महिलाओं की भागीदारी

(फोटो: पीटीआई)

हाईकोर्ट में अधिक महिला जजों की नियुक्ति की मांग लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा महिला वकीलों का संघ

सुप्रीम कोर्ट महिला वकील संघ ने वकील स्नेहा कलीता के ज़रिये दायर याचिका में न्यायपालिका में महिलाओं की उचित भागीदारी की मांग की है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के बीते 71 सालों के कामकाज में 247 जजों में से सिर्फ आठ महिलाएं थीं. मौजूदा समय में जस्टिस इंदिरा बनर्जी सुप्रीम कोर्ट की एकमात्र महिला जज हैं.

फुमजिले म्लाम्बो नगकुका. (फोटो: रॉयटर्स)

शांति वार्ताओं में 20 साल बाद भी महिलाओं की समान भागीदारी नहीं: संयुक्त राष्ट्र एजेंसी

लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ‘यूएन वुमेन’ की प्रमुख फुमजिले म्लाम्बो नगकुका ने कहा कि महिलाओं को संघर्षों को समाप्त करने के लिए होने वाली वार्ताओं से अब भी सोच-समझकर बाहर रखा जाता है और इन वार्ताओं में पुरुष उनके जीवन को प्रभावित करने वाले फैसले लेते हैं.

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द वायर बुलेटिन: उत्तर प्रदेश में होलिका दहन की रात मुस्लिम बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या

पिछले छह साल में रोजगार की तलाश करने वाली ग्रामीण महिलाओं की संख्या में आई 2.8 करोड़ की गिरावट समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

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पिछले छह साल में रोजगार की तलाश करने वाली ग्रामीण महिलाओं की संख्या में 2.8 करोड़ की कमी आई

साल 2004-05 से अब तक पांच करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएं राष्ट्रीय बाजार की नौकरियां छोड़ चुकी हैं. ये आंकड़े एनएसएसओ की पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) 2017-18 की रिपोर्ट पर आधारित हैं जिन्हें जारी करने पर मोदी सरकार ने रोक लगा दी है.

(फोटो साभार: आज़ाद फ़ाउंडेशन)

‘पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्र में काम कर रहीं महिलाएं समाज की रूढ़िवादी सोच को तोड़ती हैं’

दिल्ली में हुए एक कॉन्फ्रेंस में निर्माण कार्य, इलेक्ट्रिशियन, मोटर मैकेनिक, पशु चिकित्सक और कैब ड्राइवर जैसे पुरुष वर्चस्व वाले क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए.