भारत का संविधान

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह गौर करना दिलचस्प है कि राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों से जुड़े भाग चार में संविधान के अनुच्छेद 44 में निर्माताओं ने उम्मीद की थी कि राज्य पूरे भारत में समान नागरिक संहिता के लिए प्रयास करेगा. लेकिन आज तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

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जजों को ‘माई लॉर्ड’ और ‘योर लॉर्डशिप’ कहकर संबोधित न किया जाए: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत के संविधान में निहित समानता के अधिकार का सम्मान करने के लिए ये फैसला लिया है.

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दलबदल कानून संविधान की मूल भावना के विपरीत: संविधानविद सुभाष कश्यप

संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप ने कहा कि कर्नाटक में जो हो रहा है वह भारतीय राजनीति और भारतीय लोकतंत्र का अब तक का सबसे बदनुमा चेहरा है. इसकी जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है. इसके लिए सभी दल दोषी हैं.

जस्टिस डीवी चंद्रचूड़. (फोटो साभार: यूट्यूब ग्रैब/Increasing Diversity by Increasing Access)

खान-पान को लेकर भीड़ द्वारा किसी की हत्या, संविधान की हत्या है: जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

एक कार्यक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि जब किसी कार्टूनिस्ट को देशद्रोह के आरोप में जेल में डाला जाता है या धार्मिक इमारत की आलोचना करने पर किसी ब्लॉगर को ज़मानत के बजाय जेल मिलती है, तब संविधान विफल होता है.

फोटो: पीटीआई

मौलिक अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता: मुख्य न्यायाधीश

संविधान दिवस: केंद्रीय क़ानून मंत्री ने कहा, शासन का काम उनके पास रहना चाहिए जो इसके लिए निर्वाचित हुए हों. सीजेआई बोले, नागरिकों का अधिकार सर्वोच्च होना चाहिए.