माओवादी

(फोटो: पीटीआई)

एनआईए ने गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए कहा- आरोपी ने सोशल मीडिया पर लाल सलाम, कॉमरेड लिखा था

एनआईए ने असम के किसान नेता अखिल गोगोई और उनके सहयोगियों के ख़िलाफ़ दायर चार्जशीट में ये कहा है. गोगोई के संगठन ने आरोप लगाया है कि एनआईए उनके सदस्यों को माओवादी ठहराने की कोशिश कर रही है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

क्वारंटीन सेंटर की बदहाली दिखाने पर उत्तर प्रदेश में पत्रकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मामला उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले का है. एक न्यूज़ पोर्टल के पत्रकार रविंद्र सक्सेना को सरकारी काम में बाधा डालने, आपदा प्रबंधन और हरिजन एक्ट आदि के तहत आरोपी बनाया गया है.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो: पीटीआई)

भीमा-कोरेगांव: तेलतुम्बड़े की अंतरिम जमानत याचिका खारिज, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

70 वर्षीय दलित अधिकार कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े ने जेल में कोविड-19 से संक्रमित होने का खतरा बताते हुए जमानत अर्जी दी थी. एनआईए ने स्वीकार किया कि उनका एक सहायक सब इंस्पेक्टर कोविड-19 से संक्रमित पाया गया है. इसके बाद भी अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी.

Pune: Activist Anand Teltumbde (black pullover) leaves after Pune District and Sessions Court released him in Bhima Koregaon case, in Pune, February 2, 2019. (PTI Photo) (PTI2_2_2019_000195B)

25 अप्रैल तक हिरासत में रहेंगे तेलतुम्बड़े, एनआईए ने कहा- जांच अभी पूरी नहीं हुई

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जाने-माने कार्यकर्ता और लेखक आनंद तेलतुम्बड़े ने 14 अप्रैल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी के समक्ष आत्मसमर्पण किया था जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा (फोटोः पीटीआई)

तेलतुम्बड़े और नवलखा की गिरफ़्तारी भारत के राजनीतिक इतिहास में ओछेपन का नया स्तर: पीयूडीआर

पीपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स ने कहा कि लॉकडाउन के बीच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं- आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा की गिरफ़्तारी भारत में मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दों को उठाने वाले कार्यकर्ताओं, वकीलों और पत्रकारों को चुप कराने के केंद्र सरकार के प्रयासों को मज़बूत करती है.

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा (फोटोः पीटीआई)

भीमा-कोरेगांव: आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा का आत्मसमर्पण, एनआईए ने किया गिरफ़्तार

नागरिक अधिकार कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा पर 31 दिसंबर, 2017 को पुणे में आयोजित एलगार परिषद की बैठक में भड़काऊ भाषण देने के आरोप हैं, जिसके बाद पुणे के भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की थी.

सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

90 दिन में आरोपपत्र नहीं दाखिल होने पर अखिल गोगोई को मिली जमानत, लेकिन नहीं होगी रिहाई

असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई को तीन अन्य लंबित मामलों के कारण जेल से रिहा नहीं किया जाएगा.

Guwahati: Krishak Mukti Sangram Samiti (KMSS) Advisior Akhil Gogoi waves black flags as he is detained along with supporters in bus, during a protest before the arrival of BJP President Amit Shah at Panjabari in Guwahati on Sunday. PTI Photo (PTI5_20_2018_000056B)

असम के किसान नेता अखिल गोगोई को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

विशेष अदालत ने उनकी हिरासत 10 दिन बढ़ाने के लिए एनआईए की अर्जी खारिज कर दी. गोगोई को यूएपीए कानून के तहत 12 दिसंबर को जोरहाट से तब गिरफ्तार किया था, जब असम में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहा था.

Guwahati: Activists of Krishak Mukti Sangram Samiti (KMSS) adviser Akhil Gogoi and others raise slogans during a protest against the Citizenship Amendment Bill (CAB), in Guwahati, Thursday, Dec. 5, 2019. (PTI Photo)(PTI12_5_2019_000049B)

नागरिकता क़ानून: असम के सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई के आवास पर एनआईए ने की छापेमारी

असम में नागरिकता क़ानून को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई को यूएपीए के तहत मामला दर्ज 12 दिसंबर को गिरफ़्तार किया गया था. असम की एक अदालत ने उन्हें 17 दिसंबर को 10 दिन की एनआईए की हिरासत में भेज दिया था.

Guwahati: Activists of Krishak Mukti Sangram Samiti (KMSS) adviser Akhil Gogoi and others raise slogans during a protest against the Citizenship Amendment Bill (CAB), in Guwahati, Thursday, Dec. 5, 2019. (PTI Photo)(PTI12_5_2019_000049B)

नागरिकता क़ानून प्रदर्शन: असम के सामाजिक कार्यकर्ता अखिल गोगोई पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज

राज्य में नागरिकता क़ानून को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच अखिल गोगोई को बीते गुरुवार को गिरफ़्तार किया गया था. शनिवार को दायर एफआईआर में एनआईए ने नए यूएपीए क़ानून के तहत मामला दर्ज करते हुए भाकपा माओवादी से संबद्ध बताया है.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

छत्तीसगढ़: सरकेगुडा फ़र्ज़ी एनकाउंटर मामले में कार्रवाई की मांग

छत्तीसगढ़ नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के सरकेगुडा में साल 2012 में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 17 लोगों को मार गिराने का दावा किया था. इसमें छह नाबालिग भी थे. मामले की न्यायिक जांच रिपोर्ट में पता चला है कि मारे गए लोग नक्सली नहीं, ग्रामीण थे.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

ग्रामीणों ने गोली नहीं चलाई, उनके माओवादी होने का सबूत नहीं: छत्तीसगढ़ ‘मुठभेड़’ जांच रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के सरकेगुडा गांव में जून 2012 को हुई कथित मुठभेड़ में छह नाबालिग समेत 17 लोगों की मौत हो गई थी. जांच रिपोर्ट में सुरक्षाबलों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं.

(फोटो साभार: swarajyamag.com)

माओवादी होने के संदेह के आधार पर व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता: केरल हाईकोर्ट

हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने एकल पीठ के फैसले को बरकार रखते हुए केरल सरकार की अपील खारिज कर दी, जिसमें एक व्यक्ति को माओवादी होने के संदेह में अवैध रूप से हिरासत में रखने के कारण एक लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था.

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अबूझमाड़ में ‘एनकाउंटर’ में मारे गए 10 आदिवासी और कुछ तथ्य

7 फरवरी को अबूझमाड़ के ताड़बल्ला में हुए एक कथित एनकाउंटर को ग्रामीण एक सुनियोजित हमला बता रहे हैं. उन्होंने मारे गए 10 युवाओं के शवों के क्षत-विक्षत होने और मृतक लड़कियों के साथ संभावित यौन शोषण की बात कही है.

(फोटो साभार: एएनआई)

ओडिशा: कंधमाल ज़िले में नक्सलियों ने महिला चुनाव अधिकारी की गोली मारकर हत्या की

पुलिस के अनुसार, माओवादियों ने ओडिशा के कंधमाल ज़िले के लोगों से मतदान का बहिष्कार करने को कहा था. ज़िले के फिरिंगिया पुलिस थाना इलाके के एक अन्य गांव में माओवादियों ने चुनाव अधिकारियों को मतदान केंद्र ले जा रहे वाहन में आग लगा दी.