मध्य प्रदेश कांग्रेस

Bhopal: Newly-sworn in Madhya Pradesh Chief Minister Kamal Nath waves at the crowd during his swearing-in-ceremony, in Bhopal, Monday, Dec. 17, 2018. Also seen are NC chief Farooq Abdullah (L), NCP chief Sharad Pawar, former MP CM Shivraj Singh Chouhan and others. (PTI Photo) (PTI12_17_2018_000122)

मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री बने कमलनाथ

अकाली दल ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने की मांग की. अकाली दल ने कहा है कि अगर कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री पद से नहीं हटाया तो उसे सिख समाज का गुस्सा झेलना पड़ेगा.

Bhopal: Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan addresses a press conference, at BJP State headquarters in Bhopal, Wednesday, Dec. 12, 2018. BJP State President Rakesh Singh is also seen.(PTI Photo)(PTI12_12_2018_000200)

वो कौन से कारण हैं जिनकी वजह से मध्य प्रदेश में चूक गए चौहान

इस विधानसभा चुनाव में जितनी अधिक सीटें कांग्रेस ने पाई हैं, उतनी ही संख्या में भाजपा ने सीटें गंवाई हैं. पिछले चुनावों में कांग्रेस को 58 और भाजपा को 165 सीटें मिली थीं. इस बार कांग्रेस की सीटों में 56 की बढ़ोतरी हुई है. उसकी सीटें 114 हो गई हैं. वहीं, भाजपा की सीटें 56 कम होकर 109 रह गई हैं.

(फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: 10 सीटों पर हार-जीत का अंतर 1,000 से भी कम रहा

इन 10 सीटों में से 7 कांग्रेस ने जीतीं और 3 भाजपा ने. बहुमत से 7 सीट दूर रही भाजपा अगर इन पर जीत दर्ज कर लेती तो तस्वीर कुछ और होती.

Bhopal: Congress State President Kamal Nath, party leaders Jyotiraditya Scindia, Digvijaya Singh and other leaders display victory sign after the party's win in state Assembly elections, at PCC headquarters, in Bhopal, Wednesday early morning, Dec. 12, 2018. (PTI Photo)(PTI12_12_2018_000055)

मध्य प्रदेश में सरकार बनाने को तैयार कांग्रेस के कई बड़े नेता चुनाव हार गए

230 सीटों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में 114 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस के कई दिग्गजों को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.

Bhopal: Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan addresses a press conference at his residence before submitting his resignation to Governor Anandiben Patel, in Bhopal, Wednesday, Dec. 12, 2018. (PTI Photo)(PTI12_12_2018_000083)

मध्य प्रदेश: चुनाव मैदान में उतरे शिवराज के 27 में से 13 मंत्री हार गए

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के मंत्रिमंडल में उन्हें मिलाकर कुल 32 मंत्री थे, जिनमें से 27 ने चुनाव लड़ा था. 14 मंत्री अपनी सीट बचाने में सफल रहे. इनमें से कई काफी जद्दोजहद के बाद जीत दर्ज कर सके.

Lucknow: Bahujan Samaj Party supremo Mayawati addresses a press conference, in Lucknow, Sunday, Sept 16, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar)

मध्य प्रदेश: सरकार बनाने के करीब कांग्रेस, बसपा और सपा ने समर्थन दिया

भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेगी. मध्य प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस्तीफा देते हुए कहा, ‘हमें बहुमत नहीं मिला है. हम सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे. मैं गवर्नर को इस्तीफा सौंपने जा रहा हूं.’

Chitrakoot: Congress President Rahul Gandhi with MPCC President Kamal Nath (2nd L), party MP Jyotiraditya Scindia (3rd R) and other leaders during a public meeting in Chitrakoot, Thursday, Sept 27, 2018. (AICC Photo via PTI) (PTI9_27_2018_000139B)

मध्य प्रदेश: कांग्रेस को 114, भाजपा को 109 सीटें मिली, कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

भाजपा से निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया इस्तीफा. प्रदेश में 230 सीटों वाली विधानसभा में किसी भी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए 116 सीटें होनी जरूरी हैं. किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. सपा और बसपा ने कांग्रेस को समर्थन दिया है.

Bhopal: Congress State President Kamal Nath, party leaders Jyotiraditya Scindia, Digvijaya Singh and other leaders display victory sign after the party's win in state Assembly elections, at PCC headquarters, in Bhopal, Wednesday early morning, Dec. 12, 2018. (PTI Photo)(PTI12_12_2018_000055)

मध्य प्रदेश: सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों में से 114 पर कांग्रेस, 109 पर भाजपा, दो पर बसपा, एक सीट पर सपा और चार सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली. बहुमत के लिए 116 सीटों की ज़रूरत होती है.

(फोटो: रॉयटर्स)

भोपाल के जिस रूम में रखी गई थीं ईवीएम, वहां बंद हो गए थे सीसीटीवी कैमरे: चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने स्वीकार किया है कि भोपाल के जिस स्ट्रांग रूम में मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम रखी गई थी, वहां बिजली जाने की वजह से करीब एक घंटे सीसीटीवी कैमरे बंद थे और इस बीच रिकॉर्डिंग नहीं हो पाई थी.

यह तस्वीर मध्य प्रदेश कांग्रेस के ​आधिकारिक ट्विटर पेज से साझा किया गया था. आरोप है कि भाजपा के प्रत्याशी और राज्य के गृह मंत्री के होटल में इन ईवीएम को रखा गया था.

मध्य प्रदेश: मतदान बाद ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सवाल, कांग्रेस ने की चुनाव आयोग से शिकायत

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने खुरई, सतना और भोपाल में ईवीएम से संबंधित कई ग​ड़बड़ियों की शिकायत की है. कांग्रेस का आरोप है कि खुरई विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम गृहमंत्री के होटल में रखवाई गई थीं, जिन्हें 48 घंटे बाद सागर पहुंचाया गया.

बुदनी बस स्टैंड. (फोटो: दीपक गोस्वामी/द वायर)

बुदनी: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र का क्या है हाल?

मध्य प्रदेश की बुदनी सीट से तीन बार विधायक रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर यहीं से चुनाव मैदान में हैं. कांग्रेस ने उनके ख़िलाफ़ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को उतारा है.

एक रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया व अन्य (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्यों राहुल गांधी चुनाव में पैराशूट उम्मीदवार न उतारने के अपने वादे से पलट गए?

विशेष रिपोर्ट: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भोपाल में आयोजित कार्यकर्ता संवाद के दौरान कहा था कि विधानसभा चुनाव के ऐन समय पर दल बदलकर कांग्रेस में आने वाले नेताओं को पार्टी टिकट नहीं देगी लेकिन अब पार्टी ने दर्जनभर दलबदलुओं को अपना प्रत्याशी बनाया है.

मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव. (फोटो साभार: ट्विटर)

शिवराज ने मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखाकर मध्य प्रदेश पर 15 साल तक राज किया: अरुण यादव

साक्षात्कार: मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ख़िलाफ़ बुदनी सीट से चुनाव मैदान में उतारा है. मुख्यमंत्री से उनकी चुनावी भिड़ंत और प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति पर दीपक गोस्वामी की उनसे बातचीत.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह. (फाइल फोटो: पीटीआई)

दस साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह इतने सन्नाटे में क्यों हैं?

विशेष रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में कांग्रेस के आख़िरी मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह चुनाव प्रचार से पूरी तरह से ग़ायब हैं. क्या उन्हें हाशिये पर धकेला जा चुका है या फिर उन्हें पर्दे के पीछे रखना चुनावी रणनीति का हिस्सा है?

Bhopal: Senior Congress leader Digvijay Singh along with party activists appeal to shopkeepers and public to support Bharat Bandh called by Congress Party in relation to fuel price hike, in Bhopal, Saturday, Sept 8, 2018. (PTI Photo) (PTI9_8_2018_000154B)

मेरे भाषण देने से कांग्रेस के वोट कटते हैं, इसलिए प्रचार करने नहीं जाता: दिग्विजय सिंह

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह एक वीडियो में ऐसा कहते नज़र आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि मीडिया इस वीडियो को सही परिप्रेक्ष्य में नहीं दिखा रहा है.