महाराष्ट्र सरकार

हर्षाली पोतदार (फोटो साभार: फेसबुक/@harshali.potdar)

महाराष्ट्र: फेसबुक पोस्ट शेयर करने पर सामाजिक कार्यकर्ता गिरफ़्तार, कुछ घंटों में हुई रिहाई

मुंबई की सामाजिक कार्यकर्ता हर्षाली पोतदार का नाम एल्गार परिषद मामले में मुख्य आरोपी के तौर पर दर्ज है. उन्होंने बताया कि सोमवार को उन्हें कथित तौर पर एक फेसबुक पोस्ट साझा करने के आरोप में पुलिस ने ग़ैर क़ानूनी तरीके से हिरासत में लिया था.

(फोटो: पीटीआई)

अर्णब गोस्वामी बनाम अन्य: क्या सुप्रीम कोर्ट की नज़र में सभी नागरिक समान नहीं हैं?

हाल ही में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को ज़मानत देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट एवं ज़िला न्यायालयों को निर्देश दिया कि वे बेल देने पर जोर दें, न कि जेल भेजने में. सवाल ये है कि क्या ख़ुद शीर्ष अदालत हर एक नागरिक पर ये सिद्धांत लागू करता है या फिर रसूख वाले और सत्ता के क़रीबी लोगों को ही इसका लाभ मिल पा रहा है?

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

न्यायपालिका को अवमानना सुनवाई पर कीमती समय बर्बाद नहीं करना चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस शिंदे ने कहा कि आलोचना के लिए न्यायपालिका को तैयार होना चाहिए, क्योंकि अवमानना की सुनवाइयों में कीमती न्यायिक समय बर्बाद होता है और ज़रूरी मुद्दे नहीं सुने जाते.

अर्णब गोस्वामी (फोटो साभार: ट्विटर)

आत्महत्या मामला: महाराष्ट्र पुलिस ने अर्णब गोस्वामी और दो अन्य के ख़िलाफ़ प्रमुख आरोप हटाए

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को 2018 में हुए एक इंटीरियर डिज़ाइनर और उनकी मां की आत्महत्या से जुड़े मामले में अलीबाग पुलिस ने बीते नवंबर माह में गिरफ़्तार किया था. इस मामले में अब पुलिस ने 1,914 पेजों की चार्जशीट दाख़िल की है.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

लोकतंत्र में सरकारी कार्यालयों को आलोचना का सामना करना पड़ता है: बॉम्बे हाईकोर्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अगर हम युवाओं को उनके विचार अभिव्यक्त नहीं करने देंगे तो उन्हें कैसे पता चलेगा कि वे जो अभिव्यक्त कर रहे हैं, वह सही है या ग़लत.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

सुप्रीम कोर्ट ने अर्णब की अंतरिम ज़मानत अवधि बढ़ाई, कहा बेल याचिकाओं पर विचार करें कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने अर्णब गोस्वामी मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट एवं ज़िला अदालतों को निर्देश दिया है कि लंबित ज़मानत याचिकाओं की समस्या का समाधान करने के लिए तत्काल क़दम उठाएं और इस संबंध में अपने फैसलों में जीवन एवं स्वतंत्रता के अधिकार को पर्याप्त महत्व दें.

कंगना रनौत. (फोटो: पीटीआई)

कोर्ट ने कंगना रनौत की बिल्डिंग पर बीएमसी की कार्रवाई ख़ारिज की, कहा- यह दुर्भावना से प्रेरित

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि किसी नागरिक के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान के चलते सरकार ऐसे दुर्भावनापूर्ण क़दम नहीं उठा सकती है. कोर्ट ने कंगना रनौत के बयान को भी अस्वीकार किया और कहा कि उन्हें सार्वजनिक टिप्पणी करते वक़्त सावधानी बरतनी चाहिए. बीते नौ सितंबर को बीएमसी अभिनेत्री के बांद्रा स्थित बंगले में हुए ‘अवैध निर्माणों’ को ढहा दिया था.

शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक. (फोटो: फेसबुक/@sarnaikpratap)

अर्णब के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने वाले शिवसेना विधायक के यहां ईडी के छापे

शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्य सरकार के अन्य मंत्रियों के ख़िलाफ़ टिप्पणी के लिए रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया था. सरनाईक ने अभिनेत्री कंगना रनौत के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई के लिए भी विधानसभा में एक प्रस्ताव लाए जाने की मांग की थी.

New Delhi: A medic takes blood samples for serological survey to analyse the spread of COVID-19, at Paharganj in New Delhi, Saturday, June 27, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI27-06-2020 000189B)

कोविड-19: महाराष्ट्र में प्रवेश के लिए आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव होना अनिवार्य

महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और गोवा से आने वाले लोगों के पास अगर जांच रिपोर्ट नहीं होगी तो उन्हें राज्य में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा.

दुष्यंत दवे. (फोटो साभार: मंथन संवाद)

वकील दुष्यंत दवे ने पत्र लिखकर पूछा, अर्णब गोस्वामी की याचिका पर तत्काल सुनवाई क्यों?

दुष्यंत दवे के इस पत्र पत्र अर्णब गोस्वामी की पत्नी ने भी पत्र लिखकर आरोप लगाया कि वह उन्हें निशाना बना रहे हैं. उन्होंने पत्रकार विनोद दुआ और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के मामलों का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये मामले तत्काल सूचीबद्ध किए गए थे, लेकिन दुष्यंत दवे ने इन पर कोई टिप्पणी नहीं की थी.

अर्णब गोस्वामी. (फोटो: पीटीआई)

आत्महत्या के लिए उकसाने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी को अंतरिम ज़मानत दी

इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि हम व्यक्तिगत आज़ादी को ध्वस्त करने के रास्ते पर हैं. इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने दो लोगों की आत्महत्या से जुड़े इस मामले में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को ज़मानत देने से इनकार कर दिया था.

अर्णब गोस्वामी को ले जाते पुलिसकर्मी. (फोटो साभार: रिपब्लिक/वीडियोग्रैब)

अर्णब गोस्वामी को राहत नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- ज़मानत के लिए निचली अदालत में जाएं

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को 2018 में हुई एक इंटीरियर डिज़ाइनर की आत्महत्या से जुड़े मामले में चार नवंबर को उनके घर से गिरफ़्तार किया गया था, जिसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें और दो अन्य आरोपियों को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

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अर्णब गोस्वामी गिरफ़्तारी: आरफ़ा ख़ानम शेरवानी बनाम सिद्धार्थ वरदराजन

वीडियो: दो लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को बीते चार नवंबर को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ़्तार किया था. इस मुद्दे पर द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

अर्णब गोस्वामी. (फोटो: पीटीआई)

पुलिस से मारपीट के आरोप में अर्णब गोस्वामी, उनकी पत्नी, बेटे और दो अन्य के ख़िलाफ़ केस दर्ज

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को 2018 में एक इंटीरियर डिज़ाइनर और उनकी मां की आत्महत्या मामले में बीते चार नवंबर को गिरफ़्तार किया गया था. उन्हें 18 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

अर्णब गोस्वामी. (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र: अर्णब गोस्वामी को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को 2018 में हुए एक इंटीरियर डिज़ाइनर और उनकी मां की आत्महत्या से जुड़े मामले में अलीबाग पुलिस द्वारा बुधवार सुबह उनके घर से गिरफ़्तार किया गया था. छह घंटे तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने दो अन्य आरोपियों को भी 18 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.