मणिपुर विधानसभा

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चित्रकथा: चूराचांदपुर में आठ शवों को 20 महीने बाद दी गई अंतिम विदाई

साल 2015 में मणिपुर के चूराचांदपुर में सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर हुई पुलिस फायरिंग में इनकी मौत हो गई थी.

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मणिपुर में 18 महीने बाद आठ शवों को दफनाने को तैयार प्रदर्शनकारी

मणिपुर में मार्च में बनी भाजपा सरकार के साथ प्रदर्शनकारियों के समझौते में लाशों का दफनाने पर सहमति बन गई है.

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‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का सपना देखने वाली भाजपा कांग्रेस युक्त होती जा रही है

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ करने की इतनी जल्दी में है कि वे छह माह पहले कांग्रेस से भाजपा में आए नेता को मुख्यमंत्री बना दे रहे हैं.ऐसे दूसरे बहुत से नेता मंत्रिपद हासिल कर ले रहे हैं. आखिर इस तरह के नेताओं के सहारे मिली जीत भाजपा के लिए कितनी फायदेमंद होगी?

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इरोम को इसलिए 90 वोट मिले क्योंकि मणिपुर में अब आफ्सपा मुद्दा नहीं रहा!

आफ्स्पा के ख़िलाफ़ जब इरोम की लड़ाई शुरू हुई तब मणिपुर के हालात अलग तरह के थे. 16 साल पहले का मणिपुर अब काफी बदल चुका है.

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मणिपुर: जहां आठ लाशें विधानसभा चुनाव में मुद्दा हैं

मणिपुर के चूराचांदपुर के जिला अस्पताल के मुर्दाघर में पिछले करीब 550 दिनों से आठ लाशें दफनाए जाने का इंतजार कर रही हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में यह प्रमुख मुद्दा है.

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वीडियो: नगालैंड की राजनीतिक उठापटक और मणिपुर विधानसभा चुनाव पर चर्चा

नगालैंड की राजनीतिक उठापटक और मणिपुर विधानसभा चुनाव पर अमित सिंह की द ​वायर की डिप्टी एडिटर संगीता बरूआ पिशारोती से बातचीत.