मजदूरी

केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की मुरैना लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र सिंह तोमर. (फोटो साभार: फेसबुक)

सरकार मनरेगा को हमेशा चलाए रखने की पक्षधर नहीं: ग्रामीण विकास मंत्री

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन में कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए है और मोदी सरकार का लक्ष्य गरीबी को ख़त्म करना है. गरीबी दूर करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है.

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छत्तीसगढ़ः पारले-जी बिस्किट की फैक्ट्री से 26 बाल मज़दूर छुड़ाए गए

छत्तीसगढ़ के रायपुर में पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग और सामाजिक संगठनों की संयुक्त कार्रवाई में पारले-जी कारखाने में छापा मारा गया. ये बच्चे छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्यों झारखंड, उड़ीसा और मध्य प्रदेश के हैं.

(फोटो साभार: UN Women/Gaganjit Singh/Flickr CC BY-NC-ND 2.0)

आख़िर क्यों मनरेगा मज़दूरों को नहीं मिलती उचित मज़दूरी?

देश में दूसरे रोज़गारों की उपलब्धता इतनी कम है कि ग्रामीणों को मजबूरन मनरेगा में काम करना पड़ रहा है. इस स्थिति में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि मनरेगा में कार्यरत ग्रामीण बंधुआ मज़दूर बन गए हैं. उनके लिए न तो एक सम्मानजनक मानदेय है और न ही समय पर मज़दूरी मिलने की कोई उम्मीद.

Village women work at a dry pond under the Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MNREGA) in a village on the outskirts of Kolkata, 11 February 2014. (Photo: Reuters)

चुनावी मौसम में मज़दूर राजनीतिक विमर्श से ग़ायब क्यों हैं?

किसी भी राष्ट्र के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा जहां करोड़ों मज़दूरों की दुर्दशा राष्ट्रीय चेतना और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा ही नहीं है.

रेल मंत्री पीयूष गोयल (फोटो साभार: piyushgoyal.in)

रेल मंत्री अगर ठीक से काम करते, तो ट्विटर पर दिन भर अपना प्रचार नहीं करना पड़ता

कैग ने 2014-15 से लेकर 2016-17 के बीच दिए गए 463 कांट्रैक्ट में काम करने वाले ठेके के मज़दूरों के हालात की समीक्षा की है. रिपोर्ट देखेंगे तो पता चलेगा कि रेलवे बग़ैर किसी मंत्री के चल रहा है. राम भरोसे कहना ठीक नहीं क्योंकि राम भरोसे तो सारा देश चलता है.

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देश में घरेलू कामगारों के साथ हो रहा बर्ताव समाज के वीभत्स चेहरे की गवाही है

ग्राउंड रिपोर्ट: घरों में काम करने वाले घरेलू सहायकों के साथ हो रहे ग़ैर-क़ानूनी और अमानवीय व्यवहार की अनदेखी उनके ज़ख्मों को और गहरा बना रही है.

Village women work at a dry pond under the Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MNREGA) in a village on the outskirts of Kolkata, 11 February 2014. (Photo: Reuters)

छत्तीसगढ़: भाजपा विधायक ने कहा- 2015 से मनरेगा मज़दूरों को नहीं मिली मज़दूरी

सदन में भाजपा विधायक ने उठाया मज़दूरों को भुगतान न होने का मुद्दा. समर्थन में विपक्ष ने कहा कि पूरे प्रदेश में यही हाल है.

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झारखंड: मनरेगा मज़दूरों की ज़रूरतें राजनीतिक नारे से कहीं ज़्यादा हैं

भाजपा की रघुबर दास सरकार के बड़े बोलों के बावजूद राज्य में मनरेगा मज़दूरों को नियत समय पर भुगतान मिलने जैसे कई अधिकारों का व्यापक स्तर पर उल्लंघन हो रहा है.