भारतीय सेना

(फोटो: रॉयटर्स)

भाजपा सांसद के अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध के बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि भाजपा सांसद तापिर गाव ने एक साक्षात्कार में अरुणाचल प्रदेश में 50-60 किलोमीटर क्षेत्र पर चीन की सेना के कब्ज़े का दावा किया है जिस पर सरकार को तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए.

19 जून को सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

सरकार कह रही है कि यह राजनीति का समय नहीं, लेकिन वह ख़ुद क्या कर रही है

मुख्य विपक्षी दल के सवाल करने को उसकी क्षुद्रता बताया जा रहा है. 20 सैनिकों के मारे जाने के बाद कहा गया कि बिहार रेजीमेंट के जवानों ने शहादत दी, यह बिहार के लोगों के लिए गर्व की बात है. अन्य राज्यों के जवान भी मारे गए, उनका नाम अलग से क्यों नहीं? सिर्फ बिहार का नाम क्यों? क्या यह क्षुद्रता नहीं?

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क्या है चीन के भारत की ज़मीन पर क़ब्ज़े का सच?

वीडियो: लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ चल रहे गतिरोध और प्रधानमंत्री के बयान को लेकर फोर्स के संपादक प्रवीण साहनी से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

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चीन मुद्दे पर ‘राष्ट्रवादी बयानबाज़ी’ को कम किया जाना चाहिए: एचडी देवेगौड़ा

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने भारत-चीन गतिरोध को लेकर दिए जा रहे बयानों पर कहा कि यह समय भड़काऊ भाषा तथा बदला लेने का नहीं है. अनुचित बयानबाज़ी से भारतीय सैनिकों तथा राजनयिक स्टाफ के जीवन के लिए जोखिम पैदा होगा.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर में बच्चों के ख़िलाफ़ पैलेट गन का इस्तेमाल बंद हो: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख

चिल्ड्रन एंड आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट विषय पर अपनी रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने जम्मू कश्मीर में बच्चों की मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जम्मू कश्मीर में बच्चों के हताहत होने को लेकर चिंतित हूं और सरकार से मांग करता हूं कि वह बच्चों की सुरक्षा के लिए क़दम उठाए.

Srinagar: Security personnel stands guard at a blocked road on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000063A)

जवानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की अनुमति न मिलने संबंधी दस्तावेज़ सार्वजनिक करने से सीआईसी का इनकार

जम्मू कश्मीर सरकार ने 2001 से 2016 के बीच कथित फ़र्ज़ी एनकाउंटर, बलात्कार, हिरासत में मौत जैसे 50 मामलों में आरोपित सेना के जवानों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने के लिए केंद्र सरकार से इजाज़त मांगी थी, जिसे स्वीकृति नहीं मिली. आरटीआई के तहत इसकी वजह जानने के लिए किए गए आवेदन के जवाब में केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा है कि वह सेना से जुड़े दस्तावेज़ों के निरीक्षण का आदेश नहीं दे सकता.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: रॉयटर्स)

देशभक्ति और बेरोजगारी को आधार बनाकर आम लोगों को तीन साल के लिए सेना में भर्ती का प्रस्ताव

सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा कि अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो यह स्वैच्छिक भागीदारी वाली प्रक्रिया होगी और चयन मानदंडों को हल्का नहीं किया जाएगा.

Srinagar: Security personnel stands guard at a blocked road on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000063A)

कश्मीर में केवल इंटरनेट नहीं, कश्मीरियों की ज़िंदगी के कई दरवाज़े बंद थे

बीते 5 मार्च को सात महीने के बाद जम्मू कश्मीर में इंटरनेट से प्रतिबंध हटाया गया है. एक तबके का मानना था कि यह बैन शांति प्रक्रिया के लिए अहम था, हालांकि स्थानीयों के मुताबिक़ यह प्रतिबंध मनोरंजन या सोशल मीडिया पर नहीं बल्कि आम जनता के जानने और बोलने पर था.

(फोटो: पीटीआई)

अनुच्छेद 370: चुनौती देने वाली याचिकाओं को बड़ी पीठ के पास भेजने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

23 जनवरी की सुनवाई के दौरान अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द किए जाने की वैधता को चुनौती देनी वाली याचिकाओं को पेश करने वाले वकीलों ने मांग की थी कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने को चुनौती देने वाले मामलों को सात जजों की बड़ी पीठ के पास भेजा जाए क्योंकि अनुच्छेद 370 से जुड़े पिछले दो फैसले पांच जजों की पीठ द्वारा दिए गए थे और दोनों में विवाद था.

लेबर पार्टी की ब्रिटिश सांसद डेब्बी अब्राहम. (फोटो: Twitter/@Debbie_abrahams)

ब्रिटिश सांसद को वापस भेजने के मामले में सरकार ने उनकी भारत विरोधी गतिविधियों का हवाला दिया

जम्मू कश्मीर पर एक ब्रिटिश संसदीय दल की अध्यक्ष और लेबर पार्टी की सांसद डेब्बी अब्राहम को बीते सोमवार को नई दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचने पर भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी.

लेबर पार्टी की ब्रिटिश सांसद डेब्बी अब्राहम. (फोटो: Twitter/@Debbie_abrahams)

अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के रुख की विरोधी ब्रिटिश सांसद को भारत में प्रवेश से रोका गया

केंद्र सरकार द्वारा कश्मीर की स्थिति में बदलाव किए जाने के तुरंत बाद लेबर पार्टी की सांसद एवं कश्मीर पर सर्वदलीय संसदीय दल की अध्यक्ष डेब्बी अब्राहम ने ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त को एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया कि यह कार्रवाई कश्मीर के लोगों के विश्वास को धोखा देती है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

सेना में महिलाओं के स्थायी कमीशन को सुप्रीम कोर्ट ने ठहराया सही, केंद्र को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के दिल्ली हाईकोर्ट के 2010 के आदेश का पालन नहीं करने पर केंद्र सरकार की आलोचना की और सेना में स्थायी कमीशन का चुनाव करने वाली सभी महिला अधिकारियों को तीन महीने के भीतर स्थायी कमीशन का आदेश दिया.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

‘शारीरिक सीमाओं के आधार पर महिलाओं को कमान पद से इनकार प्रतिगामी क़दम’

सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों को उनकी शारीरिक सीमाओं के आधार पर स्थायी पदों से वंचित रखने का मामला. भारतीय सेना में सेवारत महिला अधिकारियों ने केंद्र सरकार द्वारा के सुप्रीम कोर्ट में दिए गए तर्क का विरोध किया है.

फोटो: पीटीआई

सियाचिन में सैनिकों को नहीं मिल रहे हैं उचित कपड़े, राशन और आवास: कैग

संसद में पेश कैग रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सैन्य टुकड़ियों के लिए आवश्यक कपड़ों, चश्मों आदि उपकरणों की कमी देखी गई है, साथ ही उन्हें दिए जाने वाले विशेष राशन की गुणवत्ता से भी समझौता किया गया.

दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस जी वेल्स. (फोटो: ट्विटर)

जम्मू कश्मीर: शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने भारत से राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की अपील की

भारत सरकार द्वारा आयोजित रायसीना वार्ता में भाग लेने के बाद वापस लौटकर दक्षिण और मध्य एशिया की कार्यवाहक सहायक सचिव एलिस वेल्स ने नागरिकता संशोधन अधिनियम पर राष्ट्रव्यापी विरोध पर कहा कि एक जोरदार लोकतांत्रिक समीक्षा होनी चाहिए चाहे वह सड़कों पर हो, चाहे राजनीतिक विपक्ष, मीडिया या अदालतों द्वारा हो.