भारतीय स्टेट बैंक

वर्ष 2020-21 के नौ महीनों में बैंकों ने 1.15 लाख करोड़ रुपये के लोन को बट्टे खाते में डाला: सरकार

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा लोकसभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक, बैंकों ने वित्त वर्ष 2018-19, और वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तीन तिमाहियों के दौरान क्रमश: 2.36 लाख करोड़ रुपये और 2.34 लाख करोड़ रुपये के ऋण को बट्टे खाते में डाला है. ऐसे ऋण जिसकी वसूली नहीं हो पाती है, बैंक उन्हें बट्टे खाते में डाल देते हैं.

एसबीआई ने लागत कम करने के लिए पेश की वीआरएस योजना, यूनियन ने कहा- मज़दूर विरोधी क़दम

वीआरएस योजना उन स्थायी कर्मचारियों के लिए है, जो बैंक में 25 साल काम कर चुके हैं या जिनकी उम्र 55 साल है. स्टेट बैंक के अनुसार, अनुमानित पात्र लोगों में से यदि 30 प्रतिशत ने भी वीआरएस लिया, तो जुलाई के वेतनमान के हिसाब से बैंक को 16 हज़ार करोड़ रुपये की बचत होगी. बैंक यूनियन योजना के ख़िलाफ़ है.

अनिल अंबानी से 1,200 करोड़ रुपये की वसूली के लिए एसबीआई एनसीएलटी पहुंचा

अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने कहा है कि यह अंबानी के व्यक्तिगत क़र्ज़ से जुड़ा मामला नहीं बल्कि रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस इंफ्राटेल द्वारा लिए गए कॉरपोरेट ऋण से संबंधित है. स्टेट बैंक के आवेदन पर जवाब देने के लिए अंबानी को हफ़्ते भर का समय दिया गया है.

8 जनवरी को ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल, 25 करोड़ लोगों के शामिल होने का दावा

फीस बढ़ोतरी और शिक्षा के व्यावसायीकरण का विरोध करने के लिए छात्रों के 60 संगठनों तथा कुछ विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने भी दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित इस हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है. ट्रेड यूनियनों ने जेएनयू में हिंसा तथा अन्य विश्वविद्यालय परिसरों में इसी तरह की घटनाओं की आलोचना की है.

‘बैंकों का विलय उन्हें बड़े उद्योगपतियों के हाथों में सौंपने की साजिश’

बैंकों के विलय और उनके निजीकरण के खिलाफ देशभर के बैंकों के संगठनों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों से विशाल जायसवाल की बातचीत.

चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान: एसबीआई रिपोर्ट

एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर घटकर 4.2 प्रतिशत रहने की संभावना है. इसका कारण वाहनों की बिक्री में कमी, हवाई यातायात में कमी, बुनियादी क्षेत्र की वृद्धि दर स्थिर रहने तथा निर्माण एवं बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश में कमी है.

Kolkata: Bank Employees raise slogans against Central Government to protest against centre's decision for merger of different banks, in Kolkata, Saturday, Aug 31, 2019. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI8_31_2019_000076B)

बैंक कर्मचारी संघों ने कहा- विलय समझ से परे, अर्थव्यवस्था होगी अस्थिर, कई शहरों में प्रदर्शन

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने की घोषणा की थी. इस विलय के बाद सरकारी बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह जाएगी.

लोकसभा चुनाव के दौरान खरीदे गए 76 प्रतिशत चुनावी बॉन्ड

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार, एक मार्च 2018 से 24 जनवरी 2019 के बीच कुल 1,407.09 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे गए, जबकि एक मार्च से 10 मई 2019 तक कुल 4,444.32 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड खरीदे गए.

चुनावी बॉन्ड को लेकर आरबीआई, सरकार की ओर से भेजे गए पत्रों को सार्वजनिक करने से एसबीआई का इनकार

सूचना के अधिकार कानून के तहत एसबीआई से 2017-2019 के बीच सरकार या आरबीआई द्वारा उसे भेजे गए सभी पत्रों, निर्देशों, अधिसूचनाओं या ईमेल की प्रति मांगी गई थी.

सरकारी ख़र्चे से कराए जाएं चुनाव, कॉरपोरेट चंदे पर लगे पाबंदी: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में 2004 में आम चुनाव कराने वाले टीएस कृष्णमूर्ति ने कहा कि कॉरपोरेट चंदे के माध्यम से धन जुटाने का अपारदर्शी तरीका चिंता पैदा करने वाला है.

चुनावी बॉन्ड: भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य दलों ने चुनाव आयोग को नहीं दिया चंदे का ब्योरा

चुनावी बॉन्ड की बिक्री पर रोक की याचिका की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने राजनीतिक दलों से चुनावी बॉन्ड से मिले चंदे और इसके दाताओं की सूची 30 मई तक सीलबंद लिफाफे में चुनाव आयोग को सौंपने को कहा था.

बीते दस सालों में सात लाख करोड़ का क़र्ज़ बट्टे खाते में डाला गया, 80% मोदी सरकार में हुआ

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दस सालों में सात लाख करोड़ से ज़्यादा का बैड लोन राइट ऑफ हुआ यानी न चुकाए गए क़र्ज़ को बट्टे खाते में डाला गया, जिसका 80 फीसदी जो लगभग 5,55,603 करोड़ रुपये है, बीते पांच सालों में बट्टे खाते में डाला गया.

वित्त वर्ष 2018-19 के नौ महीनों में एसबीआई में लगभग आठ हज़ार करोड़ की बैंकिंग धोखाधड़ी: आरटीआई

अप्रैल-दिसंबर 2018 के दौरान बैंकिंग धोखाधड़ी के शिकार होने वाले लोगों की संख्या और उन्हें हुए नुक़सान की जानकारी मांगे जाने पर भारतीय स्टेट बैंक ने कहा कि क़ानूनी प्रावधानों के मुताबिक उसे इस विषय में मांगी गई सूचना न देने का अधिकार प्राप्त है.