भारत चीन गतिरोध

पबजी (फोटो: रॉयटर्स)

सरकार ने पबजी सहित चीन से जुड़े 118 मोबाइल ऐप पर पाबंदी लगाई

बीते जून माह में सरकार ने देश की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा बताते हुए टिकटॉक और यूसी ब्राउज़र सहित चीन से संबंधित 59 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद जुलाई में चीन से जुड़े 47 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाया था.

राम मंदिर भूमि पूजन समारोह में योगी आदित्यनाथ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

क्या देश और सरकार के लिए सत्य भी राम नाम की तरह पवित्र है

वह देश और उसकी जनता कितने दुर्भाग्यशाली होते होंगे, जिनकी चुनी हुई सरकार ही उनसे सच छिपाती फिरे. जहां राम नाम सत्य है कहा जाता होगा, पर उसका अर्थ गहरा और पवित्र नहीं होता होगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

केंद्र ने टिकटॉक लाइट समेत चीन के 47 और मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया

इनमें से अधिकतर उन चाइनीज़ ऐप्स के क्लोन या उन्हीं के समान ऐप्स हैं, जिन्हें बीते जून महीने में प्रतिबंधित किया गया था.

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अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री के बीच हुई बातचीत के बावजूद मूल विवाद अब भी बाक़ी है

भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के बाद जो सरकारी बयान जारी किया गया है, उसमें काफी अंतर है. भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बनाए रखने का ज़ोर दिया है, जबकि चीन ने सीमा को लेकर कोई बात नहीं की और फिर से दावा किया कि गलवान घाटी उनकी सीमा में है.

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चीन के साथ छिड़े ‘ट्रेड वॉर’ में चीन से ज़्यादा नुकसान भारत का है

वीडियो: ​सीमा पर जारी गतिरोध के बीच चीन से सभी व्यापार बंद करने और वहां से आने वाले सामानों पर प्रतिबंध लगाने की मांग हो रही है. इस मुद्दे पर अर्थशास्त्री और अंतरराष्ट्रीय व्यापार ​नीति के विशेषज्ञ अरविंद पनगढ़िया से द वायर के कबीर अग्रवाल की बातचीत.

लद्दाख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: narendramodi.in)

लद्दाख में बोले प्रधानमंत्री मोदी, कमज़ोर शांति की पहल नहीं कर सकता, वीरता शांति की पूर्व शर्त

शुक्रवार को लद्दाख के औचक निरीक्षण पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों को संबोधित करते हुए बिना चीन का नाम लिए कहा कि विस्तारवाद का युग समाप्त हो गया है, यह विकासवाद का युग है.

(फोटो: रॉयटर्स)

भारत ने टिकटॉक और यूसी ब्राउज़र सहित चीन से संबंधित 59 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाया

ये प्रतिबंध लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सैनिकों के साथ मौजूदा तनावपूर्ण स्थितियों के बीच लगाए गए हैं. सरकार ने कहा है कि ये ऐप देश की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं. टिकटॉक की ओर से कहा गया है कि वे इस आदेश की अनुपालन की प्रक्रिया में हैं. उन्हें जवाब और स्प​ष्टीकरण देने के लिए आमंत्रित किया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

चीन से होने वाले आयात-निर्यात में भारतीय कारोबारियों की मुश्किल बढ़ी

भारत और चीन सीमा विवाद के बीच कुछ भारतीय व्यापार संगठनों न सिर्फ़ चीन से आयातित सामानों को मंज़ूरी दिए जाने में देरी की शिकायत कर रहे हैं बल्कि निर्यात किए जाने वाले सामानों को चीन में भी मंज़ूरी न मिलने की बात कह रहे हैं. भारतीय निर्यात संगठनों के संघ ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है.

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गलवान घाटी: सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाई दिए चीन के बनाए ढांचे

स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी मैक्सर द्वारा जारी तस्वीरें दिखाती हैं कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के समीप चीन ने रक्षात्मक दृष्टि से निर्माण किया है. विशेषज्ञों के अनुसार उनके द्वारा इसी ज़रिये भारतीय सीमा में घुसपैठ की गई होगी. तस्वीरों में टैंक आदि हथियार से लैस वाहन भी देखे गए हैं.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: रॉयटर्स)

क्यों चीन के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगाना भारत के लिए फ़ायदे का सौदा नहीं है

भारत और चीन के बीच व्यापार प्रतिबंध लगाने से सबसे ज़्यादा नुकसान मध्यम और निम्न आय वर्ग वालों को ही झेलना पड़ेगा. भारत में चीन के बने सामानों की मांग इसलिए ज़्यादा है, क्योंकि अन्य देशों के उत्पादों की तुलना में ये सस्ते और भारत की बड़ी आबादी की आय क्षमता के अनुकूल रहते हैं.

19 जून को सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

सरकार कह रही है कि यह राजनीति का समय नहीं, लेकिन वह ख़ुद क्या कर रही है

मुख्य विपक्षी दल के सवाल करने को उसकी क्षुद्रता बताया जा रहा है. 20 सैनिकों के मारे जाने के बाद कहा गया कि बिहार रेजीमेंट के जवानों ने शहादत दी, यह बिहार के लोगों के लिए गर्व की बात है. अन्य राज्यों के जवान भी मारे गए, उनका नाम अलग से क्यों नहीं? सिर्फ बिहार का नाम क्यों? क्या यह क्षुद्रता नहीं?

Indian army soldiers rest next to artillery guns at a makeshift transit camp before heading to Ladakh, near Baltal, southeast of Srinagar (REUTERS/Stringer)

साल 2016 से 2018 के बीच चीनी सेना ने 1,025 बार सीमा पर घुसपैठ किया: सरकार

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के जवानों के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर दोनों देशों के बीच तल्ख़ी आ गई है. भारत में इसे लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज़ हो गई है.

(प्रती​कात्मक फोटो: रॉयटर्स)

लद्दाख में हिंसक झड़प के बाद सेना ने चीन सीमा पर हथियार नीति में बदलाव किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ पूर्वी लद्दाख में स्थिति की समीक्षा किए जाने के बाद सूत्रों ने कहा है कि सेना के ज़मीनी कमांडरों को असाधारण परिस्थितियों में हथियार के इस्तेमाल की अनुमति दे दी गई है.

19 जून को सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

प्रधानमंत्री के बयान के बाद पीएमओ की सफाई, कहा- एलएसी पर बड़ी संख्या में आए चीनी सैनिक

भारत-चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा था कि भारतीय सीमा में न कोई घुसा है, न किसी पोस्ट को क़ब्ज़े में लिया गया है. इस पर सवाल उठने के बाद पीएमओ ने स्पष्टीकरण जारी कर कहा है कि प्रधानमंत्री की टिप्पणियों की ‘शरारतपूर्ण व्याख्या’ की कोशिश की जा रही है.

गलवान घाटी की सैटेलाइट तस्वीर जहां गलवान नदी श्योक नदी से मिलती है.  (फोटो: द वायर/गूगल मैप्स)

चीन के गलवान घाटी पर संप्रभुता के दावे को भारत ने ख़ारिज किया

चीनी विदेश मंत्रालय ने बीते शुक्रवार अपना दावा दोहराया था कि गलवान घाटी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की ओर है. इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन का दावा ख़ुद उनके द्वारा अतीत में अपनाए गए रुख के अनुरूप नहीं है.