मज़दूरों की मौत

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

लॉकडाउन: हैदराबाद से पैदल ही पश्चिम बंगाल लौट रहे प्रवासी मज़दूर की ओडिशा में मौत

एक अन्य घटना में उत्तर प्रदेश के चित्रकूट ज़िले में दिल्ली से गांव लौटे एक प्रवासी मज़दूर की घर से कुछ दूरी पर मौत हो गई. गुजरात के राजकोट शहर में घर जाने के लिए बस का इंतज़ार कर रहे एक कृषि मज़दूर की मौत वाहन की चपेट में आ जाने से हो गई.

Banda

उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले में क्वारंटीन सेंटर से भागकर प्रवासी मज़दूर ने फांसी लगाई

पुलिस ने बताया कि 35 वर्षीय मज़दूर छह माह पहले गुजरात के सूरत में मज़दूरी करने चले गए थे. 20 मई को वापस आने पर उन्हें उनके गांव में बने सरकारी क्वारंटीन सेंटर में ठहराया गया था.

Chandigarh: Migrants from various districts of Uttar Pradesh ride bicycles to reach their native places, during the ongoing COVID-19 lockdown, in the outskirts of Chandigarh, Saturday, May 16, 2020. (PTI Photo)(PTI16-05-2020 000071B)

‘वे जल्द से जल्द लौटना चाहते थे कि बच्चों को देख सकें, पर ऐसे आएंगे ये नहीं सोचा था’

बिहार के पूर्वी चंपारण ज़िले के एक गांव के रहने वाले सगीर अंसारी दिल्ली में सिलाई का काम करते थे. लॉकडाउन के दौरान काम न होने और जमापूंजी ख़त्म हो जाने के बाद वे अपने भाई और कुछ साथियों के साथ साइकिल से घर की ओर निकले थे, जब लखनऊ में एक गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बिहार: श्रमिक ट्रेन से उतर ट्रक में चढ़े थे मज़दूर, ट्रक की बस से टक्कर में नौ लोगों की मौत

बिहार के भागलपुर ज़िले के नवगछिया क़स्बे में हुआ हादसा. ये प्रवासी मज़दूर बेंगलुरु से विशेष श्रमिक ट्रेन से आए थे और आगे के सफ़र के लिए एक ट्रक पर चढ़े थे.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

राजस्थान: औरैया हादसे के शिकार मजदूरों की कंपनी पर वेतन देने में देरी का आरोप

उत्तर प्रदेश के औरैया में शनिवार को मरने वाले 24 मजदूर राजस्थान के आरएसजी स्टोंस नाम की कंपनी में काम करते थे. कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे देर तक काम करवाया जाता है और वेतन देने में देरी की जाती है.

Ghaziabad: Migrants walk on the Delhi-Noida road on their way to their destinations amid rain and storm, during ongoing COVID-19 lockdown in Ghaziabad, Thursday, May 14, 2020. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI14-05-2020_000231B)

राज्य सरकारें सुनिश्चित करें कि मज़दूर अपने गंतव्य तक विशेष श्रमिक ट्रेनों में जा सकें: केंद्र

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि अब कोई प्रवासी मज़दूर सड़कों और रेलवे ट्रैक पर न पाया जाए और उन्हें विशेष बसों या विशेष श्रमिक ट्रेनों में बिठाकर उनके गंतव्य रवाना जाए.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश के औरैया में सड़क दुर्घटना में 24 प्रवासी मज़दूरों की मौत, 37 घायल

यह घटना औरैया के मिहौली इलाके में शनिवार तड़के तक़रीबन 3:30 बजे के बीच हुई. राजस्थान की ओर से आ रहे ट्रक की दिल्ली की ओर से आ रही डीसीएम वैन से टक्कर हो गई. ट्रक में लगभग 50 मज़दूर सवार थे.

प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई

लॉकडाउन: यूपी में अलग-अलग सड़क हादसों में तीन प्रवासी मज़दूरों की मौत, 71 अन्य घायल

एक दुर्घटना में जालौन के गिर थान के पास ट्रक ने मेटाडोर को टक्कर मारी, जिसमें एक महिला सहित दो मज़दूरों की मौत हुई. दूसरी घटना में लखनऊ-बहराइच राजमार्ग पर एक मेटाडोर अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें एक मज़दूर की मौत हो गई.

लॉकडाउन के दौरान पैदल जाते मजदूर (फोटो: पीटीआई)

केंद्र ने राज्यों से कहा, प्रवासी लोगों के लिए ट्रेन या बस की सुविधा सुनिश्चित करें

इस बीच रेलवे ने दूसरे राज्यों में फंसे मज़दूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए ट्रेनों को पूरी क्षमता के साथ चलाने को कहा है. हर ट्रेन में 24 कोच होंगे और हर कोच में 72 सीट पर 72 यात्री होंगे. वर्तमान में एक कोच में सामाजिक दूरी के नियमों के तहत हर कोच में 54 लोगों को बैठाया जा रहा था.

The belongings of victims lie scattered on the railway track after a train ran over migrant workers sleeping on the track in Aurangabad district in the western state of Maharashtra, India, May 8, 2020. REUTERS/Stringer NO ARCHIVES. NO RESALES.

लॉकडाउन: राष्ट्र की रेल और श्रमिक का शरीर

कार्ल मार्क्स ने 175 साल पहले लिखा कि श्रमिक जिसका निर्माण करता है, वह वस्तु जितनी विशाल या ताकतवर होती जाती है, श्रमिक का बल उसी अनुपात में घटता चला जाता है. अगर रेल की पटरियों पर मरने वाले ये श्रमिक राष्ट्र निर्माता हैं और यह राष्ट्र लगातार शक्तिवान होता गया है तो ये उतने ही निर्बल होते गए हैं.

Thane: Migrants with their belongings ride on bicycles as they move towards their native places on the Mumbai-Nashik highway during the nationwide lockdown, in wake of the coronavirus pandemic, in Thane, Friday, May 1, 2020. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad)(PTI01-05-2020_000219B) *** Local Caption ***

कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते 350 से अधिक लोगों की जान गई: अध्ययन

शोधकर्ताओं के एक समूह ने विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के जरिये इकट्ठा की गईं सूचनाओं के हवाले से बताया है कि 19 मार्च से लेकर 8 मई के बीच 370 मौतें हुईं, जो लॉकडाउन से जुड़ी हैं.

औरंगाबाद जिले में रेलवे ट्रैक पर हुई मजदूरों की मौत के बाद घटनास्थल की जांच करती पुलिस. (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्रः औरंगाबाद में ट्रेन से कटकर 16 मज़दूरों की मौत

यह घटना औरंगाबाद में बदनापुर और करमाड के बीच हुई. सभी मज़दूर औरंगाबाद से मध्य प्रदेश जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए पैदल जा रहे थे और थककर रेल पटरियों पर ही सो गए थे.

Bijnor: Relatives of the victims mourn after a methane gas boiler tank exploded at a petro-chemical factory killing six workers, in Bijnor, Wednesday, Sep 12, 2018. (PTI Photo) (PTI9_12_2018_000078B)

उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित फैक्ट्री में विस्फोट होने से छह मज़दूरों की मौत

एथेनॉल बनाने वाली मोहित पेट्रो केमिकल फैक्ट्री के बॉयलर में हुआ विस्फोट. बॉयलर में मीथेन गैस होने की सूचना.

Unnao

उन्नाव की एक फैक्ट्री में गैस रिसाव होने से तीन मज़दूरों की मौत

उत्तर प्रदेश के उन्नाव शहर में दफ्ती बनाने की फैक्ट्री के टैंक का नोजल ठीक करने के लिए उतरे थे मज़दूर. दो मज़दूरों की हालत नाज़ुक.