मध्य प्रदेश उपचुनाव

शपथ लेते गोविंद राजपूत. (फोटो साभार: ट्विटर/@ChouhanShivraj)

मध्य प्रदेश: शिवराज सरकार का कैबिनेट विस्तार, सिंधिया के दो क़रीबियों की मंत्रिमंडल में वापसी

बीते साल मार्च में शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री बनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर आए तुलसीराम सिलावट और गोविंद राजपूत को मंत्री बनाया था, पर विधानसभा सदस्य न होने के कारण उन्हें अक्टूबर में इस्तीफ़ा देना पड़ा था. उपचुनाव में जीत के बाद वे फिर कैबिनेट का हिस्सा बने हैं.

एक चुनावी रैली के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया. (फोटो साभार: फेसबुक/@JMScindia)

मध्य प्रदेश उपचुनाव में भाजपा की जीत सिंधिया के राजनीतिक भविष्य को क्या दिशा देगी

28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव भाजपा सरकार को बचाने की दृष्टि से ही अहम नहीं था बल्कि अपने कई समर्थकों सहित कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया का राजनीतिक भविष्य भी दांव पर था. उपचुनाव में उनके कुल 19 में से 13 समर्थक जीत हासिल करने में सफल रहे हैं.

**EDS: TWITTER IMAGE POSTED BY @ChouhanShivraj ON TUESDAY, NOV. 10, 2020** Bhopal: Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan and BJP State President VD Sharma greet each other as they celebrate their partys lead in Madhya Pradesh bypolls, in Bhopal.

मध्य प्रदेश उपचुनाव: भाजपा ने 19 सीटें जीतकर हासिल किया बहुमत, कांग्रेस नौ सीटों पर विजयी

मध्य प्रदेश उपचुनाव में मिली इस जीत के साथ 230 सदस्यीय सदन में अब भाजपा विधायकों की संख्या 107 से बढ़कर 126 हो गई है, जबकि कांग्रेस के विधायकों की संख्या 87 से बढ़कर 96 हो गई है.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्यमंत्री​ शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: पीटीआई/टि्वटर)

मध्य प्रदेश: क्या कांग्रेस का भाजपा सरकार के घोटालों की जांच की बात कहना सिर्फ चुनावी जुमला है

उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस ने सरकार में वापसी का दावा करते हुए एक ‘आरोप-पत्र’ में भाजपा सरकार में हुए घोटालों की सूची देते हुए इनकी जांच करवाने की बात कही है. विधानसभा चुनाव से पहले भी पार्टी ने ऐसा पत्र जारी करते हुए यही कहा था. हालांकि सरकार आने के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.

कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा छीनने के चुनाव आयोग के फ़ैसले पर रोक लगाई

चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि किसी नेता का नाम स्टार प्रचारक की सूची से हटाना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है. चुनाव आयोग ने 30 अक्टूबर को मध्य प्रदेश उपचुनाव के प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता के बार-बार उल्लंघन को लेकर कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा समाप्त कर दिया था.

कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

एमपी उपचुनाव: नेता उड़ा रहे आचार संहिता की ​धज्जियां, कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छिना

चुनाव आयोग द्वारा स्टार प्रचारक का दर्जा छीने जाने के क़दम को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री के चुनाव प्रचार पर एक दिन की रोक लगाई. आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए भाजपा उम्मीदवार गिरराज दंदोतिया और दो मंत्रियों- उषा ठाकुर और बिसाहू लाल साहू को नोटिस जारी.

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आईं इमरती देवी की एक चुनावी रैली में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान. (फोटो साभार: फेसबुक/@ChouhanShivraj)

मध्य प्रदेश: क्या उपचुनाव में भाजपा को अपने ही नेताओं की नाराज़गी का ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ेगा

भाजपा ने उपचुनाव वाली 28 में से 25 सीटों पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायकों को टिकट दिया है, जिससे उन सीटों के मूल भाजपा कार्यकर्ता नाराज़ हैं. साथ ही पार्टी के वे नेता भी नाख़ुश हैं, जो दल बदलकर आए नेताओं के कारण सरकार में मंत्री नहीं बन सके.

Jabalpur: A shopkeeper poses with political parties' campaign materials ahead of Lok Sabha elections 2019, in Jabalpur, Wednesday, March 13, 2019. (PTI Photo) (PTI3_13_2019_000028B)

मध्य प्रदेश उपचुनाव में 18 प्रतिशत उम्मीदवारों के ख़िलाफ़ दर्ज हैं आपराधिक मामले: एडीआर

मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर तीन नवंबर को उपचुनाव होने हैं. इनमें से अधिकतर सीटें कांग्रेस के बागी विधायकों के पार्टी और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के बाद खाली हुई हैं.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ राहुल लोधी. (फोटो साभार: ट्विटर/@BJP4MP)

मध्य प्रदेश: उपचुनावों से ऐन पहले कांग्रेस के एक और विधायक ने थामा भाजपा का हाथ

दमोह से कांग्रेस विधायक राहुल लोधी ने रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता लेते हुए कहा कि वे छह महीने में भाजपा के विकास कार्यों से प्रभावित हुए हैं. मार्च से अब तक कांग्रेस के कुल 26 विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं.

(फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: महिलाओं के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी और कोराना​ निर्देशों का उल्लंघन

मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भाजपा की महिला उम्मीदवार को आइटम कह दिया था. दूसरी ओर राज्य सरकार में मंत्री और अनूपपुर से भाजपा उम्मीदवार बिसाहू लाल साहू ने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी के लिए अभद्र शब्द कहे. इस बीच चुनावी सभाओं में ​कोरोना निर्देशों के उल्लंघन पर हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और कमलनाथ पर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

प्रेस परिषद ने प्रिंट मीडिया से चुनाव नतीजों का अनुमान लगाने वाले आलेख न छापने को कहा

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भारतीय प्रेस परिषद ने कहा है कि निषेध अवधि में चुनाव के परिणाम का अनुमान लगाना धारा 126 एक का उल्लंघन है. इसलिए 28 अक्टूबर से सात नवंबर की शाम तक निषेध अवधि के दौरान प्रिंट मीडिया परिणाम वाले आलेख का प्रकाशन न करें.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री​ शिवराज सिंह चौहान, बसपा सुप्रीमो मायावती और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: उपचुनावों में भाजपा और कांग्रेस में से किसका खेल बिगाड़ेगी बसपा

उपचुनावों में अमूमन न उतरने वाली बसपा इस बार मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है. ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों पर उसका काफ़ी प्रभाव भी है, ऐसे में उसकी दावेदारी के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं.

कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

क्या मध्य प्रदेश में कमलनाथ ही कांग्रेस की कमज़ोर कड़ी हैं

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में इस साल मार्च से लेकर जुलाई के बीच पार्टी के कुल 25 विधायक भाजपा में जा चुके हैं, पार्टी की अंदरूनी उठापटक के बीच कई पदाधिकारियों ने इस्तीफ़े दिए. अब उपचुनावों के ठीक पहले पार्टी के अंदर से उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे.

A woman casts her vote at a polling station during the sixth phase of the general election, in New Delhi, India, May 12, 2019. REUTERS/Anushree Fadnavis - RC1C65C4F5F0

लोकसभा की एक और विधानसभा की 56 सीटों के लिए तीन एवं सात नवंबर को होगा उपचुनाव

मध्य प्रदेश में सबसे ज़्यादा 28 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं. चुनाव आयोग ने फ़िलहाल चार अन्य राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं की है.

ग्वालियर शहर में लगे होर्डिंग. (फोटो: दीपक गोस्वामी)

क्या कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लगाए नियम आम जनता और भाजपा के लिए अलग-अलग हैं

पार्टी बदलने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पहली बार ग्वालियर पहुंचने पर भाजपा तीन दिवसीय ‘सदस्यता ग्रहण समारोह’ आयोजित कर रही है, जिसमें ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी ज़िलों के हज़ारों कार्यकर्ता शामिल होने वाले हैं. कोरोना संक्रमण के प्रसार के मामले में ग्वालियर प्रदेश में तीसरे स्थान पर है.