मानव तस्करी

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वर्ष 2016 में 55,000 बच्चे अगवा हुए, बच्चों के ख़िलाफ़ अपराध में वृद्धि: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2016 में अगवा बच्चों के 40.4 फीसदी मामलों में ही आरोप पत्र दाखिल हुआ. वहीं, 2016 में देश में बच्चों के ख़िलाफ़ अपराध के 1,06,958 मामले दर्ज हुए, 2015 में इनकी संख्या 94,172 थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महिलाओं के लिहाज़ से भारत विश्व में सबसे ख़तरनाक देश: सर्वे

थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन के सर्वे में 193 देशों को शामिल किया गया था, जिनमें से महिलाओं के लिए बदतर शीर्ष 10 देशों का चयन किया गया. सूची में युद्धग्रस्त अफगानिस्तान और सीरिया दूसरे और तीसरे, सोमालिया चौथे और सउदी अरब पांचवें स्थान पर है.

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पिछले साल राज्य से लापता हुए ढाई हज़ार बच्चों का कोई सुराग नहीं: बिहार पुलिस

बिहार पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष राज्य में 18 वर्ष से कम आयु के 6139 बच्चे लापता हुए. जिनमें से 2546 का आज तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

झारखंड के सुदूर लापुंग के आदिवासी बहुल दहड़ा गांव की सोनी कुमारी दिल्ली में घरेलू कामगार के तौर पर काम करती थीं. ​बीते दिनों उनकी हत्या कर दी गई. (फोटो साभार: नीरज सिन्हा/द वायर)

झारखंड से ग्राउंड रिपोर्ट: रोज़गार-ग़रीबी के दर्द के बीच कब टूटेगा मानव तस्करी का जाल?

वेतन मांगने की वजह से दिल्ली में एक घरेलू कामगार सोनी कुमारी की निर्मम हत्या कर दी गई. झारखंड से लापता हुईं सोनी के परिवारवालों को उनकी हत्या से पहले तक पता ही नहीं था कि वह दिल्ली में हैं.

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मानव तस्करी में पश्चिम बंगाल सबसे आगे, राजस्थान दूसरे नंबर पर

देश में वर्ष 2016 में मानव तस्करी के मामले में पश्चिम बंगाल सबसे आगे रहा और दूसरे नंबर पर राजस्थान का नाम है. केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली सबसे आगे रहा.