगी थी, जिसे स्वीकृति नहीं मिली. आरटीआई के तहत इसकी वजह जानने के लिए किए गए आवेदन के जवाब में केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा है कि वह सेना से जुड़े दस्तावेज़ों के निरीक्षण का आदेश नहीं दे सकता.