महिलाएं

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोर्ट की हिदायत, धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश की आड़ में विवाहित युवक-युवती को परेशान न करे पुलिस

तीन साल पहले अंतर धार्मिक विवाह करने वाले युवक-युवती ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल में धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश लागू किए जाने के बाद से अमेठी पुलिस उन्हें प्रताड़ित कर रही है.

Prayagraj: People undergo thermal screening outside Allahabad High Court, during the fifth phase of COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Monday, June 8, 2020. (PTI Photo)  (PTI08-06-2020_000147B)

स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत नोटिस का अनिवार्य प्रकाशन निजता के अधिकार का उल्लंघन: हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी के लिए 30 दिन पहले नोटिस का अनिवार्य प्रकाशन कराना स्वतंत्रता और निजता के मूल अधिकार का उल्लंघन है. अब से नोटिस का प्रकाशन विवाह के इच्छुक पक्षों के लिए वैकल्पिक होगा.

शिवराज सिंह चौहान. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश की राज्यपाल ने धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश को मंज़ूरी दी

मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने बीते 29 दिसंबर को धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश-2020 को मंज़ूरी दी थी. इस क़ानून के ज़रिये धर्मांतरण के मामले में अधिकतम 10 साल की क़ैद और 50 हज़ार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

Prayagraj: People undergo thermal screening outside Allahabad High Court, during the fifth phase of COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Monday, June 8, 2020. (PTI Photo)  (PTI08-06-2020_000147B)

धर्मांतरण के आरोप में केस दर्ज होने के एक महीने बाद यूपी सरकार ने कहा, नहीं मिले सबूत

इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान एक हलफ़नामा दाख़िल कर यूपी सरकार की ओर से अदालत को ये जानकारी दी गई. उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी क़ानून लागू होने के एक दिन बाद बीते साल 29 नवंबर को मुजफ़्फ़रनगर में दो मुस्लिम दिहाड़ी मज़दूरों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया था.

(फोटो: रॉयटर्स)

‘लव जिहाद’ क़ानून: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को मिला सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लागू नए धर्मांतरण रोधी क़ानूनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं. सीजेआई एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने इन क़ानूनों पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि राज्य सरकारों का पक्ष सुने बिना कोई आदेश नहीं दिया जा सकता.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

यूपी: बरेली पुलिस ने कहा- जबरन धर्मांतरण मामले में मुस्लिम युवकों को फंसाया गया

मामला बरेली ज़िले का है, जहां एक जनवरी को 24 साल की एक महिला पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव डालने के आरोप में तीन मुस्लिम युवकों पर मामला दर्ज किया गया था. पुलिस का कहना है कि जांच में तीनों युवकों पर लगाए गए आरोप ग़लत पाए गए हैं.

फैजान मुस्तफा. (फोटो साभार: फेसबुक)

धर्मांतरण रोधी क़ानून धर्मनिरपेक्षता, निजता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन: फ़ैज़ान मुस्तफ़ा

जाने-माने विधि विशेषज्ञ फ़ैज़ान मुस्तफ़ा ने कहा कि धर्मांतरण रोधी क़ानून हिंदुत्व के विचार, जो हमारी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा रहा है, को भी ख़त्म करता है. हमारे यहां स्वयंवर का प्रावधान था, उसमें दुल्हन को अपना पति चुनने की आज़ादी थी. अब हम कह रहे हैं कि उन्हें कोई बेवकूफ़ बना सकता है, वो अपने फ़ैसले नहीं ले सकती हैं.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस के डीएम का तबादला, पीड़ित परिवार ने कहा- उन्हें बर्ख़ास्त करने की मांग करते रहेंगे

हाथरस के ज़िलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार पिछले साल सितंबर महीने में एक दलित लड़की से कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी मौत के मामले में अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में आए थे. आरोप है कि लड़की की मौत के बाद प्रशासन ने परिवार की सहमति के बिना आधी रात में उसका अंतिम संस्कार कर दिया था.

(फोटो साभार: ​इंडिया रेल इंफो)

धर्मांतरण रोधी क़ानून के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस ने पहली चार्जशीट दाख़िल की

उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले का मामला. 22 वर्षीय युवक पर एक दलित युवती का अपहरण और बलात्कार करने का आरोप है. पुलिस ने अपहरण, बलात्कार और नए धर्मांतरण रोधी कानून से संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर युवक को बीते 10 दिसंबर को गिरफ़्तार किया था.

Patna: Union Defence Minister and senior BJP leader Rajnath Singh speaks during the party's Jan Jagran programme on removal of Article 370, in Patna, Sunday, Sept. 22, 2019. (PTI Photo) (PTI9_22_2019_000057B)

शादी के लिए धर्म परिवर्तन उचित नहीं, सामूहिक धर्म परिवर्तन बंद हो: राजनाथ सिंह

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कई जगह सामूहिक धर्म परिवर्तन का सिलसिला चलाया जा रहा है. ये सिलसिला बंद होना चाहिए. उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश के बाद बीते मंगलवार को भाजपा शासित मध्य प्रदेश ने तथाकथित ‘लव जिहाद’ को राेकने के नाम पर क़ानून पारित किया है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (फोटो: Shivraj Singh Chouhan/facebook)

मध्य प्रदेश ने भी धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश को मंज़ूरी दी

मध्य प्रदेश से पहले भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी ऐसा क़ानून पारित किया जा चुका है, जिसमें छल-कपट, प्रलोभन देकर या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर विभिन्न श्रेणियों के तहत सज़ा का प्राव​धान किया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेश: धर्मातरण रोधी क़ानून के तहत एक महीने में 14 केस दर्ज, 51 लोग गिरफ़्तार

इन 14 दर्ज मामलों में से 13 में आरोप लगाया गया है कि हिंदू महिला को इस्लाम क़बूलने के लिए मजबूर किया गया है. इसमें से सिर्फ़ दो मामलों में ही संबंधित महिला ने शिकायत दर्ज कराई है, बाकी के 12 मामलों में लड़की के परिजनों ने केस दर्ज कराया है.

जदयू नेता केसी त्यागी. (फोटो द वायर)

जदयू विवाह के लिए धर्मांतरण के ख़िलाफ़ क़ानून के पक्ष में नहीं: केसी त्यागी

बिहार में भाजपा के सहयोगी दल जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद केसी त्यागी ने कहा कि समाजवादियों ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के दिनों से ही वयस्कों के विवाह के अधिकार को बरक़रार रखा है, चाहे वह किसी भी जाति और संप्रदाय में हो.

योगी आदित्यनाथ. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

यूपी: धर्मांतरण रोधी क़ानून के तहत हर दिन एक से अधिक गिरफ़्तारी, एक महीने में 35 लोग गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा धर्मांतरण विरोधी क़ानून लागू किए एक महीने हो चुके हैं. इसके तहत शादी के लिए छल-कपट, प्रलोभन या बलपूर्वक धर्म परिवर्तन कराए जाने पर अधिकतम 10 साल के कारावास और जुर्माने की सज़ा का प्रावधान है. उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां ये ऐसा क़ानून लागू हुआ है.

योगी आदित्यनाथ (फोटो साभार: ट्विटर//@myogiadityanath)

योगी सरकार के अंतरधार्मिक विवाहों को निशाना बनाने के पीछे मनु के आदर्श फैलाने की मंशा है

योगी आदित्यनाथ सरकार के नए क़ानून का उद्देश्य केवल ध्रुवीकरण नहीं बल्कि स्त्रियों को उनके अधिकारों और अपने लिए निर्णय लेने की उनकी क्षमता से उन्हें वंचित करना भी है.