भीमा कोरेगांव

डीयू प्रोफेसर हनी बाबू एमटी (फोटो: Special Arrangement)

एनआईए ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, पत्रकार और तीन कार्यकर्ताओं को समन जारी किया

एनआईए ने दिल्ली विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर को एल्गार परिषद मामले में मुंबई आकर गवाही देने के लिए कहा है. प्रोफेसर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान वे अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं और यात्रा नहीं करना चाहते हैं.

गौतम नवलखा. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव: नवलखा मामले में एनआईए को रिकॉर्ड पेश करने संबंधी दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश निरस्त

भीमा कोरेगांव हिंसा में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा दिल्ली से मुंबई ले जाने के संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट ने एनआईए को दस्तावेज़ पेश करने को कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह मामला हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. शीर्ष अदालत ने एनआईए के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट की टिप्पणी को भी रिकॉर्ड से हटा दिया है.

वरवरा राव. (फोटो: पीटीआई )

पूर्व सूचना आयुक्तों की चिट्ठी- वरवरा राव के ख़िलाफ़ साक्ष्यों का अभाव, रिहा किया जाए

भीमा-कोरेगांव मामले में मुंबई की एक जेल में बंद 81 वर्षीय वरवरा राव को पिछले हफ्ते तबियत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. दो पूर्व सूचना आयुक्तों ने महाराष्ट्र सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि सबूतों के अभाव के चलते राव के पास निर्दोष होने के बतौर रिहाई का पूरा हक़ है.

वरवर राव. (फोटो साभार: फेसबुक/@VaravaraRao)

सामाजिक कार्यकर्ता जितने दिन जेल में रहेंगे, भारतीय जनतंत्र की आयु उसी अनुपात में घटती जाएगी

जेल में बंद वरवरा राव शुक्रवार शाम बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. महामारी के दौर में भी अदालत ने उन्हें वे रियायत देने की ज़रूरत नहीं समझी है, जो अन्य बुज़ुर्ग क़ैदियों को दी जाती हैं.

तेलुगू कवि वरवरा राव. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई जेल में बेहोश होने के बाद कार्यकर्ता और कवि वरवरा राव अस्पताल में भर्ती

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार राजनीतिक कार्यकर्ता और कवि वरवरा राव अगस्त, 2018 से जेल में बंद हैं. मामले की एक अन्य आरोपी सुधा भारद्वाज की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है.

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

तेलतुम्बड़े, नवलखा के सरेंडर को लेकर सीजेआई को पत्र लिख कार्यकर्ताओं ने कहा- ये बेहद अमानवीय

सीजेआई एसए बोबडे को लिखे पत्र में इतिहासकार रोमिला थापर और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमें इस बात की पीड़ा है कि हमारी अदालतों ने उन लोगों को निरंतर कारावास की सज़ा दी है, जिन्होंने बे-आवाज़ और हाशिये के लोगों के अधिकारों की रक्षा करने की हिम्मत की है.

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: गौतम नवलखा और आनंद तेल्तुम्बड़े को एक हफ्ते में समर्पण करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट में नागरिक अधिकारी कार्यकर्ताओं गौतम नवलखा और आनंद तेलतुम्बड़े के वकील की ओर से कहा गया है कि दोनों पुरानी बीमारियों से जूझ रहे हैं और उन्हें समर्पण करने के लिए अधिक समय की ज़रूरत है.

Mumbai: NCP President Sharad Pawar gestures as he speaks during an exclusive interview with PTI, at his residence in Mumbai, Saturday, March 16, 2019. (PTI Photo) (Story No. BMM1) (PTI3_16_2019_000097B)

भीमा-कोरेगांव मामला: जांच आयोग ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार को गवाही के लिए भेजा समन

महाराष्ट्र के एक सामाजिक संगठन ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले की जांच कर रहे आयोग के सदस्यों से एनसीपी प्रमुख शरद पवार को तलब करने की मांग की थी.

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: गौतम नवलखा और आनंद तेलतुम्बड़े की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में सप्रीम कोर्ट की पीठ ने नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं गौतम नवलखा और आनंद तेल्तुम्बड़े को तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा है. दोनों को अपने पासपोर्ट तत्काल जमा कराने का भी निर्देश दिया गया है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

भीमा कोरेगांव: बॉम्बे हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा, आनंद तेलतुंबडे की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एल्गार परिषद के कथित माओवादी संपर्क मामले में नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की अवधि चार सप्ताह के लिए बढ़ा दी ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें.

माओवादियों से संबंध और प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश के आरोप में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर धावले, सुरेंद्र गाडलिंग, शोमा सेन महेश राउत और रोना विल्सन (बाएं से दाएं)

भीमा कोरेगांव: एनआईए ने एफआईआर से राजद्रोह के आरोप हटाए, यूएपीए के तहत 11 पर मामला दर्ज

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच एनआईए को सौंपे जाने के बाद एजेंसी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में इस मामले में गिरफ़्तार नौ सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा और प्रोफेसर आनंद तेलतुम्बड़े को भी आरोपी बनाया गया है.

Mumbai: Nationalist Congress Party President Sharad Pawar addresses a press conference, in Mumbai, Wednesday, Sept. 25, 2019. The Enforcement Directorate (ED) has filed a money laundering case against  Sharad Pawar, his nephew Ajit Pawar and others in connection
with the Maharashtra State Cooperative Bank (MSCB) scam case. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad)(PTI9_25_2019_000122B)

एल्गार परिषद में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी गलत, पुलिस कार्रवाई की एसआईटी से जांच हो: पवार

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, ‘राजद्रोह के आरोप में कार्यकर्ताओं को जेल भेजना गलत है. लोकतंत्र में अपनी असहमति का सख्ती से विरोध दर्ज कराने की इजाजत है. यह पुलिस आयुक्त और कुछ अधिकारियों द्वारा शक्ति का दुरुपयोग है.’

Mumbai: Dalit groups protesting at Thane railway station during the Maharashtra Bandh on Wednesday following clashes between two groups in Bhima Koregaon near Pune, in Mumbai. PTI Photo(PTI1_3_2018_000115B)

भीमा-कोरेगांव: एनसीपी नेताओं ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाने की मांग की

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लिखे पत्र में एनसीपी नेता और विधायक धनंजय मुंडे ने दावा किया कि राज्य की पिछली देवेंद्र फड़णवीस सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत भीमा-कोरेगांव घटनाक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ ‘झूठे’ मामले दर्ज किए थे.

नरेंद्र मोदी और अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों की काट के लिए गुजरात के ‘खाम’ को दोहराना होगा

गुजरात का विकास मॉडल एक भ्रम था. गुजरात दंगों के बाद मुस्लिम को अलग-थलग करने का जो प्रयोग शुरू हुआ, मोदी-शाह उसी के सहारे केंद्र में सत्ता में आए. आज यही गुजरात मॉडल सारे देश में अपनाया जा रहा है. 370 का मुद्दा उसी प्रयोग की अगली कड़ी है, जिसे मोदी शाह महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव में भुनाने जा रहे हैं.

डीयू प्रोफेसर हनी बाबू एमटी (फोटो: Special Arrangement)

भीमा कोरेगांव मामला: दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के घर पुणे पुलिस का छापा

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पुणे पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर हेनी बाबू के नोएडा स्थित घर पर छापेमारी की. बाबू का कहना है कि पुलिस के पास छापा मारने का वारंट नहीं था.