मध्य प्रदेश उपचुनाव

(फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: महिलाओं के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी और कोराना​ निर्देशों का उल्लंघन

मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भाजपा की महिला उम्मीदवार को आइटम कह दिया था. दूसरी ओर राज्य सरकार में मंत्री और अनूपपुर से भाजपा उम्मीदवार बिसाहू लाल साहू ने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी के लिए अभद्र शब्द कहे. इस बीच चुनावी सभाओं में ​कोरोना निर्देशों के उल्लंघन पर हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और कमलनाथ पर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

प्रेस परिषद ने प्रिंट मीडिया से चुनाव नतीजों का अनुमान लगाने वाले आलेख न छापने को कहा

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भारतीय प्रेस परिषद ने कहा है कि निषेध अवधि में चुनाव के परिणाम का अनुमान लगाना धारा 126 एक का उल्लंघन है. इसलिए 28 अक्टूबर से सात नवंबर की शाम तक निषेध अवधि के दौरान प्रिंट मीडिया परिणाम वाले आलेख का प्रकाशन न करें.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री​ शिवराज सिंह चौहान, बसपा सुप्रीमो मायावती और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: उपचुनावों में भाजपा और कांग्रेस में से किसका खेल बिगाड़ेगी बसपा

उपचुनावों में अमूमन न उतरने वाली बसपा इस बार मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है. ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों पर उसका काफ़ी प्रभाव भी है, ऐसे में उसकी दावेदारी के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं.

कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

क्या मध्य प्रदेश में कमलनाथ ही कांग्रेस की कमज़ोर कड़ी हैं

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में इस साल मार्च से लेकर जुलाई के बीच पार्टी के कुल 25 विधायक भाजपा में जा चुके हैं, पार्टी की अंदरूनी उठापटक के बीच कई पदाधिकारियों ने इस्तीफ़े दिए. अब उपचुनावों के ठीक पहले पार्टी के अंदर से उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे.

A woman casts her vote at a polling station during the sixth phase of the general election, in New Delhi, India, May 12, 2019. REUTERS/Anushree Fadnavis - RC1C65C4F5F0

लोकसभा की एक और विधानसभा की 56 सीटों के लिए तीन एवं सात नवंबर को होगा उपचुनाव

मध्य प्रदेश में सबसे ज़्यादा 28 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं. चुनाव आयोग ने फ़िलहाल चार अन्य राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं की है.

ग्वालियर शहर में लगे होर्डिंग. (फोटो: दीपक गोस्वामी)

क्या कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लगाए नियम आम जनता और भाजपा के लिए अलग-अलग हैं

पार्टी बदलने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पहली बार ग्वालियर पहुंचने पर भाजपा तीन दिवसीय ‘सदस्यता ग्रहण समारोह’ आयोजित कर रही है, जिसमें ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी ज़िलों के हज़ारों कार्यकर्ता शामिल होने वाले हैं. कोरोना संक्रमण के प्रसार के मामले में ग्वालियर प्रदेश में तीसरे स्थान पर है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया (फोटो साभार: फेसबुक/@JMScindia)

मध्य प्रदेश: कांग्रेस के टूटते विधायक और सिंधिया के दबाव से मुक्त होने की भाजपा की छटपटाहट

मार्च से अब तक कुल 25 कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं. दो हफ़्ते से भी कम समय में कांग्रेस के तीन और विधायक पार्टी और विधायकी छोड़ भाजपा में आ चुके हैं. भाजपा का दावा है कि अभी और कई कांग्रेसी विधायक पार्टी छोड़कर आएंगे.

(फोटो साभार: फेसबुक/ChouhanShivraj)

मध्य प्रदेश: शिवराज सिंह चौहान के लिए वापसी के बाद की राह आसान नहीं है

मध्य प्रदेश में भाजपा की सत्ता वापसी तो हो गई है, लेकिन शिवराज सिंह चौहान के लिए यह कार्यकाल उनके पिछले कार्यकालों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहेगा. विश्लेषकों के अनुसार, उन्हें पार्टी में आए बाग़ी विधायकों को साधने से लेकर उन मुद्दों से भी निपटना है, जिन पर वे कांग्रेस को घेरते आए हैं.