भुखमरी

Bulletin 3rd april

द वायर बुलेटिन: सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने ‘नमो टीवी’ को बताया विज्ञापन प्लेटफॉर्म

अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों से आंशिक रूप से आफस्पा हटने समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

प्रतीकात्मक फोटो रॉयटर्स

पिछले साल दुनियाभर में 11.3 करोड़ लोगों ने किया घोर भुखमरी का सामना: रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु से जुड़ी आपदाओं और आर्थिक अशांति जैसे कारणों से पैदा हुए खाद्य संकट की वजह से 53 देशों में ये लोग घोर भुखमरी का सामना कर रहे हैं और उन्हें तत्काल खाद्य पदार्थ, पोषक आहार और आजीविका की ज़रूरत है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

आर्थिक असमानता लोगों को मजबूर कर रही है कि वे बीमार तो हों पर इलाज न करा पाएं

सबसे ग़रीब तबकों में बाल मृत्यु दर और कुपोषण के स्तर को देखते हुए यह समझ लेना होगा कि लोक सेवाओं और अधिकारों के संरक्षण के बिना न तो ग़ैर-बराबरी ख़त्म की जा सकेगी, न ही भुखमरी, कुपोषण और बाल मृत्यु को सीमित करने के लक्ष्यों को हासिल किया जा सकेगा.

प्रतीकात्मक फोटो रॉयटर्स

कई सारे रिपोर्ट्स के बावजूद केंद्र सरकार ने कहा, भूख से मौतों के बारे में कोई जानकारी नहीं

बीते मंगलवार को लोकसभा में सरकार ने कहा कि किसी भी राज्य ने भूख से मौत की जानकारी नहीं दी है. कई मीडिया रिपोर्टों में भूख से मौत का दावा किया गया है लेकिन जांच में ये सही नहीं पाया गया.

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास. (फोटो साभार: फेसबुक)

झारखंड: क्या भूख से होने वाली मौतें 2019 के चुनावों में मुद्दा बनेंगी?

झारखंड सरकार ने तो भुखमरी के मुद्दे से अपना मुंह ही फेर लिया है. उल्टा, जो लोग भुखमरी की स्थिति को उजागर कर रहे हैं, सरकार उनकी मंशा पर लगातार सवाल कर रही है.

Mandavali Girls

दिल्ली में तीन बच्चियों की मौत भुखमरी से ही हुई थी: विसरा रिपोर्ट

दिल्ली के मंडावली में बीते जुलाई महीने में तीन बच्चियों की मौत हो गई थी. तीनों बच्चियां सगी बहनें थीं और विसरा रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि उन्हें कई दिनों से खाना नहीं मिला था. जांच के दौरान लड़कियों के शरीर में कोई ज़हर नहीं मिला.

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क्या पिछले दो साल में आधार के कारण 25 लोगों की मौत भूख से हो गई?

झारखंड में पिछले साल हुई 11 साल की संतोषी कुमारी की मौत के एक साल बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 2015 के बाद से कथित भूख से हुई मौतों की एक सूची जारी की है.

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ग्राउंड रिपोर्ट: क्या बक्सर में दो बच्चों की मौत ‘भूख’ से हुई है?

बिहार के बक्सर ज़िले के कोरानसराय गांव में धना देवी के दो बच्चों गोविंदा और एतवरिया की पिछले दिनों मौत हो गई. धना देवी का कहना है कि दोनों की मौत भूख के कारण हुई है, लेकिन प्रशासन इस दावे को खारिज करते हुए कह रहा है कि भूख नहीं बीमारी के कारण वे मरे हैं.

Mandavali Girls

भूख से बच्चियों की मौत मामला: मजिस्ट्रेट जांच के अनुसार पिता ने दी थी अज्ञात दवा

पूर्वी दिल्ली के मंडावली क्षेत्र में तीन बहनें मंगलवार को मृत मिली थीं और उस समय से उनका पिता लापता है.

Mandavali Girls

दिल्ली: भूख से तीन बहनों की मौत, आठ दिन से नहीं मिला था खाना

पूर्वी दिल्ली के मंडावली क्षेत्र में भूख से मरने वाली लड़कियों की उम्र दो, चार और आठ साल थी. मज़दूर पिता दो दिन से लापता है. मां मानसिक रूप से बीमार है. पीएम रिपोर्ट के मुताबिक वे आठ दिनों से भूखी थीं.

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गिरिडीह के बाद झारखंड के चतरा में कथित तौर पर भूख से एक और मौत

चतरा के इटखोरी में कचरा बीनने का काम करती थी महिला. बेटे ने बताया कि वह चार दिन से भूखी थीं. झारखंड के ही गिरिडीह ज़िले में रविवार को कथित तौर पर भूख से एक और महिला की मौत हो गई थी.

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झारखंड: कथित तौर पर भूख से महिला की मौत, तीन दिन से घर में नहीं जला था चूल्हा

गिरिडीह ज़िले के मंगरगड्डी गांव में रहने वाली महिला का परिवार छह महीने से मांगकर पेट भर रहा था. प्रभारी उपायुक्त ने कहा कि भूख से नहीं हुई मौत. प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और मुखिया ने मौत की वजह भूख बताई.

(फोटो: रॉयटर्स)

भुखमरी से मौत के मामलों में मुआवज़ा देने पर सुप्रीम कोर्ट से विचार करने का अनुरोध

कर्नाटक उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि झारखंड और कुछ अन्य राज्यों में आधार से जुड़ी सार्वजनिक वितरण प्रणाली में ख़ामियों की वजह से भुखमरी से मौत के कई मामले सामने आए हैं.

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कुल भारतीय संपत्ति का 58 प्रतिशत हिस्सा एक प्रतिशत लोगों के पास है: येचुरी

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा, पिछले तीन साल में देश में अमीर और ग़रीब के बीच आर्थिक असमानता तेज़ी से बढ़ी है.

बीते सितंबर महीने में झारखंड के सिमडेगा ज़िले में रहने वाली कोयली देवी की बेटी संतोषी का मौत हो गई. कोयली देवी का दावा था कि सरकारी राशन न मिलने की वजह से उनकी बेटी की मौत हो गई. (फोटो साभार: एएनआई)

झारखंड में भोजन के अधिकार के हनन के लिए जवाबदेह कौन?

झारखंड में कथित तौर पर भुखमरी से हो रही मौतों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के कार्यान्वयन की गंभीर त्रुटियों के चलते लोगों के जीने के अधिकार के हनन को उजागर किया है.

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मीडिया बोल, एपिसोड 20: भारत में भुखमरी और अयोध्या में राम प्रतिमा

मीडिया बोल की 20वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश वर्ल्ड हंगर इंडैक्स में भारत की स्थिति और अयोध्या में राम की प्रतिमा के मीडिया कवरेज पर चर्चा कर रहे हैं.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 138: आधार कार्ड और भारत में भ्रूण परीक्षण

जन गण मन की बात की 138वीं कड़ी में विनोद दुआ आधार कार्ड की अनिवार्यता और भारत में भ्रूण परीक्षण पर चर्चा कर रहे हैं.

बीते सितंबर महीने में झारखंड के सिमडेगा ज़िले में रहने वाली कोयली देवी की बेटी संतोषी का मौत हो गई. कोयली देवी का दावा था कि सरकारी राशन न मिलने की वजह से उनकी बेटी की मौत हो गई. (फोटो साभार: एएनआई)

भूख से एक नागरिक की मौत सत्ता को ​शर्मिंदा क्यों नहीं करती?

कई बरस से लोग भूख से मर रहे हैं, लेकिन सत्ता हमेशा इस बात से इंकार करती है कि इस देश में किसी की मौत भूख के चलते भी होती है.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 137: गुजरात में मोदी का भाषण और भुखमरी

जन गण मन की बात की 137वीं कड़ी में विनोद दुआ प्रधानमंत्री द्वारा गुजरात में दिए गए भाषण और भारत में भुखमरी पर चर्चा कर रहे हैं.

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लोगों का भीड़ में बदलना और क़ातिल हो जाना विकास का कैसा मुक़ाम है?

भीड़ को राजनीति और सत्ता मिलकर पैदा करते हैं. उन्हें निर्देशित करते हैं. फिर भीड़ उनके नियंत्रण से भी बाहर निकल जाती है. वह किसी की नहीं सुनती.

फोटो: पीटीआई

किसानों को तो मरना ही था, पुलिस न मारती तो आत्महत्या कर लेते

किसान को मारना सबसे आसान है. बल्कि मैं तो कहता हूं कि किसान को मारना दूसरी क्लास में ही सबको सिखा देना चाहिए. उसे न भी मारो तो वह ख़ुद ही मर जाता है. यह इतना फ़नी है कि हमें इस पर चुटकुले बनाने चाहिए और वॉट्सऐप पर फ़ॉरवर्ड करने चाहिए.

महाराष्ट्र में प्रदर्शन के दौरान किसान को पकड़ कर ले जाते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

अगर हम किसानों के साथ नहीं खड़े हैं तो हमारी इंसानियत शक के दायरे में है

ये लोग नारा लगाते हैं जय जवान जय किसान! ज़्यादातर जवान किसान के ही बच्चे हैं. किसानों पर गोली चलाकर, आप सिर्फ़ सैनिकों के सहारे अपनी देशभक्ति प्रमाणित नहीं कर सकते.

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भारत कृषिप्रधान देश या किसानों की क़ब्रगाह?

नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार में कहते थे कि देश के संसाधनों पर पहला हक़ ग़रीबों और किसानों का है, लेकिन उनके कार्यकाल में किसान आत्महत्या की दर बढ़ गई.

tamilnadu

सीएम पलानीस्वामी के आश्वासन के बाद किसानों का आंदोलन 25 मई तक स्थगित

तमिलनाडु के कुछ किसान जंतर मंतर पर पिछले 40 दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे. उनका कहना है कि यदि हमारी मांगें मानी नहीं गईं तो 25 मई से फिर आंदोलन करेंगे.