मध्य प्रदेश कांग्रेस

शिवराज सिंह चौहान के साथ कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्या उपचुनावों में जीत कांग्रेस को फिर सत्ता में ला सकती है?

आगर-मालवा और जौरा के विधायकों के निधन के कारण विधानसभा की दो सीटें पहले से ही खाली थीं. अब कांग्रेस के बागी 22 विधायकों के इस्तीफ़े के बाद राज्य में 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia being felicitated by party leader Shivraj Singh Chauhan, at party office in Bhopal, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)(PTI12-03-2020_000214B)

सीएम बनते ही शिवराज ने कमलनाथ द्वारा की नियुक्तियों को रद्द किया, सिंधिया के ख़िलाफ़ केस बंद

ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके करीबी विधायकों द्वारा बगावत करने के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कुछ नई नियुक्तियां की थीं, जिस पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया था.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia being felicitated by party leader Shivraj Singh Chauhan, at party office in Bhopal, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)(PTI12-03-2020_000214B)

​शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

बीते 10 मार्च को ज्योतिरादित्य सिंधिया के 22 विधायकों के साथ कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद मध्य प्रदेश की कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार संकट में आ गई थी. कई दिनों के सियासी घमासान के बाद कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ ने बहुमत साबित करने से पहले ही पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते कांग्रेस के 22 बागी विधायक. (फोटो: ट्विटर/@JM_Scindia)

मध्य प्रदेश: सिंधिया की मौजूदगी में कांग्रेस के 22 बागी विधायक भाजपा में शामिल हुए

हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश के विकास, प्रगति और उन्नति के अपने संकल्प के साथ कांग्रेस के सभी 22 पूर्व विधायकों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी के निवास पर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की.

Bhopal: Congress Madhya Pradesh President Kamal Nath and AICC General Secretary Digvijay Singh arrive to chair Madhya Pradesh Congress Coordination Committee meeting at PCC Headquarters, in Bhopal, on Thursday. (PTI Photo) (PTI5_24_2018_000029B)

बहुमत साबित करने से पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिया इस्तीफ़ा

उच्चतम न्यायालय 20 मार्च को मध्य प्रदेश की कांग्रेस नेतृत्व वाली कमलनाथ सरकार को बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था. बीते 10 मार्च को ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों के इस्तीफ़ा देने के बाद कमलनाथ सरकार संकट में आ गई थी.

Bhopal: Congress Madhya Pradesh President Kamal Nath and AICC General Secretary Digvijay Singh arrive to chair Madhya Pradesh Congress Coordination Committee meeting at PCC Headquarters, in Bhopal, on Thursday. (PTI Photo) (PTI5_24_2018_000029B)

मध्य प्रदेश: भाजपा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को भेजा नोटिस, कल होगी सुनवाई

भाजपा नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 12 घंटों के भीतर विश्वास मत कराने संबंधी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा के स्पीकर, मुख्यमंत्री कमलनाथ और मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है.

Bhopal: Madhya Pradesh Chief Minister Kamal Nath along with Congress party MLAs during the budget session of state assembly, in Bhopal, Monday, March 16, 2020. (PTI Photo)(PTI16-03-2020_000024B)

मध्य प्रदेश: राज्यपाल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को 17 मार्च को शक्ति परीक्षण करने का दिया निर्देश

राज्यपाल ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखे गए पत्र में कहा है कि अगर आप 17 मार्च को शक्ति परीक्षण नहीं करेंगे तो यह माना जाएगा कि वास्तव में आपको विधानसभा में बहुमत प्राप्त नहीं है. मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्यपाल दबाव में हैं.

(फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश: शक्ति परीक्षण के बिना विधानसभा की कार्यवाही स्थगित, सुप्रीम कोर्ट पहुंची भाजपा

मध्य प्रदेश विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने की भाजपा की मांग और प्रदेश सरकार द्वारा स्पीकर का ध्यान कोरोना वायरस के खतरे की ओर आकर्षित किए जाने के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 26 मार्च तक स्थगित कर दी. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 12 घंटों के भीतर विश्वास मत कराने संबंधी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने पर सुप्रीम कोर्ट सहमत हो गया है.

कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश: 16 मार्च को होगा विश्वास प्रस्ताव पर मतदान

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने निर्देश दिए हैं कि विश्वासमत की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी विधानसभा स्वतंत्र व्यक्तियों से कराएगी. संपूर्ण कार्यवाही हर हाल में 16 मार्च 2020 को प्रारम्भ होगी और यह स्थगित, विलंबित या निलंबित नहीं की जाएगी.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia files his nomination papers to Returning Officer AP Singh for Rajya Sabha elections, at Madhya Pradesh Assembly in Bhopal, Friday, March 13, 2020. (PTI Photo)(PTI13-03-2020_000038B)

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीवार के तौर पर भरा नामांकन

मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को मतदान होना है. वर्तमान में मध्य प्रदेश से कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और भाजपा के प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया राज्यसभा सांसद हैं. इन तीनों का कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो रहा है. कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को फिर से अपना उम्मीदवार बनाया है.

Bhopal: BJP leader Jyotiraditya Scindia being felicitated by party leader Shivraj Singh Chauhan, at party office in Bhopal, Thursday, March 12, 2020. (PTI Photo)(PTI12-03-2020_000214B)

शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ को ‘रावण’ और ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताया ‘विभीषण’

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर इशारा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रावण की लंका अगर पूरी तरह जलानी है तो विभीषण की तो ज़रूरत होती है और अब सिंधिया जी हमारे साथ हैं. मिलकर लड़ेंगे.

New Delhi: Former Congress leader Jyotiraditya Scindia greets as he arrives to join Bharatiya Janata Party (BJP), at party headquarters in New Delhi, Wednesday, March 11 , 2020. (PTI Photo/Arun Sharma) (PTI11-03-2020_000124B)

ज्योतिरादित्य सिंधिया के पाला बदलने से भाजपा-कांग्रेस और ख़ुद उन्हें क्या हासिल होगा?

कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. एक सवाल ये भी है कि क्या भाजपा में भी उनका वही रुतबा क़ायम रह पाएगा, जो कांग्रेस में था?

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भाजपा में शामिल सिंधिया: बचेगी मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार?

मध्य प्रदेश के पूर्व कांग्रेसी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को भाजपा की सदस्यता हासिल कर ली. पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश में चल रहे राजनीतिक उठापटक के बीच सिंधिया ने बीते मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. इसी मुद्दे पर द वायर के पॉलिटिकल एडिटर अजय आशीर्वाद और संस्थापक संपादक एमके वेणु से चर्चा कर रही हैं सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: राज्यसभा की तीन सीटों ने कैसे बदले राज्य में सत्ता के समीकरण

विभिन्न राज्यों में एक के बाद एक विधानसभा चुनाव हारने के बाद राज्यसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या घटने वाली है, जिसके चलते अहम विधेयक पास कराने में मोदी सरकार को समस्याएं आएंगी. यही वजह है कि भाजपा एक-एक सीट जीतने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ रही है.

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भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया

भाजपा की सदस्यता ग्रहण करते हुए सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस में वास्तविकता से इनकार किया जा रहा है और नए विचार, नए नेतृत्व को मान्यता नहीं मिल रही है.

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वो दस कारण जिनके चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया ने छोड़ी कांग्रेस

सिंधिया लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में अपनी अनदेखी के चलते नाराज चल रहे थे. यह नाराजगी कांग्रेस की सरकार बनने से पहले से थी.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi flanked by Madhya Pradesh Congress leaders Jyotiraditya Scindia (L) and Kamal Nath pose for photos after a meeting, in New Delhi, Thursday, Dec. 13, 2018. (PTI Photo)(PTI12_13_2018_000192B)

सिंधिया के इस्तीफे के बाद क्या मध्य प्रदेश में कांग्रेस अपनी सरकार बचा पाएगी?

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 114 विधायकों में से सिंधिया के खेमे में करीब 30 प्रतिशत विधायक माने जाते हैं जिनकी संख्या 30 से 40 के बीच है. इसलिए कांग्रेस सरकार का गिरना तय माना जा रहा है.

New Delhi: Senior Congress leader Jyotiraditya Scindia addresses a press conference, in New Delhi, on Sunday, June 03, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI6_3_2018_000066B)

ज्योतिरादित्य सिंधिया का इस्तीफा, कांग्रेस ने कहा- पार्टी विरोधी काम के लिए निष्कासित किया गया

ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार में दरकिनार किए जाने से काफी नाराज चल रहे थे.

Bhopal: Congress Madhya Pradesh President Kamal Nath and AICC General Secretary Digvijay Singh arrive to chair Madhya Pradesh Congress Coordination Committee meeting at PCC Headquarters, in Bhopal, on Thursday. (PTI Photo) (PTI5_24_2018_000029B)

भाजपा की विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त की कोशिश, 8 को जबरन होटल में रखा: मध्य प्रदेश कांग्रेस

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य की कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने की साज़िश चल रही है, जिसके चलते भाजपा ने कांग्रेस और अन्य पार्टियों के कुछ विधायकों को मंगलवार रात जबरन गुरुग्राम के एक होटल में रखा है.

कमलनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/कमलनाथ)

मध्य प्रदेश: क्या विधान परिषद बनाकर कांग्रेस अपने नेताओं का राजनीतिक पुनर्वास करना चाहती है?

मध्य प्रदेश सरकार राज्य में विधान परिषद बनाना चाहती है, जिसके लिए उसका तर्क है कि इससे चुनावी राजनीति से दूर रहने वाले विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को प्रतिनिधित्व मिलेगा. वहीं विपक्षी भाजपा सहित एक तबका इसे जनता के पैसे की फ़िज़ूलख़र्ची और पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को स्थापित करने का हथकंडा बता रहा है.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्यों कांग्रेस नये प्रदेशाध्यक्ष के नाम पर फैसला नहीं ले पा रही है?

मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ कई बार प्रदेशाध्यक्ष का पद छोड़ने की बात कह चुके हैं. लेकिन सरकार बनने के लगभग साल भर बाद भी पार्टी को नया प्रदेशाध्यक्ष नहीं मिला है.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्यों कांग्रेस के नेता अपनी ही सरकार की मिट्टी पलीद करने में लगे हुए हैं

राज्य की कमलनाथ सरकार के मंत्री-विधायक एक-दूसरे पर अवैध खनन, अवैध शराब और रिश्वत लेने जैसे संगीन आरोप लगा रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर आरोप है कि वे सरकार को पर्दे के पीछे से चला रहे हैं, वहीं नये प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी खींचतान की स्थिति बनी हुई है.

Bhopal: Congress Madhya Pradesh President Kamal Nath and AICC General Secretary Digvijay Singh arrive to chair Madhya Pradesh Congress Coordination Committee meeting at PCC Headquarters, in Bhopal, on Thursday. (PTI Photo) (PTI5_24_2018_000029B)

मध्य प्रदेश कांग्रेस में दिग्विजय सिंह को लेकर मचा घमासान

मध्य प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि दिग्विजय सिंह खुद को प्रदेश में सत्ता के केंद्र के रूप में स्थापित कर कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं.

Bhopal: Newly-sworn in Madhya Pradesh Chief Minister Kamal Nath waves at the crowd during his swearing-in-ceremony, in Bhopal, Monday, Dec. 17, 2018. Also seen are NC chief Farooq Abdullah (L), NCP chief Sharad Pawar, former MP CM Shivraj Singh Chouhan and others. (PTI Photo) (PTI12_17_2018_000122)

मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री बने कमलनाथ

अकाली दल ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने की मांग की. अकाली दल ने कहा है कि अगर कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री पद से नहीं हटाया तो उसे सिख समाज का गुस्सा झेलना पड़ेगा.

Bhopal: Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan addresses a press conference, at BJP State headquarters in Bhopal, Wednesday, Dec. 12, 2018. BJP State President Rakesh Singh is also seen.(PTI Photo)(PTI12_12_2018_000200)

वो कौन से कारण हैं जिनकी वजह से मध्य प्रदेश में चूक गए चौहान

इस विधानसभा चुनाव में जितनी अधिक सीटें कांग्रेस ने पाई हैं, उतनी ही संख्या में भाजपा ने सीटें गंवाई हैं. पिछले चुनावों में कांग्रेस को 58 और भाजपा को 165 सीटें मिली थीं. इस बार कांग्रेस की सीटों में 56 की बढ़ोतरी हुई है. उसकी सीटें 114 हो गई हैं. वहीं, भाजपा की सीटें 56 कम होकर 109 रह गई हैं.

(फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: 10 सीटों पर हार-जीत का अंतर 1,000 से भी कम रहा

इन 10 सीटों में से 7 कांग्रेस ने जीतीं और 3 भाजपा ने. बहुमत से 7 सीट दूर रही भाजपा अगर इन पर जीत दर्ज कर लेती तो तस्वीर कुछ और होती.

Bhopal: Congress State President Kamal Nath, party leaders Jyotiraditya Scindia, Digvijaya Singh and other leaders display victory sign after the party's win in state Assembly elections, at PCC headquarters, in Bhopal, Wednesday early morning, Dec. 12, 2018. (PTI Photo)(PTI12_12_2018_000055)

मध्य प्रदेश में सरकार बनाने को तैयार कांग्रेस के कई बड़े नेता चुनाव हार गए

230 सीटों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में 114 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस के कई दिग्गजों को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.

Bhopal: Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan addresses a press conference at his residence before submitting his resignation to Governor Anandiben Patel, in Bhopal, Wednesday, Dec. 12, 2018. (PTI Photo)(PTI12_12_2018_000083)

मध्य प्रदेश: चुनाव मैदान में उतरे शिवराज के 27 में से 13 मंत्री हार गए

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान के मंत्रिमंडल में उन्हें मिलाकर कुल 32 मंत्री थे, जिनमें से 27 ने चुनाव लड़ा था. 14 मंत्री अपनी सीट बचाने में सफल रहे. इनमें से कई काफी जद्दोजहद के बाद जीत दर्ज कर सके.

Lucknow: Bahujan Samaj Party supremo Mayawati addresses a press conference, in Lucknow, Sunday, Sept 16, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar)

मध्य प्रदेश: सरकार बनाने के करीब कांग्रेस, बसपा और सपा ने समर्थन दिया

भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेगी. मध्य प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस्तीफा देते हुए कहा, ‘हमें बहुमत नहीं मिला है. हम सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेंगे. मैं गवर्नर को इस्तीफा सौंपने जा रहा हूं.’

Chitrakoot: Congress President Rahul Gandhi with MPCC President Kamal Nath (2nd L), party MP Jyotiraditya Scindia (3rd R) and other leaders during a public meeting in Chitrakoot, Thursday, Sept 27, 2018. (AICC Photo via PTI) (PTI9_27_2018_000139B)

मध्य प्रदेश: कांग्रेस को 114, भाजपा को 109 सीटें मिली, कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

भाजपा से निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिया इस्तीफा. प्रदेश में 230 सीटों वाली विधानसभा में किसी भी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए 116 सीटें होनी जरूरी हैं. किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है. सपा और बसपा ने कांग्रेस को समर्थन दिया है.

Bhopal: Congress State President Kamal Nath, party leaders Jyotiraditya Scindia, Digvijaya Singh and other leaders display victory sign after the party's win in state Assembly elections, at PCC headquarters, in Bhopal, Wednesday early morning, Dec. 12, 2018. (PTI Photo)(PTI12_12_2018_000055)

मध्य प्रदेश: सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों में से 114 पर कांग्रेस, 109 पर भाजपा, दो पर बसपा, एक सीट पर सपा और चार सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली. बहुमत के लिए 116 सीटों की ज़रूरत होती है.

(फोटो: रॉयटर्स)

भोपाल के जिस रूम में रखी गई थीं ईवीएम, वहां बंद हो गए थे सीसीटीवी कैमरे: चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने स्वीकार किया है कि भोपाल के जिस स्ट्रांग रूम में मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम रखी गई थी, वहां बिजली जाने की वजह से करीब एक घंटे सीसीटीवी कैमरे बंद थे और इस बीच रिकॉर्डिंग नहीं हो पाई थी.

यह तस्वीर मध्य प्रदेश कांग्रेस के ​आधिकारिक ट्विटर पेज से साझा किया गया था. आरोप है कि भाजपा के प्रत्याशी और राज्य के गृह मंत्री के होटल में इन ईवीएम को रखा गया था.

मध्य प्रदेश: मतदान बाद ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सवाल, कांग्रेस ने की चुनाव आयोग से शिकायत

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने खुरई, सतना और भोपाल में ईवीएम से संबंधित कई ग​ड़बड़ियों की शिकायत की है. कांग्रेस का आरोप है कि खुरई विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम गृहमंत्री के होटल में रखवाई गई थीं, जिन्हें 48 घंटे बाद सागर पहुंचाया गया.

बुदनी बस स्टैंड. (फोटो: दीपक गोस्वामी/द वायर)

बुदनी: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र का क्या है हाल?

मध्य प्रदेश की बुदनी सीट से तीन बार विधायक रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर यहीं से चुनाव मैदान में हैं. कांग्रेस ने उनके ख़िलाफ़ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को उतारा है.

एक रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया व अन्य (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: क्यों राहुल गांधी चुनाव में पैराशूट उम्मीदवार न उतारने के अपने वादे से पलट गए?

विशेष रिपोर्ट: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भोपाल में आयोजित कार्यकर्ता संवाद के दौरान कहा था कि विधानसभा चुनाव के ऐन समय पर दल बदलकर कांग्रेस में आने वाले नेताओं को पार्टी टिकट नहीं देगी लेकिन अब पार्टी ने दर्जनभर दलबदलुओं को अपना प्रत्याशी बनाया है.

मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव. (फोटो साभार: ट्विटर)

शिवराज ने मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखाकर मध्य प्रदेश पर 15 साल तक राज किया: अरुण यादव

साक्षात्कार: मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ख़िलाफ़ बुदनी सीट से चुनाव मैदान में उतारा है. मुख्यमंत्री से उनकी चुनावी भिड़ंत और प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति पर दीपक गोस्वामी की उनसे बातचीत.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह. (फाइल फोटो: पीटीआई)

दस साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह इतने सन्नाटे में क्यों हैं?

विशेष रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में कांग्रेस के आख़िरी मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह चुनाव प्रचार से पूरी तरह से ग़ायब हैं. क्या उन्हें हाशिये पर धकेला जा चुका है या फिर उन्हें पर्दे के पीछे रखना चुनावी रणनीति का हिस्सा है?

Bhopal: Senior Congress leader Digvijay Singh along with party activists appeal to shopkeepers and public to support Bharat Bandh called by Congress Party in relation to fuel price hike, in Bhopal, Saturday, Sept 8, 2018. (PTI Photo) (PTI9_8_2018_000154B)

मेरे भाषण देने से कांग्रेस के वोट कटते हैं, इसलिए प्रचार करने नहीं जाता: दिग्विजय सिंह

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह एक वीडियो में ऐसा कहते नज़र आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि मीडिया इस वीडियो को सही परिप्रेक्ष्य में नहीं दिखा रहा है.