महबूबा मुफ़्ती

नईम अख़्तर. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीरः पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के दो नेताओं पर लगा पीएसए हटा

पीडीपी नेता नईम अख़्तर और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता हिलाल लोन को पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के बाद प्रशासन ने हिरासत में लिया गया था. अब पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती मुख्यधारा की आख़िरी नेता हैं, जिन्हें पीएसए के तहत हिरासत में रखा गया है.

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता पर लगा पीएसए हटाया, रिहाई का आदेश

पिछले साल अगस्त में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के बाद प्रशासन ने राज्य के मुख्यधारा के कई नेताओं समेत राजनीतिक कार्यकर्ताओं को नज़रबंद कर दिया था या फिर हिरासत में ले लिया था. इनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव अली मोहम्मद सागर भी शामिल थे.

**FILE PHOTO** Jammu: In this file photo dated March 4, 2017, Jammu and Kashmir Chief Minister Mehbooba Mufti looks on during the Red Cross Mela at Gulshan Ground in Jammu. BJP on Tuesday, June 19, 2018, has pulled out of the alliance government with Mehbooba Mufti-led People's Democratic Party in Jammu & Kashmir. (PTI Photo) (PTI6_19_2018_000085B)

सुप्रीम कोर्ट ने महबूबा मुफ्ती की हिरासत पर जम्मू कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी किया

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत लिए जाने को उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. पिछले साल अगस्‍त में राज्य का विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने के बाद से ही महबूबा नज़रबंद हैं.

New Delhi: BJP President Amit Shah interacts with media at his residence, in New Delhi, Friday, Feb.1, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI2_1_2019_000126B)

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों की रिहाई पर स्थानीय प्रशासन फ़ैसला लेगा, मैं नहीं: शाह

बीते अगस्त में केंद्र सरकार के जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और केंद्र शासित प्रदेश बनाकर दो हिस्सों में बांटने के फ़ैसले के पहले से तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत कई स्थानीय नेता हिरासत में हैं.

(फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: 5 अगस्त के बाद से 450 लोगों की विदेश यात्रा पर लगी है अस्थायी रोक

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने राज्य का विशेष दर्जा ख़त्म करने और दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के बाद यहां के साढ़े चार सौ से अधिक कारोबारियों, पत्रकारों, वकीलों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की एक सूची तैयार की है, जिनके विदेश जाने पर रोक लगाई गई है. प्रशासन ने किसी भी व्यक्ति को नहीं बताया है कि यह प्रतिबंध कब तक रहेगा.

उमर अब्दुल्ला, सफिया अब्दुल्ला और फ़ारूक़ अब्दुल्ला (फोटो: फाइल/ट्विटर)

उमर और फ़ारूक़ छला हुआ महसूस कर रहे हैं, वे चुप नहीं बैठेंगे: सफ़िया अब्दुल्ला

द वायर के साथ एक विशेष साक्षात्कार में सफ़िया अब्दुल्ला ख़ान ने बताया कि उनके पिता फ़ारूक़ अब्दुल्ला पर पीएसए लगाए जाने से पूरा परिवार हैरान है.

नजीर अहमद रोंगा. (फोटो: फेसबुक)

मतदान के लिए प्रोत्साहित करने वाले कश्मीरी वकील विरोध प्रदर्शन के डर से हिरासत में

कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नजीर अहमद रोंगा को जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करने से एक दिन पहले 4 अगस्त को पीएसए के तहत गिरफ़्तार किया गया था. आरोप है कि वे इस निर्णय को लेकर लोगों को प्रभावित कर सकते थे.

A Kashmiri man holds stones during clashes with Indian security forces, after scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 23, 2019. REUTERS/Adnan Abidi

अनुच्छेद 370: सरकार ने कश्मीरियों के घाव पर मरहम की जगह नमक रगड़ दिया है

श्रीनगर से ग्राउंड रिपोर्ट: मुख्यधारा के मीडिया में आ रही कश्मीर की ख़बरों में से 90 प्रतिशत झूठी हैं. कश्मीर के हालात मामूली प्रदर्शनों तक सीमित नहीं हैं और न ही यहां कोई सड़कों पर साथ मिलकर बिरयानी खा रहा है.

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक. (फोटो: पीटीआई)

चुनाव में लोगों से कह देंगे कि ये 370 के हिमायती हैं, तो लोग जूतों से मारेंगे: सत्यपाल मलिक

जम्मू कश्मीर में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद करने पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि आतंकवादियों और पाकिस्तान के लिए यह ज़्यादा उपयोगी है. इसका इस्तेमाल झूठ फैलाने और बरगलाने के लिए किया जाता है.

A Kashmiri woman shows her hand with a message as others shout slogans during a protest after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 11, 2019. REUTERS/Danish Siddiqui

चित्रकथा: जम्मू कश्मीर में बीते तीन हफ़्तों का सूरत-ए-हाल बयां करतीं तस्वीरें

बीते पांच अगस्त को केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के निर्णय लिया गया था.

A Kashmiri woman walks past a bus used as a road block by Indian security personnel during restrictions after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the government, in Srinagar, August 11, 2019. REUTERS/Danish Siddiqui

जम्मू कश्मीर: यह ख़ामोशी ही इस वक़्त की सबसे ऊंची आवाज़ है

सूचना के इस युग में किसी सरकार का इतनी आसानी से एक पूरी आबादी को बाकी दुनिया से काट देना दिखाता है कि हम किस ओर बढ़ रहे हैं.

Srinagar: IAS officer Shah Faesal addresses a press conference after announcing his resignation, in Srinagar, Friday, Jan. 11, 2019. Faesal, who has been in the limelight since becoming the first Kashmiri to top the civil services exam in 2009, announced his resignation on January 9 through social media to protest the "unabated" killings in Kashmir and the marginalisation of Indian Muslims.(PTI Photo)(PTI1_11_2019_000092B)

विदेश जा रहे शाह फैसल को दिल्ली हवाईअड्डे से हिरासत में लिया गया, वापस श्रीनगर भेजे गए

पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल को वापस श्रीनगर भेज दिया गया, जहां उन्हें जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया.

New Delhi: Jammu and Kashmir National Conference President Farooq Abdullah addresses an all party condolence meeting organised for former prime minister Atal Bihari Vajpayee, in New Delhi on Monday, Aug 20, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI8_20_2018_000249B)

शाह ने कहा- फ़ारूक़ अब्दुल्ला को गिरफ़्तार नहीं किया गया, फ़ारूक़ ने कहा- संसद में झूठ बोल रहे

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और सांसद फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले 70 सालों से इन लोगों ने इस राज्य के लोगों की पीठ में छूरा भोंका है. मैं अपना सीना ताने खड़ा हूं… मेरी पीठ पर नहीं मेरे सीने पर गोली चलाओ.

New Delhi: Congress MP Adhir Ranjan Chowdhury speaks in the Lok Sabha during the ongoing Budget Session of Parliament, in New Delhi, Tuesday, Aug 6, 2019. (LSTV/PTI Photo) (PTI8_6_2019_000020B)

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पूछा, जम्मू कश्मीर आंतरिक मामला है या द्विपक्षीय?

लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने जम्मू कश्मीर संबंधी संकल्प पेश किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को स्थित स्पष्ट करनी चाहिए.

New Delhi: Union Home Minister Amit Shah speaks during the resolution on Kashmir in the Lok Sabha, in New Delhi, Tuesday, Aug 6, 2019. (LSTV/PTI Photo) (PTI8_6_2019_000028B)

जम्मू कश्मीर में पीओके और अक्साई चीन समाहित हैं, जान दे देंगे इसके लिए: अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक और अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को ख़त्म करने संबंधी संकल्प पेश किया.